बच्चे को बुखार में नहाना चाहिए या नहीं? डॉक्टर ने पैरेंट्स को बताया Fever में कैसे रखें बेबी का ख्याल

Bukhar Me Bache Ko Nehlana: बुखार में पैरेंट्स अक्सर ही कई गलतियां कर देते हैं जिससे बच्चे की सेहत बेहतर होने के बजाय बिगड़ सकती है. ऐसे में यहां जानिए बच्चे को बुखार हो जाए तो क्या करें और क्या नहीं.

Baby fever

बुखार होने पर बच्चे को नहलाना चाहिए?

Bathing Baby In Fever: बच्चे को बुखार हो जाता है तो पैरैंट्स का पूरा ध्यान बच्चे की सेहत पर ही रहता है. माता-पिता की पूरी कोशिश रहती है कि बच्चा बुखार से जल्दी ठीक हो जाए और उसकी सेहत दुरुस्त रहे. पैरेंट्स अक्सर ही बच्चे को बुखार होने पर नहाने से परहेज करते हैं. लेकिन, क्या बुखार में बच्चे को सचमुच नहीं नहलाना चाहिए? इ्स सवाल का जवाब दे रहे हैं पीडियाट्रिशियन डॉ. मनीष मनन. अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर करके डॉक्टर ने इस बारे में बताया है.

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बुखार में बच्चे को नहलाएं या नहीं

डॉक्टर कहते हैं कि बच्चे को बुखार होता है तो पैरेंट्स अक्सर ही उनके पास आते हैं और कहते हैं कि बच्चे को बुखार के कारण 3 से 4 दिनों से नहलाया नहीं है. डॉक्टर बताते हैं कि बुखार का नहाने से कोई लेना देना नहीं है. अगर बच्चे को बुखार है तब भी उसे रोज नहलाया जा सकता है. बच्चे को बुखार में नहलाने पर उसका बुखार कम होने में मदद मिल सकती है. इससे शरीर में सर्कुलेशन बढ़ेगा, उसे हवा मिलेगी, अच्छा पानी मिलेगा तो उसे नहाकर अच्छा लगेगा. नहाकर बच्चा और ज्यादा हाइजीनिक भी फील करेगा.

बुखार में ना करें यह गलतियां

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डॉ. मनीष मनन बताते हैं कि पैरेंट्स बच्चे को बुखार होने पर अक्सर ही ऐसी कुछ गलतियां कर देते हैं जिससे बच्चे की सेहत प्रभावित होती है. ऐसे में इन गलतियों से परहेज करना जरूरी है –

बच्चे को बहुत ज्यादा कपड़े पहनाना

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डॉक्टर का कहना है कि बच्चे को बुखार हो तो उसे बहुत ज्यादा कपड़े पहनाने से बुखार कम नहीं होता है. पैरेंट्स को लगता है कि बच्चे को बहुत कपड़े पहनाने पर उसे पसीना आएगा और बुखार उतर जाएगा जबकि ऐसा होता नहीं है. बच्चे को बहुत ज्यादा कपड़े पहनाने पर उसका बुखार और बढ़ सकता है. बुखार में बच्चे को हवादार कमरे में लेटाएं और कम कपड़े ही पहनाएं.

बाजार से एंटीबायोटिक खरीदकर खिलाना

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एक बड़ी गलती यह भी है कि लोग बाजार से एंटीबायोटिक दवा खरीदकर बच्चे को खिला देते हैं. एंटीबायोटिक यानी एंटीबैक्टीरियल दवा केवल बैक्टीरिया के खिलाफ काम करता है. यह वायरल के खिलाफ काम नहीं करता है. ऐसे में बिना वजह बच्चे को एंटीबायोटिक देने से शरीर में रेजिस्टेंस पैदा होता है जिससे बच्चे को नुकसान हो सकता है. इसीलिए बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चे को दवा नहीं देनी चाहिए.

बच्चे का खाना बदल देना

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अक्सर लोग बुखार में बच्चे के खाने में बदलाव करने लगते हैं. उन्हें लगता है कि बुखार है तो बच्चे को उबला खाना खिलाना चाहिए. लेकिन, बुखार में इस तरह की रिस्ट्रिक्शंस की जरूरत नहीं होती है. बच्चे को बुखार है और शरीर में इंफेक्शन है तो आपको बच्चे को ज्यादा कैलोरी देने की कोशिश करनी चाहिए. इन कैलोरी से ही बच्चे का शरीर इंफेक्शन से लड़ेगा. इसीलिए बच्चे का खाना नॉर्मल रखें और उसे हाइड्रेटेड रखें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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