Causes Of Paralysis: पैरालिसिस यानी लकवा होने पर व्यक्ति के शरीर की मसल्स काम करना बंद कर देती हैं. यह शरीर के किसी एक हिस्से या पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है. इससे दिमाग की नसों और मसल्स के बीच का सिग्नल खराब हो जाता है. रीढ़ पर लगी चोट या स्ट्रोक आने पर लकवा मार सकता है. लेकिन, AIIMS ट्रेंड न्यूरोसर्जन का कहना है कि हमारी रोजमर्रा की एक ऐसी गलती है जो पैरालिसिस की वजह बन सकती है. आजकल बच्चे से लेकर बड़े तक सभी इस गलती को दोहराते हैं. ऐसे में चलिए डॉक्टर से ही जानें पैरालिसिस का खतरा बढ़ाने वाली यह आदत कौन सी है.
इस गलती से हो सकता है पैरालिसिस
एम्स ट्रेंड डॉ. मुहम्मद आमिर पाशा न्यूरोसर्जन हैं और अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से सेहत संबंधी सलाह शेयर करते रहते हैं. अपने ऐसे ही एक वीडियो में डॉ. आमिर ने बताया है कि लोग आयदिन एक ऐसी गलती करते हैं जो पैरालिसिस की वजह बन सकती है यानी व्यक्ति को लकवा हो सकता है.
डॉक्टर बताते हैं कि अगर आप भी अपना फोन या लैपटॉप लेकर घंटों तक एक ही पॉजीशन में बैठे रहते हैं तो इस तरह घंटों तक झुके रहने से आपकी रीढ़ की हड्डी पर प्रेशर पड़ता है जिससे दिमाग से जो नर्व्स निकलती हैं हाथ-पैरों तक जाने के लिए वो दबने लगती हैं. इससे शुरुआत में आपको गर्दन में दर्द, कमर में दर्द या हल्की अकड़न महससू होगी, लेकिन धीरे-धीरे आपको झनझनाहट महसूस होने लगेगी, यह झनझनाहट धीरे-धीरे सुन्नपन में बदल जाती है. इसके बाद धीरे-धीरे आपके हाथों की ग्रिप कमजोर होने लगती है और उसके बाद होता है पैरालिसिस यानी लकवा.
काम की वजह से पोश्चर इग्नोर करने का प्रभाव
डॉक्टर बताते हैं कि उनके पास ऐसे कितने ही मरीज आते हैं जो अपने काम की वजह से अपने पोश्चर को इग्नोर करते रहे और जब डॉक्टर के पास आए तबतक उनके पैरों ने या हाथों ने काम करना बंद कर दिया. लेकिन, हर केस पैरालिसिस नहीं होता है मगर नसों का दबना और पोश्चर का खराब (Bad Posture) होना या डिस्क प्रोब्लम धीरे-धीरे आपकी रीढ़ की हड्डी को खराब कर देती हैं.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.