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क्या न्यूज पेपर में खाना लपेटकर देने से होता है कैंसर? एक्सपर्ट से समझिए कब बढ़ जाता है खतरा

Newspaper Food Packaging Cause Cancer: कई लोग आज भी रोटी को लपेटने के लिए न्यूज पेपर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन एक्सपर्ट और FSSAI दोनों ही इसे अच्छा नहीं मानते. कहते हैं कि यह हेल्थ के लिए बहुत नुकसानदायक है.

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क्या न्यूज पेपर में खाना लपेटने से कैंसर हो सकता है? Image Credit- AI

Newspaper Food Packaging Side Effect: आजकल न्यूज पेपर का इस्तेमाल पढ़ने से ज्यादा खाना लपेटने के लिए किया जा रहा है. ज्यादातर घरों में फॉयल पेपर की जगह अखबार का इस्तेमाल करते हैं. लोगों को यह तरीका सबसे आसान और अच्छा लगता है, लेकिन न्यूज पेपर में खाना लपेटकर खाना ठीक नहीं है. इसको लेकर FSSAI का भी दवा है कि न्यूज पेपर में खाना लपेटना कई बीमारियों को दावत देना है. अगर आप गर्म खाना रख रहे हैं तो यह ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि अखबार की स्याही के रसायन खाने में मिल सकते हैं. इससे कई तरह के हेल्थ इश्यू हो सकते हैं, खासतौर पर कैंसर. इसलिए बेहतर है कि खाने को हमेशा फूड-ग्रेड सामग्री में ही पैक किया जाए. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको कैंसर जैसी बीमारी का सामना करना पड़ सकता है, कैसे आइए विस्तार से जानते हैं.

इसे भी पढ़ें- खाना खाने के बाद करेंगे ये 3 काम तो नहीं होगा ब्लड शुगर स्पाइक, एक्सपर्ट ने दी सलाह

क्या न्यूज पेपर में खाना लपेटने से कैंसर हो सकता है?

सिर्फ एक से दो बार अखबार में रखा खाना खाने से कैंसर नहीं हो जाता, लेकिन अगर लंबे समय तक ऐसा किया जाए तो हेल्थ को नुकसान हो सकता है. खासकर जब गर्म या नमी वाली चीज को लपेटा जाए. इसलिए लंबे समय तक इसका इस्तेमाल करने से बचें.

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क्यों माना जाता है खतरनाक?

दरअसल, न्यूज पेपर पर छपी स्याही में कई तरह के रसायन मौजूद हो सकते हैं. गर्म चीजें इन रसायनों को सोख सकता है, जो शरीर में पहुंचकर धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकते हैं. कुछ रसायनों को लंबे समय तक अधिक मात्रा में शरीर में जाने पर कैंसर का जोखिम बढ़ाने वाला माना जाता है.

खतरा कब बढ़ जाता है?

  • गर्म खाना न्यूज पेपर में रखना
  • मसालेदार चीजें अखबार के आसपास रखना
  • एक ही अखबार बार-बार इस्तेमाल करना
  • बेकार न्यूज पेपर इस्तेमाल करना  

क्या समस्याएं हो सकती हैं?

  • पेट खराब होना
  • फूड पॉइजनिंग का खतरा
  • पाचन संबंधी समस्याएं होना
  • शरीर में हानिकारक रसायनों का जमा होना
  • लंबे समय में लिवर और किडनी पर असर पड़ना

FSSAI भी दे चुका है चेतावनी

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भी इसको लेकर चिंता जताई थी. खबार या छपे हुए कागज में सीधे खाना पैक करना सैफ नहीं है. प्रिंटिंग इंक में मौजूद रसायन खाने में मिल सकते हैं, जिससे कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं.

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खाना पैक करने का सही तरीका

आप खाने को पैक करने के लिए फूड-ग्रेड बटर पेपर,फूड-ग्रेड पेपर बैग, एल्युमिनियम फॉयल या स्टील या फूड-ग्रेड प्लास्टिक कंटेनर का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये तरीके हेल्दी होने के साथ-साथ किफायती भी हैं.  

इसे भी पढ़ें- मसूड़ों में कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं? इन संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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