क्या नींद की कमी से कैंसर होता है? एक्सपर्ट से जानिए क्या है इसका साइंटिफिक लिंक

Neend Ki Kami Se Cancer: अक्सर लोगों की नींद पूरी नहीं होती, जिसकी वजह से कई तरह की बीमारियां होने लगती हैं. मगर क्या आपको पता है कि नींद की कमी से कैंसर भी हो सकता है. कई शोध इस ओर इशारा करते हैं कि दोनों के बीच एक संबंध हो सकता है.

Neend Ki Kami Se Cancer

नींद की कमी से क्या होता है? Image Credit- Freepik

Sleep Deprivation Cause Cancer: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद की कमी एक आम समस्या बन गई है. लोग अक्सर काम, स्ट्रेस या स्क्रीन टाइम ज्यादा होने की वजह से अपनी नींद से समझौता कर लेते हैं. ऐसा करना एक वक्त तक नॉर्मल माना जाता है, लेकिन अगर हर रोज ऐसा हो रहा है तो गैर करने वाली बात है. नींद की कमी से कई तरह की बीमारियां होने लगती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या नींद की कमी का संबंध कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी हो सकता है. वैज्ञानिक रूप से यह विषय अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन कई शोध इस ओर इशारा करते हैं कि दोनों के बीच एक संबंध हो सकता है. इस विषय पर डॉक्टर मनदीप सिंह (आर्ट ऑफ हेल्थ कैंसर सेंटर में कैंसर विशेषज्ञ) का कहना है कि जब हम सोते हैं तो हमारा शरीर खुद को रिपेयर करता है. अगर लंबे समय तक नींद पूरी ना हो तो शरीर को नुकसान हो सकता है.

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नींद की कमी से क्या होता है?

सीने से कोशिकाओं की मरम्मत होती है, इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर में हार्मोन संतुलित रहते हैं. वहीं, इसकी कमी से शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो सकती है, जो आगे चलकर गंभीर बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकती है. एक्सपर्ट का मानना है कि नींद की कमी का असर हमारे शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक पर भी पड़ता है, जिसे सर्केडियन रिदम कहा जाता है. इससे कई तरह की बीमारियां होने लगती हैं.

कब बढ़ सकता है कैंसर का खतरा?

सर्केडियन रिदम हमारे सोने-जागने के चक्र के साथ-साथ कई शारीरिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है. जब यह संतुलन बिगड़ता है तो हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं, जो कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं. इसलिए हमें पूरी नींद लेने पर जोर देना चाहिए. हालांकि, दूसरा पहलू मेलाटोनिन हार्मोन भी है, जो नींद को नियंत्रित करता है. यह हार्मोन शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है और कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करता है. जब नींद कम होती है तो मेलाटोनिन का स्तर घट सकता है, जिससे कोशिकाओं की सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है.

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नींद की कमी से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाना

नींद की कमी से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है. यह स्थिति तब होती है जब शरीर में हानिकारक तत्व बढ़ जाते हैं, जो कोशिकाओं और DNA को नुकसान पहुंचा सकते हैं. लंबे समय तक ऐसा होने पर यह कैंसर जैसी बीमारियों के लिए अनुकूल वातावरण बना सकता है.

कितने घंटे नींद लेना है जरूरी?

एक हेल्दी लाइफ के लिए नींद पूरी होना बहुत जरूरी है. रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेना ना सिर्फ मानसिक शांति के लिए बेहतर है, बल्कि शरीर के स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि नींद की कमी सीधे कैंसर का कारण बनती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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