पैर में बार-बार झुनझुनी आने के क्या कारण हैं? जानिए किन 10 दिक्कतों का लक्षण हो सकती है यह झनझनाहट

Tingling Sensation In Feet: पैरों में झुनझुनी होना एक ऐसी दिक्कत है जिससे अनेक लोग परेशान रहते हैं. यह झुनझुनी क्यों होती है और किन दिक्कतों का संकेत हो सकती है जानिए यहां.

Tingling Sensation In feet

पैरों में झुनझुनी किस कमी से होती है?

Pair Me Jhunjhuni Kyu Hoti Hai: पैरों में बार-बार झनझनाहट होना एक ऐसी दिक्कत है जो अनेक लोगों को परेशान करती है. 2 मिनट से ज्यादा पैर मोड़कर बैठने पर या लेटे-लेटे भी पैरों में झुनझुनाहट (Tingling Sensation) होने लगती है. इस दौरान कोई हाथ लगा दे तो तकलीफ और बढ़ जाती है. लेकिन, भला इस झनझनाहट के क्या कारण हो सकते हैं? यहां जानिए नर्व डैमेज से लेकर विटामिन की कमी और किस बीमारी के चलते पैरों में बार-बार झुनझुनी हो सकती है.

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पैरों में क्यों होती है झनझनाहट

नर्व्स का दबना

किसी नस के दबने पर पैरों में झनझनाहट हो सकती है. इस झनझनाहट के साथ ही हल्का दर्द भी महसूस हो सकता है.

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टॉक्सिंस का जमना

कुछ टॉक्सिंस वाला खा लेने पर या फिर स्किन के टॉक्सिंस को सोख लेने पर पैरों में झनझनाहट हो सकती है. आर्सेनिक, एंटीफ्रीज या मर्करी के सेवन से ऐसा हो सकता है. इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से मिलना जरूरी है.

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ज्यादा शराब पीना

अगर व्यक्ति ज्यादा शराब पी लेता है तो इससे एल्कोहॉलिक न्यूरोपेथी या पेरिफेरल न्यूरोपेथी हो सकती है. एल्कोहल एक टॉक्सिन है जो नर्व टिशूज को डैमेज करता है. ऐसे में झनझनाहट महसूस हो सकती है.

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एंजाइटी होना

जिन लोगों को एंजाइटी होती है उन्हें हाथ या पैरों में झनझनाहट महसूस हो सकती है. एंजाइटी में झनझनाहट के साथ ही सिर में दर्द या सांस लेने में दिक्कत भी हो सकती है.

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विटामिन की कमी

शरीर में विटामिन बी12 की कमी (Vitamin B12 Deficiency) होने पर पैरों में झनझाहट हो सकती है. विटामिन बी12 की कमी से नर्व डैमेज हो सकती है, चक्कर आ सकते हैं, शरीर में थकान रहती है और कमजोरी महसूस हो सकती है.

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डायबिटीज

डायबिटीज में हाई ब्लड शुगर बढ़ जाती है जिसे नर्व डैमेज होता है. ऐसे में डायबिटीज में मरीज को पैरों में झनझनाहट महसूस हो सकती है.

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किडनी की बीमारी

हाथ या पैरों पर झनझनाहट होने की वजह किडनी की बीमारियां भी हो सकती हैं. डायबिटीज और ब्लड प्रेशर दोनों ही किडनी फेलियर की वजह बनती हैं. इससे झनझनाहट हो सकती है.

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पेरिफेरल आर्टरी डिजीज

पेरिफेरल आर्टरी डिजीज रक्त धमनियों को कमजोर बनाने लगती है. इससे नसें सिंकुड़ने लगती हैं. ऐसे में ब्लड सर्कुलेशन खराब होने लगता है और झुनझुनी होने लगती है.

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ओटोइम्यून डिजीज

ओटोइम्यून डिजीज में हाथ-पैरों में झनझनाहट हो सकती है. ल्यूपस, सीलिएक डिजीज और रुमेटॉइड आर्थराइटिस कुछ ऐसी ओटोइम्यून बीमारियां हैं जिनमें झनझनाहट हो सकती है.

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दवाओं के कारण

ऐसी कुछ दवाएं हैं जिनके सेवन से हाथ-पैरों में झनझनाहट हो सकती है. कैंसर, दौरे पड़ना या हाई ब्लड प्रेशर की दवा लेने पर ऐसा हो सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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