NAFLD Risk Factors: नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) लिवर की लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है जो अनेक लोगों को अपना शिकार बनाती है. यह बीमारी मोटापे, टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और कई कैंसर से जड़ी है. समय रहते नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज का इलाज ना किया जाए तो यह लिवर सिरोसिस और कैंसर (Liver Cancer) के खतरे को बढ़ा देती है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि किन लोगों को यह बीमारी हो सकती है या इसके रिस्क फैक्टर्स क्या हैं जिनसे बचकर रहा जरूरी है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज किन स्थितियों में हो सकती है.
यह भी पढ़ें – किडनी फेल होने लगती है तो शरीर देने लगता है संकेत, जानिए कैसे पहचानें Kidney नहीं कर पा रही ठीक तरह से काम
किन्हें हो सकती है नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज
मोटापा या मेटाबॉलिक सिंड्रोम – मोटापे या मेटाबॉलिक सिंड्रोम से दो-चार हो रहे लोगों में नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज होने की संभावना रहती है. पेट के आस-पास जमा फैट इंसुलिन रेजिस्टेंस और लिवर इंफ्लेमेशन की वजह बन सकता है. मेटाबॉलिक सिंड्रोम से ग्रस्त लोगों में भी NAFLD देखा जाता है.
डायबिटीज – इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप 2 डायबिटीज मेलाइटिस के मरीजों में लिवर की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में डायबिटीज के मरीज लिवर की बीमारी से ग्रस्त हो सकते हैं.
लाइफस्टाइल का एक्टिव ना होना – सिडेंटरी लाइफस्टाइल भी फैटी लिवर डिजीज की एक बड़ी वजह है. सिडेंटरी लाइफस्टाइल का मतलब है कि ज्यादा एक्टिव ना होना, हमेशा बैठे या लेटे रहना और किसी तरह की एक्सरसाइज ना करना. ऐसे में रेगुलर एक्सरसाइज करना, साइक्लिंग करना और स्विमिंग वगैरह करना बीमारियों को दूर रखने में मददगार होता है.
खानपान की गलतियां – खानपान का खराब होना भी लिवर की बीमारी को बढ़ा सकता है. अनहेल्दी फैट्स और शुगर से भरपूर डाइट लेने पर नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज हो सकती है. ऐसे में जरूरी है कि खानपान हेल्दी हो, डाइट में पूर्ण अनाज, फल और सब्जियां वगैरह ज्यादा लिए जाएं.
अन्य रिस्क फैक्टर्स – उम्र बढ़ने पर, अधिकतर पुरुषों में, कुछ दवाओं के चलते, कुछ कंडीशंस जैसे पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या स्लीप एपनिया नॉन फैटी लिवर डिजीज के रिस्क को बढ़ा सकते हैं.
नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज कैसे ठीक होता है
- लाइफस्टाइल में बदलाव करके नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज को ठीक किया जा सकता है. डॉक्टर से जांच कराने के बाद उनके कहेनुसार ही लाइफस्टाइल की आदतें बदली जाती हैं.
- हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाने पर लिवर की दिक्कतों (Liver Problems) का खतरा कम होता है.
- एल्कोहल का सेवन पूरी तरह से बंद करना जरूरी है.
- शरीर की अन्य दिक्कतें जैसे कार्डियोवेस्कुलर दिक्कतों या हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज करना जरूरी होता है.
- माइक्रोन्यूट्रिएंट्स को मैनेज करना जरूरी है. इसके लिए कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स को डाइट का हिस्सा बनाना जरूरी है.
- हेल्दी फैट्स और अनहेल्दी फैट्स में अंतर करना और सेहत के लिए सही फूड्स को चुनना जरूरी है.
यह भी पढ़ें – क्या टीबी ठीक होने के बाद दोबारा हो सकता है? AIIMS के प्रोफेसर ने बताए टीबी से जुड़े मिथक और उनका सच
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
संबंधित खबरें
वायु प्रदूषण और दिमाग की बीमारियों का क्या है कनेक्शन?
5 hrs agoमूंग या चना स्प्राउट्स, तेजी से वजन घटाने के लिए क्या खाना है बेहतर? जानिए
6 hrs agoइम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने का आसान तरीका, रोजाना अपनाएं ये 6 हेल्दी टिप्स
8 hrs agoदिवाली के बाद अचानक उल्टी-दस्त? फूड पॉइजनिंग का हो सकता है संकेत
10 hrs agoअस्थमा के मरीज पटाखों के धुएं से कैसे बचें? यहां जानिए कैसें रखें ख्याल
11 hrs agoसुबह उठते ही शरीर में दिखें ये लक्षण तो समझ जाएं बढ़ रहा है प्रदूषण का असर
13 hrs agoदिवाली पर पटाखे जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान, AIIMS प्रोफेसर की सलाह
13 hrs agoत्योहारों में देर रात तक जागना पड़ सकता है भारी, दिख सकते हैं ये लक्षण
1 day agoदिल्ली की जहरीली हवा से बच्चों और बुजुर्गों को कैसे बचाएं? अपनाएं ये जरूरी
1 day agoत्योहार के बाद गैस और एसिडिटी कर देते हैं परेशान? अपनाए ये Tips
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
Source - Health Ministry
First published on:
Know More: Editorial Guidelines