8 घंटे सोने के बाद सुबह उठते ही क्यों होती है थकान? रिसर्च में बताई इसकी असल वजह

Body Tired: कई बार हमारे साथ ऐसा होता है कि पूरी नींद लेने के बाद भी शरीर थका हुआ फील करता है. ऐसा क्यों होता है, आइए  NCBI की एक रिसर्च के मुताबिक जानते हैं कि इसके क्या कारण हो सकते हैं.   

tired after taking 8 hours of sleep

सुबह की थकान कब नॉर्मल मानी जा सकती है? Image Credit- Freepik

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सुबह 7 से 8 घंटे की नींद लेने के बाद भी अगर उठते ही शरीर भारी या थका हुआ लगता है, आंखों में नींद रहती है और काम शुरू करने का मन नहीं करता तो इसका मतलब हमेशा यह नहीं होता कि आपने कम नींद ली है. कई बार सही सोने के बावजूद जागने के तुरंत बाद होने वाली सुस्ती का कारण स्लीप इनर्शिया हो सकता है. रिसर्च में इसे नींद से जागने के बीच का ऐसा इंफेक्शन बताया गया है, जिसमें कुछ समय के लिए दिमाग काम करना बंद कर देता है और शरीर थका हुआ रहता है. इसलिए इस बीमारी के बारे में विस्तार से जानना बहुत ही जरूरी है. 

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क्या है स्लीप इनर्शिया?

स्लीप इनर्शिया यानी नींद से जागने के तुरंत बाद महसूस होने वाली सुस्ती, उनींदापन या दिमाग का पूरी तरह एक्टिव न होना. इस दौरान, इंसान को उठने के बाद कुछ समय तक ध्यान लगाने, सोचने या काम शुरू करने में परेशानी महसूस हो सकती है. रिसर्च के मुताबिक, जागने के तुरंत बाद इसका असर सबसे ज्यादा होता है और आमतौर पर समय बीतने के साथ कम होता जाता है.

8 घंटे सोने के बाद भी क्यों हो सकती है थकान? | Tired After Taking 8 Hours of Sleep

गहरी नींद के बीच बार-बार आंख खुलना 

नींद एक प्रोसेस से होकर गुजरती है. अगर अलार्म ऐसे समय बजता है जब इंसान गहरी नींद में होता है तो जागने के बाद सुस्ती ज्यादा महसूस हो सकती है. रिसर्च में पाया गया है कि गहरी नींद से अचानक जागने पर स्लीप इनर्शिया ज्यादा हो सकती है. 

दिमाग को जगाने में लगता है समय

नींद से जागना कोई स्विच ऑन करने जैसा तुरंत होने वाला प्रोसेस नहीं है. रिसर्च के अनुसार, जागने के बाद दिमाग और शरीर के कुछ हिस्सों को पूरी तरह अलर्ट होने में समय लग सकता है. इसी दौरान इंसान को भारीपन और थकान महसूस हो सकता है.  

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पहले की नींद पूरी तरह अच्छी क्वालिटी की न हो

सिर्फ बिस्तर पर 8 घंटे बिताना काफी नहीं है. अगर रात में बार-बार नींद टूट रही है या नींद की क्वालिटी खराब है तो सुबह उठने पर थकान बनी रह सकती है. CDC भी पूरी नींद लेने के बावजूद लगातार थकान को खराब नींद की एक वजह मानी जाती है.  

सुबह की थकान कब नॉर्मल मानी जा सकती है?

अगर उठने के बाद कुछ देर तक सुस्ती रहती है और फिर आप नॉर्मल से एक्टिव महसूस करने लगते हैं तो यह स्लीप इनर्शिया का हिस्सा हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि एक रिसर्च के मुताबिक, नींद लेने वाले लोगों में इसका असर अक्सर लगभग 30 मिनट के अंदर काफी कम हो जाता है. 

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इसे कब नजरअंदाज ना करें 

अगर रोजाना पूरी नींद होने के बाद भी अगर सुबह बहुत ज्यादा थकान रहती है, दिनभर नींद आती है या नींद की समस्या लगातार बनी रहती है तो इसे सिर्फ नींद में कमी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कई बार ऐसा होना कुछ बीमारियों का हिस्सा हो सकता है. इसलिए आप बहुत ध्यान रखें और ज्यादा परेशानी हो तो डॉक्टर के बात करें.

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 अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source- NIH

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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