50 साल की रिसर्च, वैज्ञानिकों ने नया ब्लड ग्रुप खोजा, जानें किन-किन के लिए फायदेमंद?

New Blood Group Research: वैज्ञानिकों ने एक नए ब्लड ग्रुप की खोज की है, वहीं इस खोज को मेडिकल साइंस में बड़ी सफलता माना गया है। 50 से ज्यादा साल की रिसर्च के बाद इस ब्लड ग्रुप की व्याख्या की गई है और इससे कई गंभीर बीमारियों से भी बचा जा सकता है।

blood research

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New Blood Group Research: हर इंसान के शरीर में खून अलग-अलग ग्रुप का होता है। अब तक मुख्यत: 4 प्रकार के ब्लड ग्रुप हैं, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक और ब्लड ग्रुप तलाश लिया है। इस खोज से बहुत से बीमार लोगों को फायदा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं इस नई मेडिकल रिसर्च में 50 वर्षों से ज्यादा का समय लगा है, क्योंकि साइंटिस्टों को इस नए और रेयर ब्लड ग्रुप को लेकर जानकारी तो थी, मगर यह किस प्रकार फायदेमंद होगा? इसका पता करना बाकी था, जो अब पता चल गया है।

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कैसे हुई इस ब्लड ग्रुप की पहचान?

इस ब्लड ग्रुप की पहचान NHS ब्लड एंड ट्रांसप्लांट (NHSBT) के शोधकर्ताओं ने की है। इस ब्लड ग्रुप का नाम MAL ब्लड ग्रुप है। इस ब्लड ग्रुप के बारे में वैज्ञानिक गहन शोध कर रहे थे, जिसके बाद कई अहम खुलासे हुए हैं। इस ब्लड ग्रुप को साल 1972 में पहली बार देखा गया था। वहीं रिसर्च में लगे एक वरिष्ठ साइंटिस्ट ने बताया कि यह दुर्लभ ब्लड ग्रुप है और यह उन रोगियों के लिए लाभदायक होगा, जिनका ब्लड ग्रुप भी रेयर होता है।

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इस खोज के क्या लाभ हैं?

नई रिसर्च के अनुसार मेडिकल वर्ल्ड में कई प्रकार के लाभ होंगे, जैसे:

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ब्लड डोनेशन

अब ब्लड डोनेट करने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। डॉक्टर आसानी से पता लगा पाएंगे कि किस मरीज को कौन सा ब्लड देना होगा?

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नया ब्लड ग्रुप किन लोगों के लिए फायदेमंद

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जिन लोगों का ब्लड ग्रुप रेयर है, इस नए ब्लड ग्रुप से इन लोगों का इलाज करना आसान हो जाएगा। ऐसे मरीजों के लिए दवाएं भी आसानी से बनाई जा सकेंगी।

नई दवाओं की खोज

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यह रिसर्च नई और ज्यादा कारगर दवाओं के निर्माण में सहायक होगी।

AnWj एंटीजन वाले व्यक्तियों की तलाश

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AnWj एंटीजन एक प्रकार का खास एंटीबॉडी है, जिसे विदेशी एंटीबॉडी कहा जाता है। इस एंटीबॉडी की कमी से इंसान को रोगों से लड़ने में दिक्कतें आती हैं। नई रिसर्च से ऐसे लोगों की भी पहचान हो सकेगी, जो इस एंटीबॉडी के रोगी हैं। रिसर्च के मुताबिक, जीनोटाइपिंग प्लेटफॉर्म से AnWj-नेगेटिव ब्लड डोनर्स और रिसीवर्स दोनों की ही पहचान आसानी से होगी।

रिसर्च का प्रभाव

शोधकर्ताओं द्वारा की गई इस नई रिसर्च से सुरक्षित ब्लड ट्रांसफ्यूजन की उम्मीद लगाई जा रही है। साथ ही, ब्लड डोनेशन में भी बढ़ोतरी होने की संभावनाएं हैं।

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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें।News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।

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लेखक के बारे में

Namrata Mohanty

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m Namrata Mohanty  @namratamohanty105 Namrata Mohanty
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