हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

Puppy को पालना 'बिगाड़' रहा लोगों की सेहत! स्टडी में आए चौंकाने वाले फैक्ट्स

Caring for puppy becoming frustrating: कुत्तों के मालिकों ने ये माना कि कुत्तों के पालने के दौरान शुरुआती छह महीने बेहद चुनौतीपूर्ण रहे। अपने पप्पी की सेहत को लेकर उनके मन में कई बार तनाव, निराशा, और पछतावे जैसे भाव आए।

विज्ञापन
puppy (फोटो क्रेडिट गूगल)

Caring for your demanding puppy becoming frustrating: घर में puppy को लाना एक नई खुशी लाता है। घर में बच्चे के जन्म के साथ पप्पी को लाना इन दिनों ट्रेंड में है। लेकिन कुत्ते के बच्चे को शुरुआती दिनों में पालना लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। दरअसल, एक मेडिकल जर्नल में पब्लिश स्टडी के मुताबिक (npj Mental Health Research) पप्पी को पालने वाले लोगों में पप्पी लाने के शुरुआती करीब छह महीनों में चिंता, निराशा और थकावट जैसे लक्षण देने गए हैं।

साइंटिफिक लैंग्वेज में इस बीमारी को कहते हैं ‘Puppy Blues’

स्टडी के अनुसार जानवरों के डॉक्टर इसे बीमारी या लक्षण को साइंटिफिक लैंग्वेज में puppy blues कहते हैं। इसमें अपने पप्पी की केयर करने, उसे समय से खाना देने, उसके सोने और नहाने आदि का ध्यान रखने को लेकर उसका मालिक इतना संवेदनशील हो जाता है कि खुद को पप्पी को पालने की काबिलियत तक पर शक करने लगता है। जिससे उसका मूड स्विंग होने है और उसमें चिंता, निराशा और थकावट जैसे लक्षण आते हैं जो उसकी मानसिक सेहत पर बुरा असर डालते हैं।

विज्ञापन

ये भी पढ़ें: बच्चों को प्ले स्कूल भेजने वाले हो जाएं सावधान! 3 में से हर 1 बच्चे की आंख हो रही कमजोर

नींद की कमी और गंभीर मानसिक थकावट से जूझना पड़ा

स्टडी के अनुसार कुत्तों के मालिकों ने ये माना कि कुत्तों के पालने के दौरान शुरुआती छह महीने बेहद चुनौतीपूर्ण रहे। अपने पप्पी की सेहत को लेकर उनके मन में कई बार तनाव, निराश, थका हुआ होने और पछतावे जैसे भाव आए। वहीं, शुरुआत में छोटा होने के चलते पप्पी की 24 घंटे केयर करनी पड़ती थी। उसके नहाने, खाने के समय और तबीयत का ज्यादा ध्यान रखना पड़ता था। जिससे उन्हें नींद की कमी और गंभीर मानसिक थकावट से जूझना पड़ा। इसके अलावा लोगों में अपने कुत्तों की ठीक से देखभाल करने में असमर्थ होने जैसे भाव आए।

विज्ञापन

मानसिक सेहत पर हुए ये बदलाव अस्थायी थे

स्टडी में आगे ये स्पष्ट किया गया कि लोगों की मानसिक सेहत पर हुए ये बदलाव अस्थायी थे। कुछ हफ्ते या महीनों के बाद जैसे-जैसे पप्पी के खानपान की आदतें, सोने और डेली रूटीन में बदलाव आए तो उनके मालिक का मूड स्विंग भी अपने आप ठीक हो गया।

ये भी पढ़ें: रोजाना की बजाए वीकेंड पर एक्सरसाइज करने वाले निकले ‘फिट’, स्टडी में सामने आए चौंकाने वाले फैक्ट्स

विज्ञापन

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola