Infertility Causes: मर्दों में इंफर्टिलिटी की समस्या और दुनियाभर में डायबिटीज के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हालांकि, डायबिटीज से किडनी फेलियर और लिवर डैमेज होने की समस्या आम है, लेकिन इससे पुरुषों में बांझपन होने की समस्या भी कॉमन है, इसको लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट के अनुसार, मधुमेह से मर्दों की प्रजनन क्षमता कम हो रही और इससे उनके पार्टनर में गर्भधारण को लेकर बाधाएं आ रही हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ और एंडोमेट्रियोसिस विशेषज्ञ डॉ. स्मीत पटेल बताती हैं कि डायबिटीज से कई मायनों में पुरुषों की सेहत प्रभावित होती है, जिनमें यह समस्या भी शामिल है। आइए जानते हैं इस पर एक्सपर्ट और क्या बताते हैं तथा इससे बचाव के उपाय क्या हैं।
डायबिटीज के कारण पुरुषों में Infertility
पुरुषों में इंफर्टिलिटी एक बढ़ती हुई चिंता है जो कई हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़ी हुई है, जिनमें सबसे ऊपर मधुमेह है। टाइप-1 और टाइप-2 दोनों डायबिटीज पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं, जिसमें हार्मोनल इंबैलेंस, ब्लड सर्कुलेशन की समस्याएं और स्पर्म उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है।
डायबिटीज से Infertility के ये हैं 4 कारण-
1. हार्मोनल इंबैलेंस- डायबिटीज से स्पर्म प्रोडक्शन के लिए आवश्यक हार्मोन बाधित होते हैं। हाई ब्लड शुगर से टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है, जो शुक्राणु के विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है।
2. इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED)- ये मधुमेह से जुड़ी सबसे आम यौन समस्याओं में से एक है। खराब ब्लड सर्कुलेशन, मधुमेह की सामान्य जटिलताएं, इरेक्शन प्राप्त करने या बनाए रखने की क्षमता में बाधा डाल सकती हैं। इससे गर्भधारण करने में बड़ी समस्या आ सकती है।
3. स्पर्म काउंट- एक हेल्थ रिसर्च के अनुसार पाया गया कि डायबिटीज से स्पर्म काउंट और उनकी गुणवत्ता खराब हो सकती है।
4. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस- मधुमेह शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को बढ़ा सकता है, जिससे स्पर्म सेल्स को नुकसान पहुंचता है। हाई ब्लड शुगर से भी शुक्राणुओं पर प्रभाव पड़ता है और उनकी गुणवत्ता खराब होती है।
बेहतर प्रजनन क्षमता के लिए क्या करें?
1. ब्लड शुगर को नियंत्रित करना- इसमें ब्लड शुगर के स्तर को बनाए रखना सबसे जरूरी है। इसके लिए संतुलित आहार का सेवन करें तथा दवाओं की मदद लगती है तो उन्हें भी नियमित रूप से लेते रहें।
2. नियमित जांच- मधुमेह से पीड़ित पुरुषों को नियमित रूप से जांच करनी चाहिए, जिसमें ED और हार्मोनल इंबैलेंस की जांचें भी शामिल हैं। शुरुआती जांचों से इस समस्या का निदान हो सकता है।

फोटो क्रेडिट- फ्रीपिक
3. हेल्दी लाइफस्टाइल- फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और लाइट प्रोटीन से भरपूर संतुलित आहार खाएं। ये सभी चीजें डायबिटीज के प्रबंधन में सहायता कर सकती हैं। इसके अलावा, शारीरिक गतिविधियां भी जरूरी है।
4. स्ट्रेस मैनेजमेंट- तनाव से शुगर और प्रजनन क्षमता दोनों की समस्या बढ़ सकती है। इससे राहत पाने के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लें।
5. डॉक्टरी सलाह- अगर Infertility की समस्या गंभीर है तो किसी डॉक्टर से संपर्क करें। कई बार स्थितियां ऐसी नहीं होती हैं कि स्वयं उनका इलाज किया जा सके। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट का उपचार आपकी मदद कर सकता है।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें।News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।