40 का होते ही घुटनों में होने लगा है दर्द तो रोजाना करें ये काम, डॉक्टर ने कहा जोड़ों की सूजन भी हो जाएगी कम

Joint Pain Home Remedies: घुटने में दर्द होना किसी बीमारी का लक्षण भी हो सकता है या यह उम्र बढ़ने के कारण होता है. ऐसे में डॉक्टर से जानिए घुटने में दर्द रहने लगे तो इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए.

Knee Pain Home remedies

घुटनों में बहुत ज्यादा दर्द हो तो क्या करें? Image Credits - Pexels

Joint Pain In 40s: उम्र बढ़ने के साथ ही कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी व्यक्ति को घेरने लगती हैं. इन्हीं दिक्कतों में से एक है घुटनों में दर्द होना. ओर्थोपेडिक डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने इसी बारे में बताते हुए अपने इंस्टाग्राम हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है और एक्सप्लेन किया है कि 40 की उम्र में घुटनों में दर्द (Knee Pain) क्यों होता है. डॉक्टर बताते हैं कि अगर आप 40 की उम्र के हो गए हैं और आपके घुटनों में दर्द शुरू हो गया है, खासकर जमीन से बैठकर उठने में और सीढ़ियां चढ़ने में दर्द होने लगा है तो यह ओस्टियोआर्थराइटिस की शुरुआत है. इसका मतलब है कि आपके घुटनों में ग्रीस की कमी हो गई है और कार्टिलेज का डिजनरेशन चालू हो गया है. यह आमतौर पर 40 की उम्र के आस-पास शुरू हो जाता है.

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घुटनों के दर्द से बचने के लिए क्या करें

मोटापा कंट्रोल

डॉक्टर का कहना है कि अगर आप उम्र बढ़ने के साथ घुटनों की बीमारियों से बचना चाहते हैं और चाहते हैं कि दर्द ना हो तो सबसे पहले अपना वजन कंट्रोल करने पर ध्यान दें. अगर आप ओवरवेट हैं तो खासकर अपने वजन को कम करने की कोशिश करें.

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एक्सरसाइज करना

अगर आप एक्सरसाइज नहीं करते हैं तो अब आपको अपने घुटनों को स्ट्रॉन्ग करने के लिए एक्सरसाइज करनी होगी. आपको अपने घुटनों की क्वाड्रिसेप्स मसल्स को स्ट्रॉन्ग करना होगा जिसके लिए अलग से एक्सरसाइज होती हैं जो आपको नियमित रूप से करनी होंगी. इससे घुटने पर स्ट्रेस कम पड़ेगा और दर्द कम होने लगेगा.

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दर्द वाली एक्टिविटी से दूरी बनाना

जिन भी एक्टिविटीज से आपको घुटनों में दर्द होता है उन्हें कम करें, जैसे नीचे बैठना या सीढ़ियों पर ज्यादा चढ़ना. इन एक्टिविटीज को जहां तक हो सके कंट्रोल कीजिए. लेवल वॉकिंग और टहलने से बिल्कुल परहेज ना करें. इससे घुटने को डैमेज नहीं होता है.

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घुटनों के लिए सप्लीमेंट्स लेना

डॉक्टर की सलाह है कि घुटनों का दर्द दूर रखने के लिए और घुटनों को मजबूत बनाने के लिए कुछ सप्लीमेंट्स लेने भी जरूरी हैं. ओमेगा-3 फैटी एसिड्स जो फिश ऑयल, अखरोट या अलसी के बीजों से मिलता है लेना शुरू करें. इसके अलावा एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट लें जैसे हल्दी वाला दूध वगैरह.

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इस बात का ध्यान रखें कि आपके घुटने जिंदगी भर आपके साथ चलने चाहिए. इसीलिए कम उम्र से ही घुटनों का ध्यान रखना जरूरी होता है.

ओस्टियोआर्थराइटिस के लक्षण क्या हैं?

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  • ओस्टियोआर्थराइटिस जोड़ों का रोग है जिसमें जोड़ों में दर्द रहने लहगता है.
  • इससे जोड़ों में अकड़न महसूस होती है.
  • जोड़ों से कटकट की आवाज आ सकती है.
  • घुटनों की गतिशीलता कम होने लगती है.
  • उठते-बैठते हुए घुटनों में दर्द रहने लगता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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