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बच्चे को जन्म देने के बाद अवसाद से घिर सकती है मां, जानिए क्या होता है पोस्टपार्टम डिप्रेशन, कैसे दिखते हैं इसके लक्षण

What Is Postpartum Depression: यूनिसेफ ने बताया पोस्टपार्टम डिप्रेशन क्या होता है और नई मां में पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लक्षण किस तरह पहचाने जा सकते हैं. साथ ही, जानिए किस तरह पोस्टपार्टम डिप्रेशन को मैनेज किया जा सकता है.

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Postpartum Depression Symptoms: पोस्टपार्टम डिप्रेशन से जूझती हैं महिलाएं. AI Generated Image

Postpartum Depression: बच्चे को जन्म देना किसी भी महिला के लिए बेहद खुशी का समय होता है, मन एकसाथ कई भावनाओं से भर जाता है. लेकिन, कई बार यह अनुभव कई चुनौतियों के साथ आता है जिसके कारण बहुत सी महिलाएं डिप्रेशन और एंजाइटी जैसी दिक्कतों का शिकार हो सकती हैं. बच्चे को जन्म देने के बाद होने वाले डिप्रेशन को पोस्टपार्टम डिप्रेशन या पोस्टनेटल डिप्रेशन (Postnatal Depression) कहते हैं. UNICEF के अनुसार, पोस्टपार्टम डिप्रेशन का मतलब सिर्फ दुखी होना ही नहीं है. बहुत ज्यादा एंजाइटी होना भी पोस्टपार्टम डिप्रेशन में हो सकता है. हर समय रोना और बच्चे के साथ बोंडिंग ना हो पाना भी पोस्टपार्टम में हो सकता है.

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पोस्टपार्टम डिप्रेशन के क्या लक्षण हैं

पोस्टपार्टम डिप्रेशन या पोस्टनेटल डिप्रेशन के लक्षण सामान्य डिप्रेशन जैसे ही दिखते हैं –

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  • दुख महसूस करना
  • आमतौर पर जो चीजें खुशी देती हैं उन्हें भी एन्जॉय ना कर पाना
  • शरीर में थकान रहना और एनर्जी की कमी महसूस होना
  • ध्यानकेंद्रित करने में दिक्कत होना या अटेंशन स्पैन कम हो जाना
  • सेल्फ एस्टीम और सेल्फ कोंफिडेंस कम होना
  • नींद खराब हो जाना, बच्चा सो रहा हो तब भी ना सो पाना
  • भूख में कमी आना

महिलाएं पोस्टपार्टम डिप्रेशन में अपने बच्चे या पार्टनर से दूरी महसूस करने लगती हैं और कई बार खुद को या बच्चे को नुकसान पहुंचाने के बारे में भी सोच सकती हैं. लेकिन, ऐसा नहीं है कि पोस्टपार्टम डिप्रेशन में महिला सचमुच ऐसा करती ही है. अगर आप पोस्टपार्टम डिप्रेशन से गुजर रही हैं तो इस बारे में अपने परिवार, दोस्त या डॉक्टर से जितना जल्दी हो सके बात करें.

पोस्टपार्टम डिप्रेशन को कैसे मैनेज किया जा सकता है

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पॉजीटिव कॉपिंग स्ट्रैटजी से, स्ट्रेस को मैनेज करके और सपोर्टिव नेटवर्क बिल्ड करके पोस्टपार्टम डिप्रेशन से बचा जा सकता है. यह फिजिकल एजुकेशन की तरह है. फिजिकल एजुकेशन में जिस तरह शरीर को समझना और अलग-अलग दबाव या परेशानी में खुद का ख्याल कैसे रखना है, यह सिखाया जाता है, वैसे ही यहां दिमाग को समझना और चीजों को मैनेज करने पर जोर दिया जाता है. अपने करीबियों या किसी एक्सपर्ट से इस बारे में बातचीत करना, रिस्क फैक्टर्स को समझना और जरूरी कांउसलिंग लेना पोस्टपार्टम डिप्रेशन से निपटने में मदद करता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


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Source - UNICEF

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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