Pre Diabetic Symptoms: डायबिटीज को जीवनशैली से जुड़ी बीमारी कहते हैं, जो अचानक से नहीं होती है। जब शरीर में शुगर लेवल बॉर्डर लाइन पर चला जाए, तो डायबिटीज के लक्षण दिखने लगते हैं। जिन लोगों का ब्लड शुगर लेवल बॉर्डर लाइन पर होता है, उन्हें डॉक्टर्स भी सावधान रहने की सलाह देते हैं। इसलिए आपको अपने लाइफस्टाइल और खाने-पीने को लेकर बहुत ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
क्योंकि डायबिटीज होने पर शरीर में ब्लड शुगर अनियंत्रित होकर बाकी अंगों को भी प्रभावित करता है। डायबिटीज मरीज को दिल, लिवर और आंखों से जुड़ी परेशानियां होने लगती है। डायबिटीज होने पर ब्लड वेसल्स और नर्व पर भी असर होने लगता है। लंबे टाइम तक डायबिटीज होने पर किड़नी खराब होने का भी जोखिम रहता है। इसलिए जरूरी है कि डायबिटीज को टाइम रहते कंट्रोल किया जाए।
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प्री-डायबिटीज क्या है?
अगर खून में ग्लूकोज का लेवल नॉर्मल से ज्यादा है, लेकिन डायबिटीज की सीमा तक नहीं पहुंचा है, तो इसे “प्री-डायबिटीज” कहा जाता है।
प्री डायबिटिक मरीज किन बातों का रखें ध्यान
ज्यादा मीठा न खाएं
डायबिटीज होने पर चीनी का सेवन पूरी तरह से बंद कर दें। चीनी से बनी कई चीजों का सेवन बिल्कुल न करें। चीनी की जगह फलों, गुड़ या शहद से बनने वाली खाने की चीजें डाइट में शामिल करें। हालांकि, नेचुरल शुगर भी आपको सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।
प्री डायबिटीज़ के लक्षण, इलाज और Precautions, देखें Dr. Rishi Mangat की ये Video-
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प्री-डायबिटीज हों या डायबिटीज के मरीज हों, आपको अपनी डाइट और खाने का टाइम दोनों का ध्यान रखना चाहिए। खाने और सोने के बीच कम से कम 2 से 3 घंटे का गैप होना चाहिए। इसी तरह नाश्ते, लंच और डिनर के बीच भी अंतर रखना चाहिए। इसके बीच आप छोटे-छोटे डाइट मील लेते रहें। बहुत लंबे टाइम तक भूखे रहना भी खतरनाक होता है।
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प्री-डायबिटीज के मरीजों को नींद का भी ध्यान रखना चाहिए। कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेना जरूरी है। अच्छी नींद लेने से शरीर की इम्यूनिटी में सुधार आता है। इससे क्रोनिक इन्फ्लेमेशन कम होता है। फिजिकल और मेंटल तनाव दूर होता है और हार्मोन बैलेंस रहते हैं।
फिट रहने के लिए आपको योग या दूसरी एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। प्री-डायबिटीज लोगों को भी कोई न कोई फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए। जब शरीर में शुगर लेवल बढ़ने लगता है, तो पैंक्रियाज को बेहतर तरीके से काम करने के लिए एक्टिव रहना जरूरी हो जाता है। फिजिकली एक्टिव रहने से आपके मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है। इसके लिए रोजाना 30-40 मिनट योगाभ्यास या वॉक जरूर करना चाहिए।
Disclaimer: इस लेख में बताई गई जानकारी और सुझाव को पाठक अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। News24 की ओर से किसी जानकारी और सूचना को लेकर कोई दावा नहीं किया जा रहा है।