ठंड में मुंह ढककर सोने से सेहत पर क्या असर पड़ता है? एक्सपर्ट ने बताया सोने का सही तरीका

Why Should Not Sleep With Covered Face: अगर आप ठंड से बचने के लिए रात में मुंह को पूरी तरह ढककर सोते हैं तो यह आदत आपकी सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकती है. एक्सपर्ट के अनुसार कई बार इससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है.

Why Should Not Sleep With Covered Face

कंबल में मुंह ढकने से बचना चाहिए- Image Credit- Freepik

Side Effect of Sleeping with Covered Face: इस मौसम में मुंह ढककर सोने का अलग ही मजा है. कंबल में खुद को लपेटकर सोने से नींद बहुत अच्छी आती है, लेकिन क्या आपको पता है कि कई बार यह हमारी हेल्थ पर बुरा असर डाल सकता है? जी हां. विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा करने से सांस लेने में दिक्कत हो सकती है, क्योंकि मुंह ढकने से शरीर को शुद्ध ऑक्सीजन नहीं मिल पाता. इसकी वजह से कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स शुरू हो जाती हैं. ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि ठंड से बचने के लिए ठीक तरह से सोना जरूरी है. ऐसे में वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के मुताबिक जानते हैं सोने का सही तरीका क्या है?

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मुंह ढककर सोने से क्या असर पड़ता है?

ऑक्सीजन का लेवल कम होना- अगर आप ठंड से बचने के लिए मुंह के साथ-साथ कमरा भी बंद करके सोते हैं तो ऐसा ना करें, क्योंकि इससे ऑक्सीजन का लेवल कम हो सकता है और आपको सोते वक्त परेशानी हो सकती है.
सांस लेने में दिक्कत- लंबे वक्त तक ऐसा करने से फेफड़ों पर असर पड़ सकता है. कई बार फ्रेश हवा अंदर नहीं आ पाती, जिसकी वजह से सांस लेने में दिक्कत हो सकती है. यह दिक्कत तब ज्यादा बढ़ सकती है जब एक कंबल में एक साथ दो लोग सो रहे होते हैं.  
पिंपल्स की समस्या- हवा ना लगने की वजह से कंबल के अंदर नमी पैदा हो जाती है और इससे स्किन चिपचिपी हो सकती है. इसकी वजह से कई बार पिंपल्स की समस्या हो सकती है. 

सोने का सही तरीका क्या है? 

  • ठंड में सोने का सही तरीका है कि पहले आप आरामदायक कपड़े पहनें, क्योंकि ज्यादा मोटे कपड़े में अच्छी नींद नहीं आएगी. 
  • साइंस के मुताबिक बाई करवट से सोना बेहतर है, क्योंकि इससे पाचन बेहतर होता है और खर्राटे भी कम आते हैं.
  • सोते वक्त सिर को थोड़ा ऊंचा रखें और तकिया को गर्दन के पास रखें, ताकि सांस लेने में आसानी हो जाए.  
  • कंबल को सीने तक ही रखना बेहतर है और अगर आप मुंह ढक रहे हैं तो ज्यादा भारी कंबल इस्तेमाल ना करें.  
  • कमरे में बाहर से हल्की हवा आने का रास्ता रखें, ताकि कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलता रहे.  

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

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शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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