दांतों में दिखने वाले ये लक्षण हो सकते हैं कैंसर का संकेत, न करें नजरअंदाज

दांतों का कैंसर मुंह के कैंसर का ही एक रूप है, जो मसूड़ों, जबड़े या मुंह के अंदर की कोशिकाओं से शुरू होता है. यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती समय में हल्के लक्षण दिखाती है.

Oral Cancer Symptoms:

अगर आपका कोई दांत अचानक ढीला होने लगे तो इसे मसूड़ों की समस्या समझकर नजरअंदाज न करें. Image Credit- AI

Oral Cancer Symptoms: अक्सर लोग दांतों और मुंह से जुड़ी समस्याओं को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. मगर हमें ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि दांतों में दर्द, मसूड़ों से खून आना, मुंह में छाले होना या दांतों का ढीला पड़ना जैसी परेशानियां किसी बीमारी का संकेत भी हो सकती है. हालांकि, अगर कुछ लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए. ये मुंह के कैंसर यानी ओरल कैंसर बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं. मुंह का कैंसर होंठ, जीभ, मसूड़ों, गालों के अंदरूनी हिस्से और मुंह में हो सकता है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च की एक रिसर्च के मुताबिक, इसकी समय पर पहचान या इलाज करने से यह बीमारी काफी हद तक ठीक हो सकती है. इसलिए आपको अपनी हेल्थ पर काफी ध्यान देना चाहिए. 

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दांतों का कैंसर क्या होता है?

दांतों का कैंसर मुंह के कैंसर का ही एक रूप है, जो मसूड़ों, जबड़े या मुंह के अंदर की कोशिकाओं से शुरू होता है. यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती समय में हल्के लक्षण दिखाती है. कई लोग इसे नॉर्मल दांत दर्द समझकर इलाज में देरी कर देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए.

मुंह के कैंसर के लक्षण

  • ठीक न होने वाला घाव
  • सफेद या लाल धब्बे होना
  • गांठ या सूजन होना
  • सुन्नपन
  • निगलने या चबाने में परेशानी होना
  • मुंह का कम खुलना
  • आवाज बदलना
  • दांतों का ढीला होना
  • कान में दर्द होना
  • गर्दन में गांठ होना
  • वजन घटना

क्या ओरल कैंसर पुरुषों को ज्यादा होता है?

NIDCR की रिसर्च के मुताबिक, ओरल कैंसर ज्यादातर 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में होता है. यह महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में ज्यादा पाया जाता है. तंबाकू और शराब के सेवन से मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है, जबकि HPV संक्रमण गले के पिछले हिस्से में कैंसर का कारण बन सकता है. पिछले कुछ सालों में HPV से जुड़े ओरल कैंसर के मामले बढ़े हैं. अमेरिका में हर साल सामने आने वाले कुल कैंसर के मामलों में ओरल कैंसर की हिस्सेदारी 3 गुना है. साल 2022 में इसके करीब 54000 नए मामले सामने आए थे.

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मुंह में छाले क्यों होते हैं?

इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे शरीर में विटामिन बी12, आयरन या फोलेट की कमी, स्ट्रेस या मुंह में चोट लगना आदि. कई बार कुछ दवाओं की वजह से भी छाले हो सकते हैं. आमतौर पर ये एक से दो हफ्ते में ठीक हो जाते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले या लंबे समय तक ठीक न होने वाले छालों का डॉक्टर की सलाह पर टेस्ट कराना चाहिए.

लंबे समय तक मुंह में छाले रहना कितना सही है? 

मुंह में छाले होना आम बात है और ज्यादातर छाले कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर कोई छाला दो से तीन हफ्ते तक ठीक न हो, बार-बार खून आए या उसका आकार बढ़ने लगे तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. 

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मसूड़ों या जीभ क्या संकेत देते हैं? 

अगर जीभ, मसूड़ों, गालों के अंदरूनी हिस्से या मुंह में कहीं भी सफेद या लाल रंग के धब्बे दिखाई दें और वे लंबे समय तक बने रहें तो इन्हें नजरअंदाज न करें. ऐसे धब्बे कई बार कैंसर से पहले होने वाले बदलावों या मुंह के कैंसर से जुड़े हो सकते हैं. हालांकि, हर धब्बा कैंसर का संकेत नहीं होता. कई बार यह पानी की कमी या किसी चीज के खाने की वजह से भी हो सकता है. इसलिए कैल्शियम या विटामिन की दवा लेने से पहले डॉक्टर से जरूर बात करें. 

दांतों के पास की हड्डी कमजोर होना 

अगर आपका कोई दांत अचानक ढीला होने लगे तो इसे मसूड़ों की समस्या समझकर नजरअंदाज न करें. दांतों का ढीला होना मुंह के कैंसर के लक्षणों में भी शामिल है. हालांकि, मसूड़ों की बीमारी और दांतों के आसपास की हड्डी कमजोर होने जैसी समस्याएं भी इसकी वजह हो सकती हैं. 

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मुंह में लगातार दर्द या जलन कब होती है? 

अगर मुंह, जीभ, मसूड़ों या जबड़े में लगातार दर्द बना रहता है तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए. खासकर तब, जब दर्द के साथ सूजन, घाव या किसी तरह की गांठ भी महसूस हो. 

मुंह में गांठ या सूजन महसूस हो तो क्या करें? 

मुंह के अंदर, जीभ, मसूड़ों, गाल या होंठ पर कोई गांठ, मोटापन या सूजन दिखाई दे तो इसे हल्के में न लें. इसी तरह गर्दन में गांठ बनना भी ठीक नहीं है. 

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खाना चबाने और निगलने में परेशानी होना है एक लक्षण 

खाना चबाते समय दर्द होना, निगलने में परेशानी महसूस करना या मुंह को पूरी तरह खोलने में परेशानी होना भी मुंह के कैंसर के लक्षण हो सकते हैं. अगर ऐसी परेशानी लगातार बनी रहती है तो इसे नजरअंदाज न करें. 

मुंह से बार-बार खून आना 

अगर मुंह में बिना किसी स्पष्ट वजह के बार-बार खून आता है या जीभ, होंठ या मुंह के किसी हिस्से में सुन्नपन महसूस होता है तो डॉक्टर से सलाह लें. 

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किन लोगों को मुंह के कैंसर का खतरा ज्यादा होता है?

मुंह के कैंसर के खतरा हर इंसान को रहता है, लेकिन जो लोग तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी, गुटखा या खैनी खाते हैं तो उन्हें ज्यादा खतरा हो सकता है. इसलिए सुपारी से दूरी बनाना, शराब का सेवन न करना और दांतों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है. 

कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

अगर मुंह में कोई छाला, गांठ, सफेद या लाल धब्बा दो हफ्ते से ज्यादा वक्त तक बना रहता है तो डॉक्टर या डेंटिस्ट से जांच कराने में देरी न करें. मुंह के कैंसर के कुछ लक्षण शुरुआत में नजरअंदाज नहीं किए जा सकते हैं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source- NIDCR,

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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