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बच्चे के दांत में कीड़ा लगने से कैसे रोकें? AIIMS के बाल दन्त रोग विशेषज्ञ ने बताया कैविटी के कारण और बचाव

Baby Tooth Cavity: बच्चे के दांतों को सड़ने से रोकने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है. इसी बारे में बता रहे हैं एम्स, दिल्ली के बाल दन्त रोग विशेषज्ञ. जानिए डॉक्टर क्या सलाह दे रहे हैं.

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बच्चों के दांतों में सड़न के क्या लक्षण हैं.

Tooth Cavity In Children: दांतों में सड़न एक ऐसी दिक्कत है जो बच्चों और बड़ों किसी को भी हो सकती है. बच्चों की बात करें तो बच्चों के दांतों में सफेद या काले धब्बे नजर आना कैविटी हो सकता है. इसी बारे में बताते हुए AIIMS, दिल्ली के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल से वीडियो पोस्ट किया गया है जिसमें बाल दन्त रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय प्रकाश माथुर ने बताया है कि बच्चे के दांतों में सड़न होने पर कैसे लक्षण दिखते हैं, यह सड़न क्यों होती है और इस सड़न को रोकने का क्या तरीका है. आप भी जान लीजिए डॉक्टर की सलाह.

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बच्चे के दांत में क्यों होती है सड़न

डॉ. विजय प्रकाश माथुर कहते हैं कि अगर आपके बच्चे के दांतों में सफेद या काले धब्बे हैं, रात के समय खाना फंस रहा है या खाना खाने के बाद बच्चे के दांत में दर्द होता है तो यह कैविटी यानी सड़न हो सकती है. इसे मेडिकल भाषा में अर्ली चाइल्डहुड केरीज भी कहते हैं. यह समस्या उन बच्चों को हो सकती है जो करीब 5 साल की उम्र के हैं. बच्चों के दांतों में सड़न होने पर सफेद, भूरे या काले धब्बे नजर आ सकते हैं.

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इस सड़न के कई कारण हो सकते हैं, जैसे बच्चे का ज्यादा मीठा खाना या पीना, चीनी वाला दूध, फार्मुला मिल्क, पैकेट वाला जूस, मिठाइयां, चॉक्लेट, कैंडी या कोई भी ऐसी चीज खाना जो दांतों में चिपक जाती है. इसमें नमकीन भी शामिल हो सकती है.

दांतों की ठीक से सफाई ना करने पर या टूथपेस्ट का इस्तेमाल ना करने पर भी बच्चों के दांतों में सड़न हो सकती है.
दांतों में जमी गंदगी को ना हटाया जाए तो दांतों के बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं. ये बैक्टीरिया दांतों की सतह पर एक परत बना देते हैं जिसे प्लाक कहते हैं. यह प्लाक के कीटाणु एसिड बनाते हैं जोकि दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचाते हैं. इस प्लाक को ना हटाया जाए तो यही प्लाक सड़ने लगता है.

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अगर दांतों की सड़न का इलाज ना किया जाए तो बच्चे को दर्द होता है, सूजन हो सकती है और इंफेक्शन गर्दन या चेहरे तक भी पहुंच सकता है.

कैसे रोकें बच्चे के दांतों की सड़न

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डॉक्टर बताते हैं कि जबतक बच्चे के दांत नहीं निकले हैं तबतक उसके मसूड़ों को गीले कपड़े से साफ करें. जैसे ही दांत निकलने लगें दांतों को दिन में 2 बार नाजुक ब्रश से साफ करें. ध्यान दें कि बच्चे के दांत की अंदरूनी, ऊपरी और बाहरी सतह अच्छे से साफ हो जाए.

किस तरह करें बच्चों के दांत ब्रश

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बच्चे के दांतों को ब्रश करने के लिए सबसे पहले ब्रश पर थोड़ा सा टूथपेस्ट लगाएं, ब्रश को 45 डिग्री के एंगल पर रखें और हल्के-हल्के से ही उसे हिलाते हुए बच्चे का दांत साफ करें. ब्रश को गोलाई में घुमाएं और हर दांत की बाहरी और निचली हर सतह को साफ करें. इसी तरह ऊपरी और निचले दांतों को साफ करें. दांत साफ करने में 2 मिनट का समय जरूर लें. डॉक्टर की सलाह है कि सुबह और शाम दोनों समय बच्चे के दांतों को साफ करें.

डॉक्टर सलाह देते हैं कि बच्चे के मसूड़ों की मालिश और उसकी जीभ की सफाई करना भी जरूरी है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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