विश्व हेपेटाइटिस दिवस (World Hepatitis Day) हर साल आज ही के दिन यानी 28 जुलाई को मनाया जाता है. इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी को लेकर जागरूक करना है, ताकि हर किसी को इस छिपी बीमारी के बारे में जानकारी हो. बता दें कि इस बार के हेपेटाइटिस डे 2026 का थीम लेट्स ब्रेक इट डाउन (Let's Break it Down) यानी 'आइए इसे समझे और खत्म करें' रखा गया है.

दरअसल, हेपेटाइटिस एक ऐसी बीमारी है जो मुख्य रूप से लिवर को प्रभावित करती है. अगर समय रहते इसका पता न चले तो यह बीमारी लिवर सिरोसिस, लिवर फेलियर और लिवर कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है. आपको जानकर हैरानी होगी कि आज दुनियाभर में लाखों लोग इस बीमारी की चपेट में हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कई मरीजों को लंबे समय तक अपनी बीमारी का पता ही नहीं चल पाता. वैसे तो इसके प्रमुख प्रकार हेपेटाइटिस A, B, C, D और E हैं, लेकिन आज हम आपको 'B' के बारे में बताएंगे, जो बड़ी संख्या में लोगों को अपना शिकार बना रही है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: हेपेटाइटिस ए के क्या लक्षण हैं? आंखों के पीलेपन से लेकर पेशाब के रंग तक से पता चलेंगे Hepatiti

---विज्ञापन---

क्या होता है हेपेटाइटिस बी? कैसे बनाता है अपना शिकार

हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B) एक वायरल संक्रमण है, जो हेपेटाइटिस बी वायरस (HBV) के कारण होता है. यह वायरस संक्रमित खून, असुरक्षित इंजेक्शन, संक्रमित सुई, असुरक्षित शारीरिक संबंध और संक्रमित मां से नवजात शिशु तक पहुंच सकता है. इससे प्रभावित कई लोगों में शुरुआती समय में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते और वह आराम से रहते हैं. लेकिन इसका असर धीरे-धीरे दिखाई देने लगता है और कई तरह की मुश्किलें पैदा कर देता है. यही कारण है कि एक्सपर्ट्स समय-समय पर जांच कराने की सलाह देते हैं, खासकर उन लोगों को जिनके परिवार में ऐसा कोई इतिहास रहा हो.

---विज्ञापन---

हेपेटाइटिस बी के लक्षण कैसे दिखते हैं?

हेपेटाइटिस बी के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं. आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि, कई बार यह बीमारी लंबे समय तक बिना किसी संकेत के रहता है, जबकि कुछ लोगों में थकान, भूख कम लगना, मतली, उल्टी, बुखार, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, गहरे रंग का पेशाब और आंखों या त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया) जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. अगर ये समस्याएं लगातार बनी रहें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेकर जांच कराना बहुत जरूरी हो जाता है. क्योंकि समय पर पहचान होने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है और सही इलाज से स्थिति को काबू में किया जा सकता है.

---विज्ञापन---

हेपेटाइटिस बी से कैसे बचाएं अपने आप को?

इस गंभीर बीमारी से बचने के लिए अपनी आदतों में कुछ जरूरी बदलाव और जागरूकता की जरूरत है. अगर आप वक्त रहते इन बातों को समझ जाते हैं, तो आप इस बीमारी से अपने आपको बचा सकते हैं. बता दें कि, हेपेटाइटिस बी से बचाव का सबसे बेहतर तरीका टीका लगवाना (वैक्सीनेशन) माना जाता है. हालांकि, इसी के साथ जरूरी है कि आप खून लेते समय पहले उसकी सही से जांच कराएं, हमेशा नई और साफ सुई का इस्तेमाल करें. इसके अलावा अगर परिवार में किसी व्यक्ति को हेपेटाइटिस बी है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार अन्य सदस्यों की जांच कर उन्हें टीका लगवा दें. सही जानकारी, समय पर जांच और सावधानी अपनाकर आप इस संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं और लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: तेज बुखार, सिरदर्द और बदन दर्द ने बढ़ाई लोगों की चिंता, आखिर क्यों तेजी से फैल रहा है वायर

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.