Fatty Liver Ke Liye Bathua Kaisa Hai: आज के समय में बहुत से लोग थकान, अपच या पेट भारी रहने जैसी छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन इन्हीं लक्षणों के पीछे फैटी लिवर जैसी गंभीर परेशानी छुपी हो सकती है, जिसे आज भारत की बढ़ी आबादी शिकार है. भारत में गलत खानपान, जंक फूड, मीठे पेय, शराब और बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल के कारण फैटी लिवर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा हो जाती है और यह मात्रा 5-10 प्रतिशत से ऊपर चली जाती है, तो लिवर ठीक से काम नहीं कर पाता है. अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए, तो यह सूजन, सिरोसिस (Cirrhosis) और लिवर फेलियर (Liver Failure) तक का कारण बन सकता है.

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क्या सच में फैटी लिवर के लिए फायदेमंद होता है बथुआ

सर्दियों में मिलने वाला बथुआ एक ऐसा हरा साग है जिसे अक्सर लोग कम महत्व देते हैं. सरसों और पालक के मुकाबले यह पीछे रह जाता है, लेकिन पोषण के मामले में बथुआ किसी से कम नहीं है. आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही इसे लिवर के लिए फायदेमंद मानते हैं. बथुआ में फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और कई प्राकृतिक तत्व होते हैं जो शरीर को अंदर से साफ करने में मदद करते हैं. खास बात यह है कि बथुआ नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर (NAFLD) में भी सहायक माना जाता है.

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रिसर्च क्या कहती बथुआ और फैटी लिवर पर

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Journal of Dietary Supplements में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार बथुआ में भरपूर मात्रा में फेनोलिक कंपाउंड्स और फ्लैवोनोइड्स पाए जाते हैं. फैटी लिवर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है, जिससे लिवर की कोशिकाएं कमजोर होने लगती हैं. बथुआ के एंटीऑक्सीडेंट गुण इस स्ट्रेस को कम करते हैं, जिससे बड़ी दिक्कतों को रोकने में मदद मिलती हैं. स्टडी में यह भी पाया गया कि बथुआ का अर्क ट्राइग्लिसराइड्स और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाने में मदद करता है. इसमें मौजूद सैपोनिन्स लिवर में जमा अतिरिक्त फैट को कम करने की प्रक्रिया को तेज करते हैं.

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कैसे बथुआ लिवर की चर्बी घटाने में मदद करता है

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जब लिवर में ज्यादा फैट जमा होता है, तो ALT और AST जैसे लिवर एंजाइम्स बढ़ जाते हैं. रिसर्च के अनुसार बथुआ इन एंजाइम्स को नॉर्मल लेवल पर लाने में मदद कर सकता है. यह लिवर की कोशिकाओं की झिल्ली को मजबूत करता है और उनके काम करने की क्षमता को सुधारता है. आयुर्वेद और विज्ञान दोनों के अनुसार बथुआ पित्त के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे वसा का पाचन बेहतर होता है. इससे लिवर में जमी चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं.

बथुआ का सही सेवन

एक्सपर्ट्स के अनुसार सर्दियों में बथुआ जैसे साग का सेवन इम्यूनिटी और लिवर दोनों के लिए फायदेमंद है. बथुआ का पूरा लाभ लेने के लिए इसे ज्यादा तेल और मसालों में पकाने से बचें. आप इसका हल्का उबला साग, पत्तों का पानी या सीमित मात्रा में ताजा जूस ले सकते हैं. संतुलित डाइट, नियमित एक्सरसाइज और बथुआ जैसे देसी सुपरफूड को शामिल करके फैटी लिवर को कंट्रोल और धीरे-धीरे रिवर्स करना संभव हो सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.