Typhoid Ke Gharelu Upay: टाइफाइड का बुखार होने पर व्यक्ति से चैन से उठना बैठना तो दूर कुछ खाते भी नहीं बनता है. हालत खराब होने लगती है और हर समय बिस्तर पर लेटे रहने का मन होता है. टाइफाइड (Typhoid) एस टाइफी बैक्टीरियम के कारण होता है जिससे बुखार, सिर दर्द और डायरिया जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं. इसे आमतौर पर एंटीबायोटिक्स से ठीक किया जाता है. वहीं, घरेलू नुस्खे भी आजमाकर देखे जाते हैं. इसी बारे में बता रहे हैं बाबा रामदेव. योगगुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) ने बताया है कि क्या खाने पर टाइफाइड में राहत मिल सकती है. बाबा रामदेव का बताया घरेलू नुस्खा आप भी आजमाकर देख सकते हैं.
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बाबा रामदेव ने बताया टाइफाइड का घरेलु उपाय
बाबा रामदेव का कहना है कि जिस व्यक्ति को एक बार टाइफाइड होता है तो दोबारा फिर हो सकता है. ऐसे में उदाहरण देते हुए बाबा रामदेव ने बताया कि उनके पास टायफाइड से परेशान एक व्यक्ति आया था जिसे बाबा रामदेव ने टायफाइड का घरेलू नुस्खा (Typhoid Home Remedies) बताया था. बाबा रामदेव ने कहा कि उस व्यक्ति ने उनके कहेनुसार 3 से 5 अंजीर के टुकड़े, 8 से 10 टुकड़े मुनक्का और 2 ग्राम खूबकला को मिलाकर चटनी तैयार कर ली. इस चटनी को 3 दिन खाने पर ही व्यक्ति का टाइफाइड ठीक हो गया.
टायफाइड से छुटकारा पाने के लिए बाबा रामदेव की बताई इन 3 चीजों की चटनी बनाकर खाई जा सकती है. इसके अलावा इन चीजों का काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं. इस बात का ध्यान रखें कि जिस समय भी आप टाइफाइड के लिए यह दवा खाएं उस समय हल्का आहार ही लें. आप खिचड़ी, दलिया या चीकू खा सकते हैं.
टाइफाइड के लक्षण क्या हैं
टाइफाइड में तेज बुखार होता है जो कई दिनों तक रहता है. इसके साथ ही शरीर पर कुछ और लक्षण भी नजर आ सकते हैं –
- सिर में दर्द
- शरीर में ठंड महसूस होना
- भूख ना लगना
- पेट में दर्द महसूस होना
- खांसी होना
- कमजोरी होना
- मसल्स में दर्द होना
- डायरिया या फिर कब्ज हो जाना
- जी मितलाना
- उल्टी होना
- सिर घूमना.
टाइफाइड का पता कैसे चलता है
टाइफाइड होने पर लक्षण (Typhoid Ke Lakshan) देखकर डॉक्टर कंफर्म करते हैं कि व्यक्ति को टायफाइड हुआ है. लैब टेस्ट की रिपोर्ट्स देखकर भी टाइफाइड कंफर्म किया जाता है. इसमें ब्लड टेस्ट या यूरिन टेस्ट किया जा सकता है.
टाइफाइड के मरीज की देखभाल कैसे करें?
आराम दें – टाइफाइड के रोगी को आराम करने दें. पर्याप्त आराम करने पर शरीर की कमजोरी और थकान दूर होते हैं.
हाइड्रेशन – शरीर में पानी की कमी ना हो जाए इसके लिए मरीज को पानी पिलाते रहना जरूरी है. टाइफाइड के मरीज को उबला हुआ पानी दिया जाता है. इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस के लिए नारियल पानी और ताजे फल दिए जा सकते हैं.
खानपान हो ऐसा – टाइयफाइड के मरीज को खाने के लिए एकदम सादा खाना दिया जाता है. खाने में किसी तरह का मिर्च-मसाला नहीं होना चाहिए. मरीज को खिचड़ी, दलिया और सूप वगैरह दिया जा सकता है.
खिलाएं फल – मरीज को फल खिलाते रहें जिससे शरीर को ताकत मिले.
स्वच्छता बनाए रखना – टाइफाइड के मरीज को नहलाने में मदद करना, मुंह हाथ धुलवाने में मदद करना और पसीना वगैरह आए तो वो हटाने में मदद करें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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