क्या घरेलू नुस्खों से ठीक हो सकती हैं वेरिकोज वेन्स? स्पेशलिस्ट ने दिया सटीक जवाब, बताया क्या और कितना है असरदार

वेरिकोज वेन्स को ठीक करने के लिए क्या कोई घरेलू नुस्खा आजमाया जा सकता है? आइए जानते हैं डॉक्टर सुमित कपाड़िया, वेरिकोज वेन्स स्पेशलिस्ट, का इसपर क्या कहना है.

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वैरिकोज वेन्स की दिक्कत कैसे कम होगी, डॉक्टर ने बताया.

Varicose Veins Home Remedies: पैरों पर अगर नीली, हरी और बैंगनी रंग की टेढ़ी-मेढ़ी धारियां नजर आती हैं और नसें मकड़ी के जाले जैसी नजर आने लगी हैं तो यह वेरिकोज वेन्स हो सकती हैं. वेरिकोज वेन्स होने पर व्यक्ति का ठीक तरह से उठना-बैठना भी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में लोग इस दिक्कत को कम करने के लिए तरह-तरह के घरेलू नुस्खे आजमाने के बारे में सोचते हैं. लेकिन, वैस्कुलर सर्जन और वेरिकोज वीन्स स्पेशलिस्ट डॉ. सुमित कपाड़िया ने घरेलू नुस्खे इस्तेमाल करने को लेकर चेताया है. डॉक्टर सुमित कपाड़िया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से वीडियो शेयर करके बताया है कि वेरिकोज वेन्स में घरेलू नुस्खे इस्तेमाल किए जा सकते हैं या नहीं और क्या कोई घरेलू नुस्खा असरदार है या नहीं.

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वेरिकोज वेन्स पर प्याज लगाना

डॉ. सुमित कपाड़िया ने बताया कि आजकल एक नुस्खा बेहद वायरल हो रहा है जिसमें दिखाया जा रहा है कि प्याज के रस (Onion Juice) या प्याज को पीसकर इसे वेरिकोज वेन्स पर बांधा जाता है तो दिक्कत ठीक होती है. डॉक्टर कहते हैं कि प्याज के रस से वेरिकोज वेन्स ठीक नहीं होती हैं.

प्याज खाने पर मिल सकता है फायदा

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प्याज में क्वेरसर्टीन होता है जोकि एक फायदेमंद फ्लेवेनॉइड है जो रक्त धमनियों के लिए अच्छा है, लेकिन प्याज का पेस्ट लगाने पर फायदा नहीं होगा बल्कि प्याज खाने पर होगा. अच्छे इफेक्ट के लिए रोजाना 3 कच्चे प्याज खाए जाएंगे तब जाकर कुछ असर हो सकता है. लेकिन, डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी है.

क्या घरेलू नुस्खे असरदार हैं

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डॉ. कपाड़िया का कहना है कि वैज्ञानिक तौर पर देखा जाए तो कुछ नुस्खों से वेरिकोज वेन्स से राहत मिल सकती है लेकिन यह उनका इलाज नहीं हो सकता है. नेचुरल प्रोडक्ट्स जैसे सेब का सिरका, रोजमेरी और एलोवेरा से स्किन बेहतर हो सकती है, सूजन कम हो सकती है लेकिन डैमेज हुई नसें ठीक नहीं हो सकती हैं.

वेरिकोज वेन्स होने के क्या कारण होते हैं

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रक्त धमनियों के डैमेज होने पर खून पैरों की नसों में जमा होने लगता है. इससे वेरिकोज वेन्स की दिक्कत हो सकती है. इसके अलावा, जेनेटिक्स के कारण उम्र बढ़ने पर या बहुत ज्यादा बैठे रहने या मोटापे के कारण वेरिकोज वेन्स की दिक्कत हो सकती है.

वेरिकोज वेन्स के क्या लक्षण होते हैं

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वेरिकोज वेन्स हो जाने पर पैरों की नसें बाहर की तरफ उभरी हुई नजर आती हैं, मोटी हो जाती हैं या सूजी हुई दिखती हैं. ये नसें बैंगनी या हरी नजर आती हैं और मकड़ी के जाले जैसी दिखती हैं. इन नसों में दर्द होता है और खुजली होने लगती है.

कैसे ठीक होंगी वेरिकोज वेन्स

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वेरिकोज वेन्स को ठीक करने के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट्स लिए जाते हैं. इसके अलावा, पैरों को आराम देकर, बहुत ज्यादा देर तक बैठने या खड़े रहने से परहेज करके, एक्सरसाइज और हेल्दी वेट मैनेज करके वेरिकोज वेन्स की दिक्कत को कम किया जा सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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