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क्या नाक में उंगली डालने से नाक बड़ी हो जाती है? सर्जन ने बताया Nose Picking से क्या होता है

Nose Picking Side Effects: अगर आप भी अक्सर ही नाक साफ करने के लिए उंगली डालकर घुमाते हैं और हर कुछ देर में नाक में उंगली डालते हैं तो डॉक्टर की बात आपको जरूर सुन लेनी चाहिए. यहां जानिए नाक में उंगली डालने को लेकर डॉक्टर का क्या कहना है.

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नाम में उंगली डालने के क्या नुकसान होते हैं, जानिए यहां.

Naak Me Ungli Dalna: नाक में उंगली डालना ऐसा काम है जो लोग अक्सर ही कर देते हैं. कुछ लोग नाक साफ करने के लिए नाक में उंगली डालते हैं तो यह कुछ लोगों की आदत बन जाती है. लेकिन, क्या आपको पता है नाक में उंगली डालते रहने (Nose Picking) से क्या होता है? कुछ लोग तो यह तक कह देते हैं कि नाक में उंगली डालने पर नाक बड़ी होने लगती है. लेकिन, क्या यह सच है? इस सवाल का जवाब दे रहे हैं सर्जन डॉ. रायन वॉन. डॉक्टर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो शेयर करके बताया है कि नाक में उंगली डालने से नाक बड़ी होती है या नहीं.

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क्या नाक में उंगली डालने से नाक बड़ी हो जाती है

डॉ. रायन वॉन का कहना है कि हां, नाक में अगर बार-बार उंगली डाली जाती है तो इससे नाक बड़ी हो सकती है. अगर आप नाक में उगंली डालते हैं तो इससे नाक का कार्टिलेज पुश होने लगता है और लोअर लेटरल कार्टिलेज की शेप बदलने लगती है. दोनों नहीं तो कम से कम एक साइड से नाक बड़ी हो जाती है. इससे हड्डी नहीं बदलती लेकिन ज्यादा स्पेस बनने लगता है और नाक मोटी और चौड़ी नजर आने लगती है.

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ऐसे में अगर आप भी नाक में उंगली डालने के आदी हैं तो इससे आपकी नाक की शेप (Nose Shape) बदल सकती है और नाक पहले से ज्यादा बड़ी नजर आ सकती है.

नाक में उंगली डालने के क्या नुकसान हैं

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नाक का आकार बढ़ जाने के अलावा भी नाक में उंगली डालने के कई नुकसान हो सकते हैं –

  • नाक में उंगली डालने से नाखूनों में फंसे बैक्टीरिया से नाक के अंदर इंफेक्शन हो सकता है. इससे दाने या फोड़े निकल सकते हैं.
  • नाक में उंगली डालने पर नाक की नाजुक रक्त वाहिनियां फूट जाती हैं जिससे नाक से खून निकलने लगता है. अगर ऐसा लगातार होता रहे तो इससे नाक के अंदर की वाहिनियां परमानेंटली डैमेज होने लगती हैं.
  • नाक में नाजुक टिशूज होते हैं जो उंगली डालने पर रिपीटेड ट्रॉमा के कारण फूल जाते हैं और घाव बन जाते हैं. कई बार इनसे नाक में परमानेंट गड्ढे भी पड़ जाते हैं.
  • कीटाणु फैलना भी नाक में उंगली डालने के साइड इफेक्ट्स (Nose Picking Side Effects) में शामिल है. इससे नाक के अंदर बैक्टीरिया और वायरस फैलते हैं.

दिमाग पर भी हो सकता है असर

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नाक में उंगली डालने की आदत आपके दिमाग को भी डैमेज कर सकती है. कुछ बैक्टीरिया नाक से दिमाग तक जा सकते हैं जिससे ब्रेन डैमेज का खतरा बढ़ता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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