क्या आप भी सर्दियों में कम पानी पीते हैं? यह आदत ले सकती है जान, यहां जानिए कम पानी पीने से शरीर में क्या होता है

Kam Pani Peene Ke Nuksan: सर्दियां आते ही लोग पानी कम पीना शुरू कर देते हैं. ऐसे में यहां जानिए कम पानी पीना सेहत पर कौन-कौनसे प्रभाव डालता है और इससे किन स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का खतरा बढ़ता है.

drinking water

कम पानी पीने पर क्या होता है, जानिए यहां.

Effects Of Drinking Less Water: बहुत से लोग ठंड के मौसम में बार-बार पेशाब ना करना पड़े इस चक्कर में पानी कम पीने लगते हैं. लेकिन, आपकी यह छोटी सी लापरवाही जानलेवा भी हो सकती है. असल में गर्मियों के मौसम में व्यक्ति को पसीना आता है और बार-बार प्यास लगती है. गर्मियों में बाथरूम के चक्कर लगाने पर भी ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है. लेकिन, सर्दी का मौसम हो तो पसीना नहीं आता, बार-बार प्यास नहीं लगती और बाथरूम के चक्कर लगाने का मन नहीं करता, इसीलिए व्यक्ति कम पानी पीने लगता है. लेकिन, कम पानी पीने पर अलग-अलग स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें (Health Problems) हो सकती हैं, यहां तक कि आपकी जान भी जा सकती है. कैसे? जानिए यहां.

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कम पानी पीने से शरीर में क्या होता है?

किडनी की बीमारी – 2019 में हुई अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की एक रिसर्च के मुताबिक लंबे समय तक कम पानी पिया जाए तो इससे किडनी की बीमारी (Kidney Disease) का खतरा रहता है. शरीर में पानी की कमी किडनी में टॉक्सिंस को डिपॉजिट करती है जिससे पथरी बनने लगती है.

मूत्रमार्ग का संक्रमण – पानी की कमी से मूत्रमार्ग का संक्रमण यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन हो सकता है. यह इंफेक्शन किडनी, मूत्राशय, मूत्रनली या मूत्रमार्ग में होता है. इसमें पेशाब करने में जलन होने लगती है और दर्द हो सकता है.

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आ सकता है हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक – हमें लगता है कि पानी ना पीने पर ज्यादा से ज्यादा शरीर में पानी की कमी ही होगी, लेकिन यह कमी हार्ट अटैक (Heart Attack) या ब्रेन स्ट्रोक की वजह भी बन सकती है. पानी की कमी से खून गाढ़ा होने लगता है. इससे दिल को खून पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल का दौरा पड़ सकता है. पानी की कमी से नसें सिंकुड़ने लगती हैं जिससे ब्रेन हेमरेज हो सकता है.

पाचन तंत्र पर असर – लंबे समय तक पानी ना पिया जाए तो इससे पाचन तंत्र पर प्रभाव पड़ने लगता है. बहुत से लोगों को सर्दी के मौसम में अक्सर ही कब्ज हो जाती है जिसकी बड़ी वजह शरीर में पानी की कमी होना है. इसीलिए सर्दियों में पानी की कमी होने से बचना जरूरी है और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए.

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सिरदर्द और थकान – पानी की कमी सिरदर्द और थकान का कारण बन सकती है. इससे व्यक्ति को अक्सर ही बिना मेहनत के भी शरीर में सुस्ती दिखती है.

शरीर में पानी की कमी के क्या लक्षण हैं?

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  • पानी की कमी होने पर पेशाब कम आता है.
  • पेशाब करने में जलन (Peshab Me Jalan) महसूस होती है.
  • पेशाब का रंग गहरा नजर आ सकता है.
  • मुंह सूखा हुआ महसूस होता है और प्यास लगती है.
  • एनर्जी कम होती है और मूड खराब रहता है.
  • आंखें अंदर की तरफ धंसी हुई रहती हैं.
  • स्किन को हल्का दबाया जाए तो स्किन वापस अपनी शेप में नहीं जाती.
  • दिल की धड़कन बढ़ सकती है.
  • स्किन ड्राई रहने लगती है.
  • मसल्स में दर्द होता है.
  • कब्ज हो जाती है और मलत्याग करने में दिक्कत आती है.

कैसे पूरी होगी पानी की कमी

सर्दियों में शरीर में पानी की कमी (Pani Ki Kami) ना हो इसके लिए दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए. सर्दियों में सुबह उठकर सबसे पहले पानी पिया जाए तो सेहत को फायदा मिलता है. हर 2 से 3 घंटे के अंतराल में भी पानी पीते रहें. 5 बजे तक पर्याप्त मात्रा में पानी पी लें जिससे कि आपको शाम को ज्यादा पानी ना पीना पड़े और देररात नींद से उठकर बाथरूम के चक्कर ना लगाने पड़ें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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