फेफड़े हेल्दी ना होने पर दिखते हैं ये 5 संकेत, चेस्ट फिजीशियन ने बताए Unhealthy Lung Symptoms

Unhealthy Lungs Symptoms: अगर फेफड़ों की सेहत सही नहीं रहेगी तो शरीर अलग-अलग स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की चपेट में आने लगेगा. ऐसे में यहां जानिए फेफड़ों की दिक्कत होने पर कौन-कौन से संकेत नजर आने लगते हैं.

Lung Disease

Warning Signs Of Lung Disease: फेफड़ों की दिक्कत होने पर दिखने लगते हैं ये संकेत. Image Credit - Freepik

Lung Problems: लोगों को अक्सर लगता है कि खांसी या सांस लेने में दिक्कत होना उम्र बढ़ने के चलते होता है. लेकिन, ये दिक्कतें फेफड़ों की सेहत बिगड़ने का लक्षण भी हो सकती हैं. लंग कैंसर (Lung Cancer) या फेफड़ों से जुड़े अन्य डिजीज (Lung Diseases) इन छोटे-मोटे लक्षणों से ही शुरू होते हैं और कब फेफड़ों की सेहत पूरी तरह बिगाड़ देते हैं पता नहीं चलता. ऐसे में वक्त रहते पहचानना जरूरी है कि फेफड़ों की सेहत बिगड़ने लगी है. चेस्ट फिजीशियन डॉ. योगेश अग्रवाल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें उन्होंने फेफड़ों के अनहेल्दी होने के संकेतों का जिक्र किया है. डॉक्टर का कहना है कि जब फेफड़ों की सेहत बिगड़ने लगती है तो ये लक्षण नजर आने लगते हैं.

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फेफड़ों की सेहत बिगड़ने के संकेत | Signs Of Unhealthy Lungs

लगातार खांसी होती रहती है

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मौसमी खांसी कुछ दिन तक रहती है और फिर चली जाती है. लेकिन, अगर खांसी लगातार होती रहती है या कहें 3 से 4 हफ्तों तक भी खांसी नहीं रुक रही है तो यह फेफड़ों की गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है.

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सांस फूलने लगती है

फेफड़ों की बीमारी का एक और संकेत है सांस का फूलना. अगर ऐसा महसूस होता है कि आपके आस-पास पर्याप्त हवा नहीं है और छाती में भारीपन महसूस होते हुए सांस लेने में तकलीफ होती है तो इसका मतलब है कि फेफड़ों की कोई दिक्कत पनपने लगी है.

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गले में बलगम जमा होना

फेफड़ों को प्रोटेक्ट करने के लिए बलगम (Mucus) बनता है लेकिन, जब इसमें गंदगी जमने लगती है तो फेफड़े इसे सोख नहीं पाते और यह गले में जमने लगता है. लगातार गले में बलगम का जमा होना गंभीर समस्या की तरफ इशारा हो सकता है.

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खांली करते हुए मुंह से खून निकलता है

खांसी होने पर अगर मुंह में खून आने लगा है तो यह फेफड़े की किसी गंभीर बीमारी का सीधा संकेत कहा जा सकता है. इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.

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छाती में हर समय दर्द बना रहता है

छाती के दर्द को अक्सर ही दिल की दिक्कतों से जोड़कर देखा जाता है. लेकिन, फेफड़ों की बीमारियों में भी छाती में दर्द बना रहता है. बार-बार खांसने से छाती पर जोर पड़ता है जिससे मसल्स खिंच सकती हैं और दर्द होता है.

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इन बातों का भी रखें ध्यान

  • फेफड़ों की दिक्कत में व्हीजिंग होने लगती है यानी जब सांस लेने में आवाज आने लगती है तो इसे व्हीजिंग कहते हैं.
  • शरीर में कमजोरी आ जाती है और हस समय थकान महसूस होती है. ऐसा होना भी फेफड़ों की दिक्कत के चलते हो सकता है.
  • एकदम से शरीर का वजन गिरने लगता है. अगर वजन जरूरत से ज्यादा तेजी से कम होने लगे तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना जरूरी है.
  • जब भी डॉक्टर के पास जाएं तो अपने मेडिकल रिकॉर्ड्स लेकर जाएं. आपने फेफड़ों की दिक्कत के लिए या फिर खांसी (Cough) रोकने के लिए कोई दवाएं ली हैं तो उसकी भी सटीक जानकारी डॉक्टर को दें.
  • फेफड़ों से जुड़े और फेफड़ों से हटकर जो भी लक्षण शरीर में नजर आ रहे हैं उनकी एक लिस्ट बना लें और डॉक्टर को सही तरह से बताएं. इससे डॉक्टर आपकी परेशानी को बेहतर तरह से समझ पाएंगे.

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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