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Palm Oil क्या होता है और इससे क्यों डरते हैं लोग? जानिए सेहत पर पाम ऑयल के प्रभाव

Palm Oil Side Effects: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से जानिए पाम ऑयल क्या होता है. ज्यादातर खाने की चीजों में यह तेल पाया जाता है. ऐसे में सेहत पर पाम ऑयल का क्या असर पड़ता है, जानिए यहां.

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पाम ऑयल से सेहत को क्या नुकसान होते हैं, जानिए यहां. AI Generated Image

Palm Oil Effects: पाम ऑयल पाम ट्री से आता है जिसे हिंदी में ताड़ का पेड़ कहा जाता है. यह एक सस्ता और वर्सेटाइल तेल है जिसका कई तरह से और अलग-अलग फूड्स में इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, खानपान के लेबल्स के पीछे भी अक्सर पाम ऑयल लिखा हुआ देखा जाता है. यह किसी भी खाद्य पदार्थ को मुख्यतौर पर चार तरीकों से प्रभावित करता है, यह खाने के टेक्सचर, फ्रेशनेस, स्टेबिलिटी और कुकिंग परफॉर्मेंस पर असर डालता है. लेकिन, अक्सर ही लोग पाम ऑयल के सेवन से डरते हैं. इसपर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ईट राइट इंडिया के तहत गाइडलाइंस जारी कर बताया है कि पाम ऑयल से सेहत पर क्या दुष्प्रभाव पड़ सकता है.

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पाम ऑयल का सेहत पर प्रभाव

पाम ऑयल किसी एक तरह के फैट से नहीं बना होता है. इसमें सैचुरेटेड फैट्स और अनसैचुरेटेड फैट्स दोनों होते हैं. इसमें सैचुरेटेड फैट्स की मात्रा 50% तक होती है. इसी चलते सेहत पर इसका दुष्प्रभाव देखा जाता है. सैचुरेटेड फैट्स का अत्यधिक मात्रा में सेवन करना LDL को बढ़ा सकता है. LDL कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के खतरे को देखकर ही पाम ऑयल के सेवन से बचा जाता है.

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क्या होता है LDL

LDL यानी लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन को गंदा कोलेस्ट्रॉल (Bad Cholesterol) कहा जाता है. शरीर में दो तरह का कोलेस्ट्रॉल होता है एक LDL और दूसरा HDL. अगर एलडीएल का लेवल शरीर में जरूरत से ज्यादा बढ़ने लगे तो इसे हाई कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है. यह हाई कॉलेस्ट्रोल या गंदा कॉलेस्ट्रोल शरीर की रक्त धमनियों में जम सकता है और दिल की बीमारी या स्ट्रोक का कारण बन सकता है. इसे समय रहते कम ना किया जाए तो व्यक्ति को हार्ट अटैक भी आ सकता है.

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पाम ऑयल की मात्रा का रखें ध्यान

FSSAI का कहना है कि पाम ऑयल के ओवरऑल इंटेक का ध्यान रखना जरूरी है. इसकी कितनी मात्रा ली जा रही है इसके मॉनीटर करना जरूरी है. अगर लेबल पर पाम ऑयल नहीं लिखा है तब भी इस प्रोडक्ट में शुगर, सॉल्ट या रिफाइंड स्टार्च की मात्रा ज्यादा हो सकती है. ऐसे में कोई भी तेल खुद से हेल्दी या अनहेल्दी नहीं होता है बल्कि इसकी कितनी मात्रा ली जा रही है यह उसपर निर्भर करता है कि इस तेल से सेहत पर क्या असर पड़ेगा. इसीलिए किसी भी तेल को मोडरेशन में लेना जरूरी है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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