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जन्म के कितने दिन बाद बच्चे को नहलाना चाहिए? डॉक्टर ने बताया सर्दियों में नवजात शिशु की कैसे करें देखभाल

Bathing Baby After Birth: बच्चे के जन्म के बाद अक्सर लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि बच्चे को कब नहलाना चाहिए. ऐसे में बच्चों के डॉक्टर बता रहे हैं कि जन्म के बाद पहली बार बच्चे को कब नहलाना सही है.

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डिलीवरी के बाद बच्चे को पहली बार कब नहलाना चाहिए, जानिए यहां. Image Credit - Pexels

Winter Tips For Newborns: बच्चा जन्म लेता है तो माता-पिता को उसकी सही देखरेख पर ध्यान देना जरूरी होता है. बहुत से लोगों को पता नहीं होता कि जन्म के बाद बच्चे को कब नहलाएं या किस तरह सर्दियों में उसकी देखभाल करें जिससे बच्चे के बीमार होने की संभावना रहती है. ऐसे में पीडियाट्रिशियन (Pediatrician) ने सभी की इस उलझन को दूर कर दिया है. इंस्टाग्राम हैंडल पर पोस्ट हुए एक वीडियो में बच्चों के डॉक्टर इमरान एस पटेल ने बताया है कि जन्म के कितने दिन बाद बच्चे को पानी से नहलाना चाहिए. साथ ही, डॉक्टर ने सर्दियों में बच्चे की देखरेख के टिप्स भी शेयर किए हैं.

बच्चे को जन्म के कितने दिन बाद नहलाएं

पीडियाट्रिशियन डॉ. इमरान एस पटेल ने बताया कि डिलीवरी (Delivery) के बाद सर्दियों में खासतौर से बच्चे की सही देखभाल करना जरूरी होता है. डॉक्टर ने बताया कि कई बार देखा जाता है कि पैदा होते ही बच्चे को नहलाना शुरू कर दिया जाता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए. जन्म के तुरंत बाद भी बहुत से लोग सबसे पहले बच्चे को नहलाने लगते हैं. ऐसा नहीं करना चाहिए बल्कि जन्म के बाद बच्चे को सबसे पहले उसकी मां को देना चाहिए. इसके बाद बच्चे को नहलाना नहीं है बल्कि स्पंज करना है यानी गीले स्पंज से उसके शरीर को पोंछना है.

बच्चे के जन्म के बाद पहले 10 दिन उसके शरीर को स्पंज से ही साफ करना है. स्पंजिंग आपको हल्के गर्म या गुनगुने पानी से करनी है. 11 दिन के बाद से आप बच्चे को पानी से नहला सकते हैं. इस समय तक बच्चे की एंबेलिकल कोर्ड यानी नाल निकल जाती है.

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यह भी पढ़ें – अगर बच्चा रात को ना सोए तो क्या करनाचाहिए? पीडियाट्रिशिन ने बताया किन 5 तरीकों से बच्चे को आएगी गहरी नींद

सर्दियों में इस तरह करें नवजात शिशु की देखभाल

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जिन बच्चों का वजन ढाई किलो से कम होता है या 2 किलो से कम होता है उनके साथ दिक्कत आती है क्योंकि इनमें फैट कम रहता है यानी चर्बी कम रहती है तो इनका थर्मोरेग्यूलेशन यानी जो टेम्परेचर मेंटेन करने की कैपेसिटी होती है वो कम रहती है. इन बच्चों को हाइपोथर्मिया की दिक्कत होती है. ऐसे में इन बच्चों का खासकर सही तरह से ध्यान रखना जरूरी होता है.

रात के समय तामपान कम होता है ऐसे में कमरे के तापमान को ज्यादा रखें. ऐसा आप कमरे में हीटर लगाकर या कोई और गर्म करने वाले उपकरण लगाकर कर सकते हैं.

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इस बात का खास ध्यान रखें कि आपको बच्चे को बहुत मोटा कपड़ा नहीं पहनाना है बल्कि उसे लेयरिंग में कपड़े पहनाने हैं. लेयर्स में बच्चे को 2 से 3 कपड़े पहनाएं. बच्चे को पैरों में जुराब, हाथ में ग्लव्स और सिर पर टोपी पहनाकर रखें.

अगर बच्चे का वजन कम है तो जरूर करें ये काम

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डॉक्टर की सलाह है कि अगर आपके बच्चे का वजन कम है तो कंगारू मदर केयर करें यानी स्किन टू स्किन कोंटेक्ट (Skin To Skin Contact) रखें. मां अपनी छाती से बच्चे को लगाकर रख सकती हैं. जिस तरह से कंगारू अपने बच्चे को रखता है उसी तरह से बच्चे को रखने की कोशिश करें. इससे बच्चे के शरीर का तापमान मेंटेन रहता है.

इन चीजों का ध्यान रखकर सर्दियों में बच्चे का ध्यान रखा जा सकता है. बच्चे को मां का दूध पिलाएं और स्किन टू स्किन कोंटेक्ट बनाकर रखें.

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यह भी पढ़ें – प्रजनन क्षमता को कम कर सकती हैं खाने की ये 5 चीजें, डॉक्टर ने कहा महिलाओं और पुरुषों में हो सकती है Infertility

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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