Monday, May 25, 2020

अमेरिका ने खोज लिया है कोरोना का तोड़ ?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मलेरिया रोधी दवा हाइड्रोक्सीम क्लोरोक्वीन को कोरोना वायरस से निपटने में संभावित गेमचेंजर कहा है। ट्रंप जिस दवा की बात कर रहें हैं वह मलेरिया की दवा के तौर पर इस्तेमाल होती है, हमारे देश के लोग इसे मेलेरिया की कुनेन की गोली के विक्ल्प के तौर पर समझ सकते हैं।

नई दिल्‍ली: कोरोना के खिलाफ जंग में अब जीत मिलेगी। दुनिया पर काल बनकर छाने वाले वायरस का सर्वनाश अब तय है। हम ऐसा इसलिए बोल रहे हैं, क्योंकि सुपरपॉवर अमेरिका से एक गुड न्यूज आई है। अमेरिकी प्रेसीडेंट ने साफ कर दिया है कि अब कोरोना का काम तमाम होना तय है, क्‍योंकि अमेरिका ने खोज लिया है कोरोना का तोड़। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मलेरिया रोधी दवा हाइड्रोक्सीम क्लोरोक्वीन को कोरोना वायरस से निपटने में संभावित गेमचेंजर कहा है। ट्रंप जिस दवा की बात कर रहें हैं वह मलेरिया की दवा के तौर पर इस्तेमाल होती है, हमारे देश के लोग इसे मेलेरिया की कुनेन की गोली के विक्ल्प के तौर पर समझ सकते हैं।

ट्रंप ने कहा कि कोरोना जैसे महामारी से निपटने में यह बेहद कारगर हो सकती है। ट्रंप ने कहा है कि इसके प्रारंभिक परीक्षण में बहुत उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वह कोरोना COVID-19 के साथ रोगियों के इलाज के लिए एंटी-वायरल थेरेपी को तेजी से ट्रैक करें। दरअसल, यह मेडिसिन वर्ष 1940 के दशक से मलेरिया की बीमारी में इस्तेमाल किया जाता रहा है। क्लोरोक्वीन कुनैन का कृत्रिम रूप है। क्लोरोक्वीन दवा का इस्तेमाल चीन और फ्रांस में कोरोना पीड़‍ितों का इलाज करने में किया गया है। कुछ शोधकर्ताओं का दावा है कि इस दवा से बहुत अच्छे परिणाम आए हैं। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी इसके और ज्यादा परीक्षण की जरूरत है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि और ज्यादा परीक्षण के बाद यह पता चलेगा कि यह दवा कितनी प्रभावी और सुरक्षित है। मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, ”हम जल्द ही वह दवाई बनाने में सक्षम होंगे, जो तुरंत उपलब्ध होंगे। इस काम में फूड ऐंड ड्रंग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) काफी अच्छा रहा है। वे मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरे- उन्हें मंजूरी मिल गई है। हम डॉक्टरी सलाह में जिस मेडिसिन का जिक्र है उसे बनाने में सक्षम होंगे।” ऐसा नहीं है कि मेलेरिया की दवा कोरोना के खिलाफ हथियार के तौर पर केवल अमेरिका में इस्तेमाल हुई हो। हिंदुस्तान और थाइलैंड में भी मलेरिया की दवा के साथ कान्बीनेशन बना कर मरीजों पर ट्रायल किया गया था और इसके परिणाम बेहद सकारात्मक रहे।

जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बड़ा दावा किया है। एसएमएस अस्पताल में कोरोना वायरस से संक्रमित एक इटली महिला का इलाज कर रहे डॉक्टर्स ने दावा किया है कि यह महिला Anti HIV दवाओं के साथ स्वाइन फ्लू और मलेरिया की दवा के कॉबिंनेशन के डोज से ठीक हुई है। SMS अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस. मीणा ने बताया कि लोपिनाविर और रिटोनाविर देने का फैसला तब किया गया जब इतालवी व्यक्ति और उसकी पत्नी को सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी। इतालवी व्यक्ति जो खुद एक डॉक्टर है, को आइसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है और उसकी हालत स्थिर है। उसकी पत्नी के भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी, वह अब ठीक है और उसे अन्य अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है।

उधर, स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि जयपुर में इतालवी दंपत्ति को Anti HIV दवाएं देने का फैसला “प्रारंभिक तौर पर स्थानीय रूप से” किया गया। बता दें कि इससे पहले भी Anti HIV दवाओं से कोरोना मरीजों के ठीक होने की खबरें आ चुकी हैं। थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया था कि कोरोना से पीड़ित महिला को फ्लू और Anti HIV दवाओं के कॉकटेल से ठीक कर लिया गया। इसके बाद से Anti HIV दवाओं को कोरोना के इलाज में कारगर माना जा रहा है। अब भारत में इस तरह के इलाज का दावा किया गया है।

इस कारण दोनों को उपचार सवाई मानसिंह अस्पताल में चला। 9 फरवरी को कोरोना पोजिटिव इटली दंपति में से महिला की कोरोना जांच नेगेटिव आई आई। इसके बाद भी जब लगाता जांच नेगेटिव आई तो महिला को डॉक्टरों ने महिला को कोरोना नेगेटिव घोषित करके राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में शिफ्ट कर दिया। एसएमएस अस्पताल के डॉक्टरों की इस उपलब्धि से चिकित्सा महकमें में खुशी की लहर है। डॉक्टरों ने तीन दवाओं के मिश्रण के इस्तेमाल से एक निर्धारित डोज से महिला मरीज को ठीक कर दिया। जानकारी के अनुसार इन दवाओं में एचआईवी, स्वाइन फ्लू और मलेरिया में दी जाने वाली दवाएं शामिल हैं।

इससे पहले चीन में सेना की मेडिकय युनिट की मजेर जनरल शेन वेई की टीम ने कोरोना का वैक्सीन बनाने का दावा किया था। चीन में कोरोना पर पा जा रहे हैं नियंत्रण को देखकर माना जा रहा है कि ये वैक्सीन भी कोरोना पर तेजी से काबू पा रही है। पूरी दुनिया में कोरोना के खिलाफ जंग में मिलती लगातार सफलताओं को देखकर कहा जा सकता है कि अब कोरोना का सर्वनाश तय है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Eid 2020: ईद पर पाकिस्तान को भारत का कड़ा संदेश- जानें क्यों नहीं दी ईदी

नई दिल्ली। 'जैसे को तैसा' की तर्ज पर (Eid 2020) भारत ने पाकिस्तान को ईद की मिठाई नहीं भेजी। सीमा पर भारत का सीमा...

दिल्‍ली में कोरोना के मामले जरूर बढ़े, लेकिन राहत देती है ये रिपोर्ट

नई दिल्‍ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शहर में कोरोनो वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में...

Sarkari Naukri 2020: फॉरेस्ट गार्ड समेत अन्य पदों पर निकली बंपर वैकेंसी, 8 वीं पास भी कर सकते है आवेदन

Sarkari Naukri 2020: सरकारी नौकरी की चाह रख रहे उम्मीदवारों के लिए एक खुशखबर सामने आई है। दरअसल स्टेट लेवल पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड असम...

पाकिस्‍तान विमान हादसा: पायलट की ‘ज्‍यादा होशियारी’ ने ले ली 97 लोगों की जान!

नई दिल्‍ली: पाकिस्‍तान में ईद से पहले हुए विमान हादसे में एक बड़ा खुलासा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए)...