Covid 19 XEC Variant: कोरोना का नया वैरिएंट दुनिया में तेजी से फैल रहा है। इस नए वैरिएंट को लेकर कहा जा रहा है कि सर्दियों तक यह एक गंभीर रूप ले सकता है। यह कोविड का एक प्रमुख स्ट्रेन हो सकता है। इस वैरिएंट का पहला मामला जर्मनी में जून के महीने में मिला था। यह वैरिएंट “KS.1.1 और KP.3.3” वेरिएंट का एक सबवैरिएंट हो सकता है। चलिए जानते हैं इस नए वैरिएंट के बारे में सबकुछ।
क्या है कोविड XEC वैरिएंट?
यह वैरिएंट “KS.1.1 और KP.3.3” वेरिएंट का एक सबवैरिएंट है, जिसके इस साल सर्दियों तक तेजी से फैलने का अनुमान लगाया जा रहा है। यह स्ट्रेन दुनिया के बड़े हिस्सों में फैल सकता है। इस वैरिएंट को FLuQE वैरिएंट के उपवैरिएंट KP.3.1.1 या deFLuQE वैरिएंट, दोनों प्रकार के वैरिएंट के समान माना जा रहा है, जिसमें थोड़ा बदलाव हो सकता है। यह वैरिएंट आगे चलकर भयावह रूप ले सकता है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।
कहां है इसका ज्यादा खतरा?
यह वैरिएंट फिलहाल, विदेशों में ही फैला हुआ है। इसके अलावा XEC वैरिएंट ने अभी तक किसी देश में खौफनाक रूप नहीं लिया है, जिससे इसे अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के वैरिएंट अनुपात डेटा ट्रैकर पर शामिल किया जा सके। भारत में फिलहाल इस वैरिएंट को लेकर कोई संदिग्ध या पुष्टि नहीं हुई है।
कोविड XEC के लक्षण
XEC के लक्षण ओमिक्रॉन वैरिएंट से काफी हद तक मिलते-जुलते हैं। यह वैरिएंट एक प्रकार से ओमिक्रोन के वंशज वैरिएंट का ही स्वरूप हो सकता है। इसलिए इसमें इंसान को ऐसे लक्षण दिखते हैं:
- बुखार
- खांसी
- भूख न लगना
- शरीर में दर्द
- कोई खुशबू या गंध महसूस न होना
- सांस लेने में तकलीफ
- नाक बहना
- मतली-उल्टी और दस्त
इसके लक्षण शरीर में 1 से 14 दिनों के बीच कभी भी नजर आ सकते हैं।
क्या वैक्सीन इस वैरिएंट से बचा सकता है?
हालांकि, नया वैरिएंट ओमिक्रॉन जैसा ही है। गंभीर हालातों में मरीज को अस्पताल में भर्ती करवाना ही पड़ेगा। मगर विशेषज्ञों के अनुसार टीका लगवाना सभी के लिए जरूरी है, क्योंकि वैक्सीन काफी हद तक इस वैरिएंट के प्रभाव को कम कर सकती है। इसलिए सभी लोगों को टीके और बूस्टर शॉट दोनों लेने की सलाह दी जा रही है।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें।News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।