थायरॉयड हमारे गले में स्थित एक छोटी सी ग्रंथि होती है, लेकिन इसका प्रभाव हमारे शरीर के हर हिस्से पर पड़ता है। यह ग्रंथि थायरोक्सिन और ट्राईआयोडोथायरोनिन जैसे हार्मोन बनाती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा स्तर और ओवरऑल हेल्थ को नियंत्रित करते हैं। जब थायरॉयड ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में कई प्रकार के बदलाव नजर आने लगते हैं। ऐसे में समय पर थायरॉयड टेस्ट कराना बेहद जरूरी हो जाता है। चलिए आपको बताते हैं इस पर एक्सपर्ट की राय।
थायरॉयड के 4 संकेत
1. लगातार थकान रहना
अच्छी नींद के बाद भी थके हुए महसूस करते हैं, तो थायरॉयड की गड़बड़ी हो सकती है। खाने में आयोडीन और सेलेनियम को शामिल करें। अंडा या डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें।
बिना किसी कारण के वजन बढ़ रहा है, तो थायरॉयड की कमी से हो सकता है। इससे मेटाबॉलिज्म स्लो होता है। आप इसके लिए प्रोटीन और हेल्दी फैट्स खा सकते हैं। शुगर प्रोडक्ट को अवॉइड करें।
3. ड्राई स्किन, झड़ते बाल
अगर आपकी त्वचा ड्राई या बाल आसानी से टूट रहे हैं, तो यह भी थायरॉयड फंक्शन का संकेत होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे अलसी और चिया सीड्स खाएं। पानी भरपूर पिएं।
अगर दूसरों को सामान्य लगने वाली ठंड आपको ज्यादा लगती है, तो यह हाइपोथायरॉयडिज्म का लक्षण है। रोज वॉक करें और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें।
क्या कहती है एक्सपर्ट?
रेणु रखेजा, न्यूट्रिशनिस्ट एवं हेल्थ कोच, बताती हैं कि हर वक्त थकान महसूस करना या फिर वजन बढ़ना कोई आम बात नहीं है। यह सीधा-सीधा थायरॉयड का संकेत होता है, जिसे समझना जरूरी है। अगर आप भी इन समस्याओं से गुजर रहे हैं, तो थायरॉयड टेस्ट करवाएं। कुछ उपायों की मदद से आप इसे कंट्रोल भी कर सकते हैं।
थायरॉयड को इन 3 तरीके से करें कंट्रोल
गॉयट्रोजनिक फूड कम खाएं- पत्तागोभी, फूलगोभी, ब्रोकली और सोया का अत्यधिक सेवन न करें। इन्हें पकाकर ही खाएं।
तनाव को मैनेज करें- तनाव से कॉर्टिसोल बढ़ता है, जो थायरॉयड को नुकसान पहुंचाता है। इसे कम करना जरूरी है।
डेफिशिएंसी चेक कराएं- आयोडीन, सेलेनियम, जिंक और आयरन की जांच समय-समय पर कराते रहें।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।