जी हां, कई जड़ी-बूटी ऐसी भी हैं, इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण मौजूद रहते हैं, जो कई बीमारियों को ठीक करने में मदद करती हैं। चलिए इन नेचुरल एंटीबायोटिक के बारे में जान लेते हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि अगर किसी भी चीज से एलर्जी है तो इस्तेमाल करने से बचें।
लहसुन
अमेरिकन सोसायटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी के अनुसार, लहसुन में कई एक्टिव एंटी माइक्रोबियल एजेंट होते हैं। इनमें एलिसिन, एजोइन्स और एलिल सल्फाइड जैसे केमिकल शामिल हैं, जो कई प्रकार के एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज का प्रदर्शन करते हैं। 2021 की समीक्षा में बताया गया है कि ये केमिकल मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस बैक्टीरिया के खिलाफ प्रभावी हो सकते हैं और भविष्य के एंटीबायोटिक दवाओं के विकास के लिए एक रूपरेखा प्रदान कर सकते हैं।
शहद
प्राचीन काल से ही लोग घाव भरने के लिए और रोगाणुरोधी गुणों के कारण शहद का इस्तेमाल करते रहे हैं। यह भी बताते हैं कि शहद ड्रग रेसिस्टेंट बैक्टीरिया के खिलाफ सहायता प्रदान कर सकता है। शहद एक शक्तिशाली एंटी माइक्रोबियल एजेंट है। शहद मेडिकली एक ऑप्शनल एंटी-बैक्टीरियल एजेंट प्रदान करने में मदद कर सकता है।
अदरक
वैज्ञानिक भी अदरक को एक नेचुरल एंटीबायोटिक के रूप में मान्यता देता है। इसकी एंटी माइक्रोबियल एक्टिविटी के अलावा, 2019 की समीक्षा में यह भी बताया गया है कि अदरक में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीकोगुलेंट गुण होते हैं। अदरक स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स, एंटिरोकोकस फैकैलिस, स्टैफिलोकोकस प्रजाति और लैक्टोबैसिलस प्रजाति सहित अलग-अलग प्रकार के बैक्टीरिया को प्रभावी ढंग से रोक सकता है।
लौंग
लौंग सूखे फूल की कलियां हैं जो लौंग के पेड़ से आती हैं, जिन्हें लोग भोजन या ड्रिंक में मसाले के रूप में उपयोग कर सकते हैं।
2023 के एक स्टडी में कहा गया है कि लौंग के जरूरी ऑयल में स्टैफिलोकोकस ऑरियस के खिलाफ एक मजबूत निरोधात्मक (Inhibitory) प्रभाव हो सकता है। इसी तरह, 2020 के एक लेख में कहा गया है कि लौंग के अर्क में एक नए एंटी-बैक्टीरियल एजेंट के रूप में क्षमता हो सकती है।
अजवायन
अजवाइन इम्यूनिटी को बढ़ावा देती है और एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करती है। इसमें एंटीबायोटिक गुण भी हो सकते हैं, खासकर जब इसे तेल में बनाया जाता है। 2022 की समीक्षा में कहा गया है कि अजवाइन के तेल का एंटी माइक्रोबियल प्रभाव कार्वक्रोल (Carvacrol) नामक केमिकल के कारण हो सकता है। अजवाइन का तेल एक पोटेंशियल माइक्रोबियल एजेंट हो सकता है जो स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स (एक बैक्टीरिया है) के खिलाफ असरदार है।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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