धन्वंतरि धाम में हर साल होगा हर्बल कुंभ, लोगों को मिलेंगी ये सुविधाएं, जानिए पतंजलि के आयुर्वेदिक केंद्र के बारे में सबकुछ

Shri Dhanvantari Dham: प्रकृति की गोद में बसे श्री धन्वंतरि धाम में हर साल हर्बल कुंभ का आयोजन होगा. यह आम लोगों के लिए आयुर्वेदिक सुविधा का केंद्र ही नहीं बल्कि पारंपरिक औषधीय ज्ञान, औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण का केंद्र भी है.

Dhanvantri Dham

क्या है श्री धन्वंतरि धाम की खासियत, जानिए यहां. Image Credits - Social Media

Dhanvantari Dham Herbal Kumbh: भारत में आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए पतंजलि ने धन्वंतरि धाम की नींव रखी है. हर्बल वर्ल्ड हिमालय, श्री धन्वंतरि धाम ऐसी जगह है जहां धरती आरोग्य और मनुष्य साधक है. पौढ़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर ब्लॉक स्थित मालाग्राम में विकसित हो रहे हर्बल वर्ल्ड हिमालय का पहला हर्बल कुंभ आयोजित किया गया है. 4 से 6 नवंबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय हर्बल कुंभ, जड़ी-बूटी कृषि मेला एवं धन्वंतरि महोत्सव 2026 का शुभारंभ किया गया जहां कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मुख्य अतिथि रहे. इसी मंच पर आचार्य बालकृष्ण (Acharya Balkrishna) ने हर साल हर्बल कुंभ आयोजित करने की बात कही है. अगले साल 25, 26 और 27 अक्टूबर को हर्बल कुंभ का आयोजन होगा. इसके जरिए देशभर के आयुर्वेद विशेषज्ञों, वेद्यों, शोधकर्ताओं और औषधीय पौधों से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा.

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क्या है धन्वंतरि धाम

श्री धन्वंतरि धाम उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर ब्लॉक के मालाग्राम में विकसित किया जा रहा हे. इसे हर्बल वर्ल्ड हिमालय (Herbal World Himalaya) नाम दिया गया है. हर्बल वर्ल्ड हिमालय पारंपरिक दवाओं का एक अनोखा ग्लोबल भंडार है जो आयुर्वेद के दिव्य जनक श्री धन्वंतरि को जीती-जागती श्रद्धांजलि है.

धन्वंतरि धाम करीब 200 एकड़ में फैला हुआ है. आस-पास के साफ-सुधरे इलाके में फैला श्री धन्वंतरि धाम प्रकृति, विज्ञान और आध्यात्मिकता के बीच एक पुल की तरह खड़ा है. इसे बनाने के पीछे का मकसद और सोच यह है कि धन्वंतरि धाम के माध्यम से पुराने इलाज की परपंराओं को बचाया जा सके और फिर से शुरू करके दुनियाभर में इसे बढ़ावा दिया जा सके. यह जगह धरती की बॉटेनिकल क्षमता, ग्लोबल वेलनेस और इकोलॉजिकल चेतना की ओर एक मूवमेंट है. हर पौधा, रास्ता और पवेलियन इस सोच को दिखाता है कि हर रोग की दवा प्रकृति के पास है.

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धन्वंतरि धाम में 50 हजार से ज्यादा औषधीय पौधों का संग्रह

धन्वंतरि धाम की खासियत यहां मौजूद औषधीय वनस्पतियां यानी पौधे हैं. परिसर में 50 हजार से अधिक औषधीय पौधे लगाए जा चुके हैं जो रोगों के इलाज में महत्वपूर्ण साबित होते हैं. यहां औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण पर काम किया जा रहा है और ऐसे पौधों को बचाने की कोशिश की जा रही है जो खत्म होने की कगार पर थे या हैं.

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लोगों को कौन सी सुविधाएं मिलेंगी

धन्वंतरि धाम केवल एक औषधीय बगीचा नहीं है बल्कि यह लोगों को योग, ज्ञान, प्रकृति, योग और आध्यात्मिकता से जोड़ने का एक केंद्र है जो अन्य किसी भी वेलनेस सेंटर (Wellness Center) से अलग है. यहां आकर लोग खुद को प्रकृति की छटा के बीच, प्रकृति की गोद में पाएंगे. फिलहार धन्वंतरि धाम के आस-पास के रिजॉर्ट से कॉन्ट्रेक्ट किया गया है, लेकिन अगले साल तक यहां रुकने की व्यवस्था होगी जिसका शुल्क प्रतिदिन के हिसाब से 2000 से 2500 के बीच होगा. आधिकारिक वेबसाइट पर बताई गई जानकारी के मुताबिक लोगों को श्री धन्वंतरि धाम में ये सुविधाएं मिलेंगी –

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म्यूजियम – धन्वंतरि धाम में सबूतों के आधार पर म्यूजियम बनाया गया है. यह वैज्ञानिक रेस्टोरेशन, डिजिटल संरक्षण और वेरिफाइड रिसर्च को मिलाकर म्यूजियम कंजर्वेशन और सीखने के एक डायनेमिक सेंटर के रूप में विकसित हो रहा है.

नॉलेज पार्क – यहां औषधीय पौधों, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और वनस्पतियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का मौका मिलेगा. पार्क को एक लाइव क्लासरूम की तरह डिजाइन किया गया है जहां पुरानी और हर्बल जानकारी मॉडर्न और साइंटिफिक खोज से मिलती है. यह नॉलेज पार्क सीखने वालों, रिसर्च करने वालों और कुछ नया सीखने वालों के लिए एक सेफ स्पेस की तरह है.

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आध्यात्मिक गार्डन – कहते हैं हर रोग का इलाज प्रकृति के पास होता है. मूड खराब होता है तो व्यक्ति बेहतर महसूस करने के लिए प्राकृतिक छटा में बैठना चाहता है. ऐसे में लोगों को यहां आकर प्रकृति के बीच आध्यात्मिक वातावरण और भारतीय परंपराओं को समझने का मौका मिलेगा. साथ ही, जानकारों, प्रैक्टिशनर्स और साधकों को दुनियाभर की हीलिंग परंपराओं की साझी विरासत से प्रेरणा मिलेगी. यह पार्क पूरब और पश्चिम, पुराने और नए जमाने के बीच एक पुल की तरह काम करता है. यह गार्डन मेडिटेशन और खुद को समझने के लिए एक जगह देता है जिससे यहां आने वाले हिमालय की कुदरती लय से घिरकर खुद के अंदर की शांति महसूस कर पाते हैं.

योग और मेडिटेशन सेंटर – धन्वंतरि धाम में ध्यान और मानसिक शांति के लिए विशेष स्थान विकसित किया गया है. परिसर में योग और ध्यान का अभ्यास करने की सुविधा मिलेगी.

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हर्बल आहार, नेचुरल मनोरंजन – यहां हर्बल खानपान मिलेगा जो सेहत के लिए अच्छा और शरीर की जरूरत के अनुसार होगा. साथ ही, योग सेशन, मेडिटेशन प्रोग्राम के जरिए मनोरंजन कर सकते हैं.

हर्बल नर्सरी और खेती – यहां किसानों को शामिल किया है और यह नर्सरी हर्बल खेती में लगे किसानों और एंटरप्रेन्योर्स के लिए प्रोपेगेशन, सीडलिंग डेवलपमेंट और बड़े पैमाने पर डिस्ट्रीब्यूशन के लिए जरूरी सेंटर के तौर पर काम करती है.

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हर साल लगेगा हर्बल कुंभ, 2027 की तारीख भी घोषित

धन्वंतरि धाम में इस साल 4 से 6 नवंबर के बीच 3 दिवसीय हर्बल कुंभ का आयोजन किया गया है और आचार्य बालकृष्ण ने बताया है कि हर साल हर्बल कुंभ, जड़ी-बूटी मेला और धन्वंतरि महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. साल 2027 में यह हर्बल मेला 25 से 27 अक्टूबर के दिन आयोजित किया जाएगा.

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Source - Herbal World Himalaya

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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