पीरियड्स के दौरान पेट दर्द, कमर दर्द, थकान और मूड स्विंग होना बहुत ही आम है, लेकिन कुछ महिलाओं को इस दौरान बार-बार पेशाब आने या अचानक पेशाब की तेज इच्छा भी महसूस हो सकती है. कई बार यह मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान होने वाले बदलावों से जुड़ा हो सकता है, लेकिन हर बार इसे पीरियड्स का एक लक्षण मान लेना सही नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन ने 133 महिलाओं के ऊपर एक रिसर्च की गई थी. इस दौरान उनके पीरियड्स और इस दौरान महसूस होने वाले बदलावों पर ध्यान दिया. इनमें 55 महिलाओं यानी करीब 41% ने बताया कि उनके मेंस्ट्रुअल साइकिल के लक्षण बदलते हैं.
इसे भी पढ़ें- खाली पेट 100 या 125? समझिए फास्टिंग और खाने के 2 घंटे बाद कितना होना चाहिए सेफ शुगर लेवल
पीरियड्स के दौरान बार-बार पेशाब क्यों आता है?
रिसर्च में पाया गया कि ज्यादातर महिलाओं की पीरियड्स के दौरान होने वाली परेशानी बदलती रहती है. कहा गया है कि पीरियड्स में प्रोजेस्टेरोन पेशाब के निचले हिस्से पर जोर डालता है, जिससे परेशानी पैदा हो जाती है. इसके अलावा भी पीरियड्स में महिलाओं को कई तरह की दिक्कत होने लगती हैं.
पीरियड्स के दौरान बार-बार पेशाब आने के कारण
शरीर में जमा पानी निकलना
पीरियड्स से पहले शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है. इसकी वजह से शरीर के निचले हिस्से पर दबाव पड़ता है, जिसकी वजह से कई तरह की दिक्कत होने लगती हैं जैसे पीरियड्स से पहले पेट फूलना, हाथ-पैरों में भारीपन और ब्लोटिंग आदि चीजें महसूस होती है. साथ ही, कई बार प्रेशर से पेशाब आने या प्रोजेस्टेरोन का लेवल कम होने पर पानी बाहर निकलता है.
यूरिन ब्लैडर पर असर पड़ना
रियड्स के दौरान यूट्रस में सिकुड़न होती है और पेल्विक के आस-पास सूजन हो सकती है. इसलिए कुछ महिलाओं को प्रेशर फील होता है और बार-बार पेशाब आता है. इस कंडीशन में ब्लैडर पूरी तरह भरा न हो तो पेशाब ज्यादा आता है और इसे देखकर महिलाएं घबरा जाती हैं. इसलिए आपको घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह बहुत ही नॉर्मल बात है.
UTI यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन
पीरियड्स के आसपास बार-बार पेशाब आने का मतलब हमेशा पीरियड्स में बदलाव आना नहीं होता.यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन भी इसकी एक वजह हो सकता है. महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के दौरान बार-बार पेशाब आना और पेशाब करते समय जलन जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं. इसलिए आपको एक बार डॉक्टर से बात करनी चाहिए.
एंडोमेट्रियोसिस होना
रिसर्च में पाया गया कि एंडोमेट्रियोसिस वाली महिलाओं को बिना एंडोमेट्रियोसिस वाली महिलाओं के मुकाबले में ज्यादा परेशानी हो सकती है. पेशाब के बाद भी ब्लैडर भरा हुआ महसूस होना, पेशाब करने के कुछ ही मिनटों के अंदर दोबारा पेशाब जाना जाना, पेशाब में जलन और दर्द महसूस होना आदि जैसा महसूस हो सकता है.
इसे भी पढ़ें- मस्तिष्क यादों को आपस में क्यों मिला देता है? नई स्टडी ने बताई असल वजह
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
संबंधित खबरें
थायराइड बढ़ने पर क्या खाएं? डाइट में शामिल करें ये चीजें, एक्सपर्ट से जानें
1 hr agoबवासीर में देसी इलाज कराना पड़ सकता है भारी, जानिए ट्रीटमेंट कैसे होता है
7 hrs agoकार्डियक अरेस्ट से 1 घंटा पहले शरीर दे सकता है यह 9 संकेत
9 hrs agoमलेरिया होने पर क्या-क्या तकलीफ होती है? यहां जानिए मलेरिया के लक्षण
10 hrs agoNana Patekar Death Reason: नाना पाटेकर का कार्डियाक अरेस्ट से निधन
11 hrs agoफैटी लिवर को कंट्रोल करना है? जानिए क्या खाएं और किन चीजों से बना लें दूरी
1 day agoक्या आप भी बहुत देखते हैं फोन, परेशान कर सकती है ड्राई आई की समस्या
1 day agoडेस्क जॉब करने वालों को करना चाहिए ताड़ासन, Baba Ramdev ने बताया तरीका
1 day agoसीने-पेट की दर्द को समझ रहे हैं एसिडिटी? कहीं गॉलस्टोन तो नहीं दे रहा धोखा!
1 day agoभूलने की बीमारी और उम्र के साथ होने वाली भूलने की आदत में क्या है अंतर?
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines