Suicidal: आपके बच्चे या करीबी में देखें ऐसे लक्षण, तो हो जाएं सावधान! उठा सकते हैं ये बड़ा कदम

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Suicidal Signs: लोगों की जिंदगी में काफी अकेलापन और तनाव इस कदर बढ़ गया है कि कभी-कभी फैमिली के साथ होते हुए भी लोग अपने आपको अलग सा महसूस करते हैं। कई बार लोग तनाव से इतना घिरा सा महसूस करते हैं कि मन में सुसाइड करने के ख्याल आने लगते हैं। लाइफ में उदासी और अकेलापन इतना बढ़ जाता है कि मन में नेगेटिव विचार आने लगते हैं। कुछ लोग ऐसी सिचुएशन को हैंडल नहीं कर पाते और सुसाइड के बारे में सोचने लगते हैं। उन्हें ये पता नहीं चल पाता कि खुद को खत्म करना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।

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कोटा हमेशा टॉपर्स के लिए खबर बनता है जो वहां ट्यूशन से लेकर इंजीनियरिंग और मेडिकल के एग्जाम पास करते हैं। कोटा में रहने वाले बच्चें तनाव और असफलता के डर से जूझते रहते हैं, इन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता। जो बाद में हताश होकर लाइफ खत्म करने का कदम उठा लेते हैं। अब सवाल है कि बच्चे अपनी लाइफ के साथ ऐसा खिलवाड़ क्यों करते हैं।

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ऐसा क्या होता है जो उन्हें अंदर ही अंदर परेशान करता है और बाद में इसका अंजाम सुसाइड के रूप में देखने को मिलता है। लेकिन ये सारी बातें बच्चों को डिप्रेशन से जोड़ती हैं और इसी के चलते राजस्थान के कोटा में छात्रों का सुसाइड करने का सिलसिला थमता नहीं है। ताजा मामला देखें तो नीट (NEET) की तैयारी कर रहे दो छात्रों ने रविवार (28 अगस्त) को अपनी जान दे दी थी। जिनमें एक तो बिहार से था और दूसरा छात्र महाराष्ट्र का रहने वाला था।

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क्यों आता है सुसाइड करने का ख्याल

  • डिप्रेशन और टेंशन
  • एडजस्ट न हो पाना
  • सिचुएशन को हैंडल न कर पाना
  • नशा करना
  • आत्महत्या की फैमिली हिस्ट्री
  • जॉब से निराशा और संतोष न होना
  • कोई गंभीर बीमारी होना
  • सामाज में रहकर भी अलग महसूस करना

कैसे हैंडल करें

लोगों से बात करें- कई बार सोशल लाइफ में लोग कनेक्ट नहीं रहते जिससे निगेटिव विचार आने लगते हैं। आपको अपनी फैमिली, दोस्तों से अपनी टेंशन को शेयर करना चाहिए।

लोगों के कॉमेंट पर ध्यान न दें- कुछ लोग दूसरों से बहुत जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। आपको बिल्कुल भी किसी की बातों में नहीं आना चाहिए,जो निगेटिव बोलते हों।

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एक्सरसाइज- दिमाग में अगर ऐसा कोई भी ख्याल आए तो एक्सरसाइज जरूर करें। इससे दिमाग को आराम मिलता है और नेगेटिव विचार दूर होते हैं।

हेल्दी डाइट- नेगेटिव विचारों को डाइट से काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं। जब डाइट अनहेल्दी होती है तो मोटापा और स्ट्रेस बढ़ने के साथ साथ ऐसे विचार आते हैं। इनसे बचने के लिए प्रोटीन, हेल्दी फैट और फाइबर से भरपूर लें।

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लाइफ में गोल बनाएं- अपनी लाइफ में कोई न कोई गोल जरूर बनाएं। इससे भी नेगेटिव विचार गायब हो जाएंगे। क्योंकि व्यस्त रहेंगे तो नेगेटिव विचारों के लिए कोई जगह नहीं होगी।

Disclaimer: इस लेख में बताई गई जानकारी और सुझाव को पाठक अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित  एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। News24 की ओर से किसी जानकारी और सूचना को लेकर कोई दावा नहीं किया जा रहा है।

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