Kidney Health: घरेलू उपचार फायदेमंद, किफायती और असरदार होते हैं। आजकल लोग गंभीर से गंभीर बीमारी से बचाव के लिए घरेलू उपचारों की तलाश करते हैं क्योंकि इस प्रकार से इलाज करने से शरीर को कोई अन्य नुकसान नहीं होता है। किडनी से जुड़ी बीमारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए भी लोग होम रेमेडीज की तलाश करते हैं, जिनमें कुछ चीजें असरदार भी हैं। मगर किडनी डिजीज को लेकर एक सवाल है, जिस पर काफी बहस होती है। यह सवाल है कि क्या किडनी के रोगों की रोकथाम या उससे निजात पाने के लिए सिर्फ घरेलू उपाय कारगर हैं? आइए हेल्थ एक्सपर्ट से जानते हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
टाइम्स नाऊ की एक रिपोर्ट के अनुसार, किडनी रोग गंभीर है। यह रोग अलग-अलग स्टेजिस में होता है, जिनमें कुछ जल्दी ठीक हो जाते हैं और कुछ आपकी जान भी ले सकते हैं। डॉ. उदय दीपकराव गजरे ने टीम से बातचीत में बताया है कि किडनी हेल्थ के लिए घरेलू उपचार फायदेमंद हैं लेकिन इससे बीमारी की रोकथाम होगी, इस बात को कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। होम रेमेडीज में आप कुछ चीजों का पालन कर सकते हैं, जिससे किडनी डिजीज में फायदा होता है। हालांकि, डॉक्टर के अनुसार, मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ ये रेमेडीज सहायक हो सकती हैं लेकिन बीमारी को जड़ से खत्म नहीं कर सकती हैं।
किडनी डिजीज से बचाव के लिए कुछ असरदार घरेलू उपाय इस प्रकार हैं
1. हाइड्रेटेड रहें
पानी पीने से किडनी के अपशिष्टों को फिल्टर करने में मदद मिलती है। पानी पीने से टॉक्सिन्स फ्लश आउट होते हैं, ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से किडनी स्टोन्स का रिस्क भी कम होता है।

फोटो क्रेडिट- फ्रीपिक
2. क्रेनबेरी जूस
इस फल का जूस किडनी की सूजन को कम करता है। क्रेनबेरी का रस पीने से यूरिन इंफेक्शन की समस्या कम होती है। यूटीआई का सीधा संबंध किडनी डिजीज से होता है, अगर इसकी रोकथाम सही से की जाए तो किडनी रोगों में भी कमी की जा सकती है। क्रेनबेरी जूस पीने से बैक्टीरियल इंफेक्शन की भी रोकथाम होती है।
3. जड़ी-बूटियां और आयुर्वेदिक सप्लीमेंट्स
अदरक या हल्दी जैसी कुछ जड़ी-बूटियां किडनी में सूजन को कम कर सकती हैं, लेकिन इन्हें ज्यादा मात्रा में लेने से ये किडनी पर उल्टा प्रभाव डाल सकती हैं या दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकती हैं। इसलिए, किसी भी सप्लीमेंट को लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
इसके अलावा, आहार में बदलाव करने से, धूम्रपान और शराब के सेवन को कम करने के साथ-साथ ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने से भी किडनी डिजीज के रिस्क को कम किया जा सकता है। हालांकि, मेडिकल साइंस में भी कुछ रेमेडीज को असरदार बताया गया है जो आपको किडनी प्रॉब्लम के रिस्क को कम करने में मदद कर सकती हैं लेकिन इससे पूरी तरह बीमारी से राहत नहीं पाई जा सकती है।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।