स्टेज 1 जीभ कैंसर क्या है? जानिए क्या जीभ का कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है या नहीं

Tongue Cancer Symptoms: जीभ का कैंसर होने पर जीभ पर और शरीर पर कौन-कौन से लक्षण नजर आते हैं, जानिए यहां. इस तरह जीभ के कैंसर को समय रहते पहचानकर इसका इलाज शुरू किया जा सकता है.

Tongue Cancer

जीभ का कैंसर कैसे शुरू होता है?

Jeebh Ke Cancer Ke Lakshan: जीभ पर छाला या कोई निशान नजर आना कैंसर का लक्षण हो यह जरूरी नहीं है, लेकिन अगर ये निशान कई-कई दिनों तक बने रहते हैं तो कैंसर का लक्षण हो सकते हैं. जीभ का कैंसर (Tongue Cancer), कैंसर का वह प्रकार है जिसमें कैंसर के एब्नॉर्मल सेल्स पनपने लगते हैं. इससे जीभ के काम पर भी असर पड़ता है और यह कैंसर पूरे मुंह में भी फैल सकता है. अगर जीभ के कैंसर का समय रहते पता ना लगाया जाए और समय पर इलाज ना हो तो जैसे-जैसे कैंसर की स्टेज बढ़ती है उतना ही खतरा भी बढ़ता जाता है. ऐसे में यहां जानिए जीभ के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं और किस तरह पहचाने जा सकते हैं.

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जीभ के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं | Tongue Cancer Symptoms

सफेद या लाल चकत्ता

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जीभ का कैंसर होने पर जीभ के ऊपर, सामने की तरफ या किनारे पर सफेद या लाल रंग का चकत्ता नजर आ सकता है. अगर 3 हफ्तों से ज्यादा यह चकत्ते नजर आते हैं तो यह जीभ के कैंसर का लक्षण हो सकता है.

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गले पर पड़ता है प्रभाव

जीभ के कैंसर में गले पर प्रभाव नजर आने लगता है. गला खराब रहने लगता है, ऐसा महसूस होता है कि गले में कुछ अटका हुआ है और गले से कुछ निगलने में भी परेशानी महसूस हो सकती है.

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मुंह और जीभ का सुन्न पड़ना

अगर अक्सर ही आपको अपनी जीभ या मुंह सुन्न महसूस होते हैं तो यह जीभ के कैंसर का लक्षण हो सकता है. जीभ के कैंसर में कुछ चबाने या फिर जीभ को यहां से वहां घुमाने में भी परेशानी हो सकती है.

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आवाज में बदलाव

मुंह के कैंसर (Oral Cancer) में आवाज में बदलाव आना एक आम लक्षण होता है. इसमें जबड़े में सूजन आ सकती है, जबड़ा ठीक तरह से हिलाने में परेशानी हो सकती है और आवाज बदली हुई सुनाई पड़ती है सो अलग.

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क्या जीभ के कैंसर का इलाज हो सकता है

जीभ के कैंसर का इलाज हो सकता है. लेकिन, इस कैंसर को पहले स्टेज में ही या कहें जल्द से जल्द पहचानकर इलाज करवाना जरूरी होता है. अगर बहुत ज्यादा इंतजार किया जाए तो कैंसर ज्यादा गंभीर हो सकता है. कैंसर की एडवांस्ड स्टेज में इलाज मुश्किल हो सकता है. वहीं, कैंसर का इलाज ट्यूमर (Tumor) की लोकेशन पर भी निर्भर करता है. अगर जीभ के सामने ट्यूमर हो तो इसे निकालना आसान होता है और अगर जीभ के बेस पर ट्यूमर हो तो इसे निकालना मुश्किल हो सकता है.

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जीभ के कैंसर के ट्रीटमेंट (Tongue Cancer Treatment) में ट्यूमर वाले हिस्से को निकाल दिया जाता है. इसमें रेडिएशन थेरैपी का इस्तेमाल होता है जिसमें हाई एनर्जी रेज कैंसर सेल्स को मारती हैं. यह ज्यादातर सर्जरी के बाद की जाती है. कीमोथेरैपी से कैंसर के सेल्स को खत्म किया जाता है. एडवांस्ड स्टेज में रेडिएशन थेरैपी और कीमोथेरैपी साथ दी जाती है. इसके अलावा, टार्गेटेड थेरैपी या इम्यूनोथेरैपी दी जाती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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