क्या आप जानते हैं बरसात में घूमने वाला ये कीड़ा मिर्गी का सबसे बड़ा कारण, जानें डॉक्टर की राय?

Epilepsy Causes: मिर्गी की बीमारी एक दिमागी डिसऑर्डर होता है, जिसमें हमारी नर्व सेल्स डैमेज हो जाती है। इससे मरीज को कभी भी दौरे पड़ने लगते हैं। दौरा पड़ने पर इंसान को अपने दिमाग और मांसपेशियों पर नियंत्रण नहीं रह पाता है। भारत में यह बीमारी आम है लेकिन क्या आप जानते हैं इसका सबसे बड़ा कारण क्या है? चलिए आपको बताते हैं।

Source-FREEPIK

भारत में मिर्गी के कितने मरीज?

NIH के अनुसार, भारत में लगभग 1 करोड़ या उससे कुछ अधिक मिर्गी यानी एपिलेप्सी के मरीज है। हालांकि, यह अधिकरित मामले हैं, सही आंकड़ा इससे अधिक भी हो सकता है। दुनियाभर के मरीजों की संख्या में यह आंकड़ा महत्वपूर्ण है। इस बीमारी के होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि ब्रेन में चोट लगना, संक्रमण और जेनेटिकल प्रॉब्लम्स। मगर भारत में मिर्गी का सबसे बड़ा कारण टेपवर्म है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

गुरुग्राम के मैरिंगो एशिया अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉक्टर प्रवीण गुप्ता न्यूरो एंड स्पाइन सर्जरी के लॉन्च पर बताते हैं कि उन्होंने अपने 20 वर्ष के कार्यकाल में जिन भी मिर्गी के मरीजों का इलाज किया है। उनमें सबसे ज्यादा मामले टेपवर्म की वजह से होने वाली मिर्गी है। ये छोटे-छोटे कीड़े होते हैं, जो बारिश के सीजन में बहुत ज्यादा होते हैं। भारत के ग्रामीण इलाकों में यह कीड़े बहुत ज्यादा मिलते हैं। ऐसे कीड़े कई बार पत्ता गोभी, फूलगोभी और पत्तेदार सब्जियों में भी मिलते हैं, जिन्हें खाने के लिए इस मौसम में मना भी किया जाता है क्योंकि उसमें कीड़े हो सकते हैं।

ये कीड़े कितने खतरनाक?

टेपवर्म ऐसे कीड़े होते हैं, जो खाने-पीने के जरिए ही हमारे शरीर के अंदर पहुंचते हैं। ये कीड़े सिर्फ दिमागी बीमारी नहीं बल्कि कई अन्य बीमारियों का भी कारण बन सकते हैं। इनमें आंतों की बीमारी, लिवर की बीमारी, पेट दर्द, दस्त और शरीर के अन्य अंगों के विफल होना शामिल है। इस कीड़े की मौजूदगी से शरीर में विटामिन्स और मिनरल्स की कमी भी हो जाती है।

क्या मिर्गी का इलाज है?

मिर्गी का कोई भी स्थायी इलाज नहीं है। इसे नियंत्रित करने के लिए दवाओं की मदद ली जाती है। इसके अलावा, आपको लाइफस्टाइल को सुधारने से भी काफी मदद मिलेगी। लगभग 70% तक मरीजों के इलाज में दवाएं सिर्फ दौरे आने की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद करता है।

कैसे बचे इन कीड़ों से?

टेपवर्म कीड़े से बचाव के लिए आपको मानसून के समय हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से बचना चाहिए। अगर मांस खाते हैं, तो उसे गर्म पानी से पहले अच्छे से साफ करें और सही से पकाकर खाएं। टॉयलेट के इस्तेमाल के बाद हाथों को साबुन से सही से धोएं। पालतू जानवरों को छूने के बाद भी सफाई का ध्यान दें और घर में रहने वाले पेट्स का भी हाइजीन सही रखें।

शरीर में टेपवर्म होने के लक्षण

  • वजन कम होना।
  • भूख न लगना।
  • पेट में दर्द या मरोड़ होना।
  • कमजोरी महसूस करना।

ये भी पढ़ें- Heart Attack Symptoms: हार्ट अटैक से 7 दिन पहले दिखने लगते हैं ये संकेत, क्या कहते हैं डॉक्टर

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Namrata Mohanty

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m Namrata Mohanty  @namratamohanty105 Namrata Mohanty
... और पढ़ें
होम पेज पर वापस जाएँ