हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

यूरिक एसिड को जड़ से खत्म करने के लिए क्या खाना चाहिए? मूत्र रोग विशेषज्ञ ने बताए तेल से लेकर फलों तक के नाम

Uric Acid Kam Karne Ke Upay: यूरिक एसिड बढ़ने पर इसके क्रिस्टल्स जोड़ों में जमना शुरू हो जाते हैं जिससे दर्द और सूजन जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. ऐसे में यहां जानिए यूरिक एसिड को कम करने का क्या तरीका बता रहे हैं यूरोलॉजिस्ट.

विज्ञापन
यूरिक एसिड को खत्म करने के लिए क्या खाना चाहिए? Image Credit - Freepik

Best Food For Uric Acid: वर्तमान में हाई यूरिक एसिड की समस्या से अनेक लोग परेशान हैं. यूरिक एसिड एक वेस्ट पदार्थ है जिसे अगर किडनी ठीक तरह से फिल्टर नहीं कर पाती है तो यूरिक एसिड (Uric Acid) के क्रिस्टल्स शरीर के अलग-अलग हिस्सों में जमने लगते हैं और जोड़ों से लेकर किडनी तक को भी प्रभावित करते हैं. ऐसे में मूत्र रोग विशेषज्ञ (Urologist) डॉ. प्रशांत कुमार ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि किस तरह यूरिक एसिड को कम किया जा सकता है. यूरोलॉजिस्ट ने खानपान की पूरी लिस्ट बताई है और फलों से लेकर उन तेलों और सब्जियों का जिक्र किया है जिन्हें यूरिक एसिड को कम करने के लिए खाया जा सकता है. यहां जानिए कौन से हैं ये फूड्स –

हाई यूरिक एसिड कम करने के लिए क्या खाएं | High Uric Acid Reducing Foods

डॉ. प्रशांत कुमार का कहना है कि यूरिक एसिड सोल्यूबल नहीं होता है यानी यह घुलनशील नहीं होता इसीलिए शरीर में जमने लगता है या किडनी में जमकर पथरी (Kidney Stone) बन सकता है. इसीलिए सही खानपान से यूरिक एसिड को कम किया जा सकता है –

पानी पिएं – यूरिक एसिड कम रहे इसके लिए पानी पीते रहें और खुद को हाइड्रेटेड रखें.

विज्ञापन

विटामिन सी – अपनी डाइट में विटामिन सी से भरपूर फूड्स को शामिल करें. ये फूड्स यूरिक एसिड को घोलने में मदद करते हैं. मौसमी, संतरे, कीवी, अनानास माल्टा या नींबू को खानपान का हिस्सा बनाएं. इस तरह के फूड्स का ज्यादा सेवन करें.

कॉफी – डॉक्टर का कहना है कि कॉफी में कैफीन होता है और साथ ही क्लोरोजेनिक एसिड होता है जो यूरिक एसिड को शरीर से निकालने में मददगार है. कॉफी के अलावा चाय में केटेचिन होता है जो यूरिक एसिड को शरीर से निकालता है.

विज्ञापन

सेब – सेब में क्वेरसेटिन और मेरिसेटिन नाम के तत्व होते हैं जो यूरिक एसिड बनने के प्रोसेस को रोक देता है. सेब में मैलिक एसिड भी होता है जो यूरिक एसिड बनने की स्पीड को कम करता है.

ऑलिव ऑयल – एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होने के चलते ऑलिव ऑयल (Olive Oil) भी यूरिक एसिड कम करने की डाइट में शामिल किया जा सकता है.

विज्ञापन

ये भी खाएं – पूर्ण अनाज, सूखे मेवे और बेरिज को भी अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं.

यूरिक एसिड हाई होने पर कैसा लगता है?

विज्ञापन
  • शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है तो जोड़ों में अकड़न होने लगती है.
  • इससे जोड़ों में दर्द (Joint Pain) रहने लगता है और जोड़ों को मोड़ने या चलने-फिरने में भी दर्द हो सकता है.
  • पैर की उंगली सूज जाती है और लाल नजर आने लगती है.
  • पथरी की दिक्कत हो सकती है.
  • बार-बार पेशाब लगने लगता है.
  • पेशाब करते हुए दर्द महसूस हो सकता है.
  • पेशाब में खून (Blood in urine) आ सकता है.
  • मितली आती है.
  • बुखार आना.
  • किडनी का इंफेक्शन हो सकता है.
  • यूरिक एसिड कम होता है तब भी हड्डियों में दर्द, शरीर में कमजोरी और पेशाब करने से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं.
  • भूख लग सकती है.
  • शरीर में थकान महसूस होती है.
  • शरीर में दर्द होता है.

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola