Panchakarma Kaise Ki Jati Hai: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, थकान और मानसिक असंतुलन आम समस्या बन चुकी है. इससे काम का दबाव, अनियमित दिनचर्या और गलत खान-पान हमारे शरीर में विषैले तत्व जमा कर देते है और कई तरह की परेशानियां पैदा हो जाती हैं. ऐसे में शरीर के टॉक्सिन बाहर निकालने के लिए आपको प्राचीन आयुर्वेदिक चीजों का सहारा लेना होगा. आप पतंजलि योगपीठ पर भरोसा कर सकते हैं. यह दुनिया के सबसे बड़े आयुर्वेदिक संस्थानों में से एक है जहां बेसिक ट्रीटमेंट, आयुर्वेदिक चिकित्सा और सर्जरी वगैरह की सुविधा मुहैया करवाई जाती है. आप अपनी जरूरत के हिसाब से यहां पर अपनी इलाज करवा सकते हैं. अगर आपको अपना शरीर अंदर से साफ करवाना है या प्राचीन आयुर्वेदिक उपचार अपनाना है तो पंचकर्म चिकित्सा प्रणाली बेस्ट रहेगी. इस प्रणाली को कई बीमारियों से छुटकारा दिलाने के लिए अपनाया जाता है जैसे- चर्म रोग, खून को साफ करना या नस-नाड़ियों के रोगों को दूर करना आदि. बता दें, पतंजलि के एक्सपर्ट्स के अनुसार, पंचकर्म ना केवल शरीर को शुद्ध करता है बल्कि मन को भी शांत और संतुलित बनाता है.
शरीर और मन को डिटॉक्स करेगी प्राचीन आयुर्वेदिक टेक्निक
शरीर को डिटॉक्स करने के लिए पंचकर्म प्रणाली बहुत ही मददगार मानी जाती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि पंचकर्म आयुर्वेद की एक प्राचीन डिटॉक्स थेरेपी है, जिसमें शरीर को अंदर से साफ किया जाता है. पंच यानी पांच और कर्म यानी प्रक्रियाएं, जिसमें पांच मुख्य प्रक्रियाएं शामिल होती हैं. यह शरीर में जमा विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती हैं.
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पंचकर्म की पांच प्रक्रियाएं क्या हैं?
- वमन
- विरेचन
- बस्ती
- नस्य
- रक्तमोक्षण
कैसे करता है शरीर को डिटॉक्स?
पंचकर्म थेरेपी शरीर के हर हिस्से पर काम करती है. यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है, जिससे शरीर में जमा गंदगी बाहर निकल जाती है. यह पेट को साफ करने के साथ-साथ लिवर और किडनी को भी बेहतर बनाने का काम करता है, जिससे स्किन ग्लो करने लगती है. शरीर हल्का और एनर्जेटिक महसूस होता है.
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मानसिक शांति में कैसे मदद करता है?
आज के समय में मानसिक तनाव सबसे बड़ी समस्या है. पंचकर्म सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि मन को भी संतुलित करता है. इस प्रक्रिया को अपनाने से दिमाग बहुत ही शांत हो जाता है. चिंता और स्ट्रेस खुद ही दूर होने लगता है. यह प्रणाली नींद को भी काफी प्रभावित करने का काम करती है. अगर आपको नींद की समस्या है तो इसे जरूर करना चाहिए.
पंचकर्म की प्रमुख थेरेपी और फायदे
ऑयल मसाज- गर्म तेल से पूरे शरीर की मालिश की जाती है. इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और मांसपेशियों को आराम मिलता है.
स्टीम थेरेपी- स्टीम के जरिए शरीर से पसीना निकलता है, जिससे टॉक्सिन्स बाहर आते हैं.
शिरोधारा- इसमें माथे पर लगातार तेल डाला जाता है. यह मानसिक तनाव को दूर करने की सबसे असरदार थेरेपी मानी जाती है.
नस्य- नाक के जरिए औषधि दी जाती है, जिससे दिमाग और साइनस साफ होते हैं.
पंचकर्म किन लोगों के लिए है फायदेमंद?
पतंजलि के एक्सपर्ट का कहना है कि पंचकर्म थेरेपी खासतौर पर इन लोगों के लिए लाभकारी है, जिन्हें स्ट्रेस लेने की आदत है या वक्त पर नींद नहीं आती है. अगर इसे सही तरीके से किया जाता है तो स्किन और बालों की समस्या भी दूर हो जाती है. पाचन से जुड़ी परेशानी वाले लोग भी इस क्रिया को अपना सकते हैं. बस उन्हें ये थेरेपी किसी अच्छी जगह से करनी होगी. इसलिए बेहतर होगा कि आप पतंजलि पंचकर्म सेंटर में जाकर इस थेरेपी को करवाएं.
घर पर आसान डिटॉक्स टिप्स
अगर आप पंचकर्म सेंटर नहीं जा सकते तो कुछ आसान आयुर्वेदिक उपाय घर पर भी कर सकते हैं. इसके लिए आप सुबह गुनगुना पानी पिएं और रोज योग या प्राणायाम को अपने रूटीन में शामिल करें. हल्का और सात्विक खाना खाएं और वक्त पर सोएं ताकि मन और मस्तिष्क को आराम मिल सके.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.