यूरिक एसिड बढ़ने की पहचान क्या है? पेशाब से लेकर पैरों तक में दिखते हैं Uric Acid बढ़ने के 7 लक्षण

Uric Acid Symptoms In Hindi: शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने पर एक नहीं बल्कि कई लक्षण नजर आने लगते हैं. यूरिक एसिड के कारण शरीर के कई अंगों में सूजन हो जाती है तो वहीं पेशाब से जुड़ी दिक्कतें भी हो जाती हैं.

Uric Acid Symptoms

कैसे पता चलेगा कि यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है?

Uric Acid Badhne Ke Lakshan: यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक वेस्ट प्रोडक्ट है या कहें गंदगी है जिसे किडनी फिल्टर करके बाहर निकाल देती है. खानपान में प्यूरिन नाम का केमिकल होता है. प्यूरिन खाने की चीजों के अलावा शरीर में भी बनता है. इस प्यूरिन को शरीर तोड़ने लगता है जिससे यूरिक एसिड बनता है. इसे ही किडनी फिर बाहर करती है. लेकिन, समस्या तब शुरू होती है जब यूरिक एसिड शरीर में जरूरत से ज्यादा बनने लगता है और गुर्दे इसे ठीक तरह से शरीर से बाहर नहीं निकाल पाते हैं. इससे खून में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ने लगता है. बढ़े हुए यूरिक एसिड से असहनीय दर्द, सूजन और त्वचा के लाल पड़ने जैसी दिक्कतें होने लगती हैं जिसे गाउट (Gout) कहते हैं. ऐसे में यहां जानिए यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर पर किस-किस तरह के लक्षण (Uric Acid Symptoms) नजर आते हैं और कैसे पहचाना जा सकता है कि यूरिक एसिड बढ़ गया है.

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यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर पर दिखते हैं ये लक्षण

जोड़ों में दर्द

यूरिक एसिड बढ़ने पर इसके क्रिस्टल्स शरीर के जोड़ों में जमना शुरु हो जाते हैं. इन क्रिस्टल्स के जोड़ों में जमने से घुटनों के जोड़ों और हाथ-पैरों की उंगलियों में दर्द रहने लगता है. खासकर पैर के अंगूठे में दर्द महसूस होता है.

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सूजन और लालिमा

दर्द के साथ ही प्रभावित जोड़ सूज जाते हैं. इस सूजन के कारण ही प्रभावित जोड़ लाल नजर आने लगते हैं.

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अकड़न होना

यूरिक एसिड बढ़ने के कारण हड्डियों में अकड़न रहने लगती है. हाथ-पैरों के जोड़ ठीक तरह से नहीं हिलते हैं और लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने पर ये जोड़ अकड़ जाते हैं.

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त्वचा पर गांठें

हाई यूरिक एसिड (High Uric Acid) में त्वचा पर गांठें नजर आ सकती हैं. इसमें शरीर के जोड़ों और कानों के आस-पास सख्त गांठें बनने लगती हैं. इन गांठों को टॉफी कहा जाता है.

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पेशाब से जुड़ी दिक्कतें

यूरिक एसिड बढ़ने पर पेशाब से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. बार-बार पेशाब करने की इच्छा हो सकती है या पेशाब में खून आने लगता है.

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हो सकती है पथरी

यूरिक एसिड जरूरत से ज्यादा बढ़ने पर पथरी हो सकती है और शरीर पर पथरी के लक्षण नजर आ सकते हैं. पीठ के निचले हिस्से पर या पेट के किनारे पर तेज दर्द हो सकता है.

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किन चीजों में सबसे ज्यादा होता है यूरिक एसिड

  • लाल मीट और कलेजी
  • मछली जैसे सीफूड
  • दालें जैसे उड़द की दाल और बीन्स जैसे राजमा
  • मीठी कोल्ड ड्रिंक्स या एडेड शुगर वाले जूस
  • शराब, बीयर.

यूरिक एसिड कम करने के घरेलू उपाय

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  • यूरिक एसिड कम करने के लिए पानी ज्यादा पिएं. पानी पीने पर किडनी यूरिक एसिड को बेहतर तरह से फिल्टर कर पाती है.
  • सेब का सिरका लेकर उसे बराबर मात्रा में पानी में मिलाकर पिया जाए तो इससे यूरिक एसिड कम होने में मदद मिलती है.
  • नींबू पानी में विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है जिससे यूरिक एसिड लेवल कम होता है. ऐसे में नींबू पानी पीने पर फायदा मिलता है. गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पिएं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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