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हिंदी न्यूज़ / हेल्थ / माइग्रेन से हैं पीड़ित? ये 5 कारण जिनसे आपको सावधान रहने की जरूरत

माइग्रेन से हैं पीड़ित? ये 5 कारण जिनसे आपको सावधान रहने की जरूरत

Migraine Causes: अगर लगातार सिर दर्द से परेशान रहते हैं, तो यह माइग्रेन का संकेत हो सकता है। माइग्रेन से बचने के लिए यह जरूरी है कि आप इसे ट्रिगर करने वाले कारणों को समझें। ताकि समय रहते इससे बचाव कर सकें।

माइग्रेन के कारण Image Credit: Freepik
Edited By: Deepti Sharma | Updated: May 19, 2024 09:56
Migraine Causes: पुराना या लंबे टाइम से हो रहा माइग्रेन (Migraine) एक तरह का ऐसा सिरदर्द (Headache) है, जिसमें असहनीय सिर दर्द होता है। आमतौर पर यह दर्द सिर के आधे साइड में होता है, लेकिन कभी-कभार ये सिर के पूरे भाग में भी फैलने लगता है। माइग्रेन पेन किसी भी समय उठ सकता है, जिसे मैनेज करना बहुत मुश्किल है। अगर महीने के 10 या उससे ज्यादा दिन सिरदर्द रहता है, तो कम से कम इनमें 7-8 दिन माइग्रेन के होते हैं। ऐसा कई वजहों से हो सकता है। वैसे सिरदर्द एक आम बीमारी बन गई है। माइग्रेन अलग-अलग कारणों के साथ हो सकता है। अगर समय रहते इन कारणों को समझ लिया जाए तो इसे मैनेज करने में ज्यादा आसानी होती है।

जेनेटिक फैक्टर  

माइग्रेन अक्सर परिवारों में होता है, जो एक जेनेटिक फैक्टर का संकेत देता है। शोधकर्ताओं ने माइग्रेन से जुड़े कई जीनों की पहचान की है, जो सिर के दर्द की पहचान करती है।

हार्मोनल बदलाव   

हार्मोनल उतार-चढ़ाव, खासकर महिलाओं में माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। कई महिलाएं अपने पीरियड साइकिल के साथ एस्ट्रोजन के लेवल में बदलाव के कारण माइग्रेन महसूस करती हैं। गर्भावस्था, मेनोपॉज और हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का यूज भी माइग्रेन के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। https://www.instagram.com/dr.rekhasaroha/reel/C6oBT6fJ-I_/

एनवायरनमेंट फैक्टर

सामान्य ट्रिगर में टिमटिमाती रोशनी, तेज स्मेल, तेज आवाज और मौसम या बैरोमीटर के दबाव में भारी बदलाव शामिल हैं। इन एनवायरनमेंट फैक्टर की पहचान करने से माइग्रेन को कम करने में हेल्प मिलती है।

डाइट से जुड़ी समस्याएं

कुछ फूड प्रोडक्ट और पेय कुछ लोगों में माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। कॉमन डाइट में अल्कोहल, कैफीन, प्रोसेस्ड मीट और एडिटिव मोनोसोडियम ग्लूटामेट (टेस्ट बढ़ाने वाला पदार्थ Monosodium Glutamate) युक्त फूड प्रोडक्ट शामिल हैं। भोजन छोड़ने या उपवास करने से भी ब्लड शुगर के लेवल में उतार-चढ़ाव के कारण माइग्रेन हो सकता है।

तनाव और इमोशनल फैक्टर

तनाव की वजह से माइग्रेन हो सकता है। इमोशनल रहना, ज्यादा तनाव लेना, चिंता और डिप्रेशन सभी माइग्रेन से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए तनाव मैनेज करने के लिए आप माइंडफुलनेस, ध्यान, रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी और भरपूर नींद माइग्रेन को कम करने में फायदेमंद हो सकती है। ये भी पढ़ें-  भिंडी को चमकाने में किया जाता है ‘जहर’ का इस्तेमाल, एक्सपर्ट बोले- खाने से हो सकता है कैंसर Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।


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