BP Medicine: बीपी की दवा छोड़ना कितना नुकसानदायक है? एक्सपर्ट से जानिए शरीर में क्या बदलाव दिख सकते हैं

BP Medicine Side Effects:  बीपी की दवा अपनी मर्जी से छोड़ना बिल्कुल भी सेफ नहीं है. इससे ब्लड प्रेशर के लेवल, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी और आंखों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं. दिमाग पर भी इसका असर पड़ सकता है. 

BP Medicine Side Effects

क्या बीपी की दवा अचानक बंद करनी चाहिए? Image Credit- Freepik

BP Ki Dawa Band Karna: हाई ब्लड प्रेशर एक ऐसी समस्या है, जिसमें अक्सर लंबे समय तक कोई लक्षण दिखाई नहीं देते.  फिर एक दिन अचानक बीपी हाई या लो होता दिखाई देता है. इसके बाद दवा शुरू कर दी जाती है. बीपी की दवा लाइफटाइम चलती है और डॉक्टर वक्त पर दवा खाने की सलाह देते हैं. कई लोग खाते भी हैं और जब बीपी सही हो जाता है तो दवा छोड़ भी देते हैं. मगर ऐसा करना गलत है, क्योंकि अपनी मर्जी से दवा बंद करने से बीपी खतरनाक लेवल पर पहुंच सकता है. कई बार बीपी इतना हाई या लो हो जाता है कि इंसान को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है.

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क्या बीपी की दवा अचानक बंद करनी चाहिए?

डॉक्टरों के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर की दवाएं बीमारी को कंट्रोल करती हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में उसे पूरी तरह खत्म नहीं करतीं. दवा अचानक बंद करने पर ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है, जिसे रिबाउंड हाइपरटेंशन कहा जाता है.

दवा छोड़ने के बाद शरीर में क्या बदलाव दिख सकते हैं?

  • दवा बंद करने के कुछ दिनों या हफ्तों के अंदर ब्लड प्रेशर फिर से बढ़ सकता है. कई बार यह पहले से भी ज्यादा हो सकता है.
  • हाई बीपी बढ़ने पर सिरदर्द, चक्कर, बेचैनी या धुंधला दिखना जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं. अगर लंबे समय तक हाई बीपी को कंट्रोल न किया जाए तो दिल और दिमाग की नसों पर असर पड़ सकता है.  
  • लगातार हाई ब्लड प्रेशर किडनी के सेल्स को इफेक्ट कर सकता है, जिससे समय के साथ किडनी के काम करने का ताकत कम होने लगती है.  
  • बीपी कंट्रोल न होने की वजह से आंखों की रेटिना के ब्लड सेल्स को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे रोशनी कम होने या धुंधला दिखाई देने का खतरा बढ़ जाता है.

किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

  • बीपी लंबे समय से हाई रहना
  • हार्ट अटैक या स्ट्रोक होना
  • डायबिटीज या किडनी की बीमारी होना

अगर बीपी नॉर्मल है तो क्या करें?

अगर दवा लेने के बाद आपका बीपी नॉर्मल है तो इसका मतलब यह नहीं कि बीमारी खत्म हो गई है. दवा, सही खानपान और अच्छा लाइफस्टाइल बीपी को कंट्रोल रखने का काम करती है. इसलिए दवा की खुराक कम करनी है या बंद करनी है, यह फैसला नुकसानदायक हो सकता है. 

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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