Lung Cancer Symptoms: छाती श्वसन तंत्र का हिस्सा है. दोनों फेफड़ों का मुख्य काम सांस और खून के बीच की गैस को एक्सेंच करना होता है. जब हम सांस लेते हैं तो शरीर में ऑक्सीजन आता है और फेफड़े शरीर से कार्बन-डाईऑक्साइड बाहर निकालते हैं. इन्हीं फेफड़ों में जब कैंसर की सेल्स पनपने लगती हैं तो इसे फेफड़ों का कैंसर कहते हैं. इस कैंसर का समय पर इलाज ना किया जाए तो यह लिम्फ नोड्स और शरीर के अन्य अंगों जैसे दिमाग तक भी पहुंच सकता है. ऐसे में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) से जानिए फेफड़ों का कैंसर होने पर हर स्टेज में क्या होता है और स्टेज 4 (Lung Cancer Stage 4) तक आते-आते शरीर को कितना डैमेज हो चुका होता है.
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फेफड़ों के कैंसर की स्टेज 1 में क्या होता है
फेफड़ों के कैंसर की स्टेज को 2 तरह से मापा जाता है, एक नंबर सिस्टम से और दूसरा TNM सिस्टम. नंबर सिस्टम में स्टेज 1 में शरीर पर ऐसे बदलाव होते हैं –
ट्यूमर का साइज फेफड़ों में 5 सेंटीमीटर से छोटा होता है और यह फेफड़ों से बाहर नहीं निकला होता. इसमें लिम्फ नोड्स प्रभावित नहीं होते हैं.
फेफड़ों के कैंसर की स्टेज 2 में क्या होता है
स्टेज 2 में ट्यूमर का साइज 5 सेंटीमीटर से ज्यादा होता है. निम्फ नोड्स प्रभावित हो जाते हैं. कैंसर फेफड़ों से निकलकर छाती की दीवारों तक, फेफड़ों के नीचे की मसल्स तक और दिल को कवर करने वाली लेयर तक फैल जाता है. यह मेन एयरवे ब्रोंकस तक फैल चुका होता है और फेफड़े के जिस हिस्से में होता है उसे कोलेप्स कर देता है. फेफड़ों के एक ही लोब में कैंसर का दूसरा ट्यूमर भी होता है.
फेफड़ों के कैंसर की स्टेज 3 में क्या होता है
फेफड़ों के कैंसर की स्टेज 3 में लंग्स कोलेप्स हो जाते हैं, ट्यूमर छाती की दीवारों तक फैल जाता है, फेफड़ों के नीचे डायफग्राम में, दिल को कवर करने वाली लेयर्स में और दूसरे फेफड़े की लिम्फ नोड्स में फैल जाता है. छाती के अंदर दिल समेत, सांस नली और भोजन नली या रक्त वाहिनियां तक प्रभावित होने लगती हैं.
फेफड़ों के कैंसर की स्टेज 4 में क्या होता है
फेफड़ों के कैंसर की स्टेज 4 में आते-आते कैंसर फेफड़ों समेत शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल जाता है, जैसे लिवर, हड्डियों और दिमाग तक.
फेफड़ों के कैंसर के क्या लक्षण होते हैं
फेफड़ों का कैंसर होने पर शुरुआती स्टेज में सटीक लक्षण (Lung Cancer Symptoms) नजर नहीं आते हैं. मरीज खुद को बीमार महसूस कर सकता है. लेकिन, जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता जाता है ये लक्षण दिख सकते हैं –
- हर समय खांसी आना और ट्रीटमेंट लेने पर भी ठीक ना होना
- खांसते हुए मुंह से खून आना या बलगम में खून दिखाई देना
- सांस फूलना और मुंह से घरघराहट की आवाज आना
- छाती और कंधों के पास दर्द महसूस होना
- बिना किसी कारण वजन कम होना
- हर समय थकान होना
- भूख कम लगना
- कुछ निगलने में दिक्कत होना
- आवाज का खराश जैसा सुनाई पड़ना
- न्यूमोनिया का अटैक पड़ना
- पसलियों में दर्द महसूस होना
- उंगलियों या नाखून का आकार बदल जाना.
शरीर पर अगर इनमें से कोई लक्षण नजर आते हैं और ये लक्षण 2 हफ्तों से ज्यादा बने रहते हैं तो डॉक्टर से जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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Source - ICMR
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