हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: DiwaliIndia blocGyanesh KumarBigg Boss 20

Heart Attack: हार्ट अटैक में एक-एक सेकंड है कीमती, AIIMS के डॉक्टर ने बताया कैसे बचाएं मरीज की जान

Heart Attack Ke Lakshan: दिल की बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं और अटैक के मामले ज्यादा बढ़ रहे हैं.AIIMS के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर अंबुज रॉय ने बताया कि आखिर लोग कब इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है.

विज्ञापन
हार्ट अटैक के लक्षणों को जल्दी पहचानना और तुरंत ECG कराना बहुत जरूरी है. Image Credit- AI

हार्ट अटैक एक तरह की गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम है, जिसे पहले बढ़ती उम्र से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि अब कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं. ऐसे में दिल से जुड़ी समस्याओं के लक्षणों को पहचानना और सही समय पर मेडिकल मदद लेना बेहद जरूरी है. कई बार हार्ट अटैक के शुरुआती संकेतों को लोग गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह लापरवाही नुकसानदायक हो सकती है. इसको लेकर एम्स नई दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर अंबुज रॉय ने हार्ट अटैक के लक्षणों और इससे बचाव को लेकर लोगों को जानकारी दी है. उनके अनुसार, हार्ट अटैक के लक्षणों को जल्दी पहचानना और तुरंत ECG कराना बहुत जरूरी है. ऐसा करने से इंसान की जान बचाई जा सकती है. 

इसे भी पढ़ें- Sharad Pawar Health: सीने में सुई चुभने जैसा दर्द क्यों होता है? शरद पवार की बीमारी से समझें प्लूरिटिक पेन के कारण और लक्षण

क्या होता है हार्ट अटैक?

हार्ट अटैक को मेडिकल भाषा में मायोकार्डियल इंफार्क्शन (Myocardial Infarction) कहा जाता है. यह परेशानी तब पैदा होती है, जब दिल की मांसपेशियों तक खून पहुंचाने वाली कोरोनरी आर्टरी में रुकावट आ जाती है. आमतौर पर नसों में जमा फैट के ऊपर खून का थक्का बनने से ब्लड फ्लो बाधित हो सकता है. इसकी वजह से दिल की मांसपेशियों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाता और उन्हें नुकसान पहुंचने लगता है. अगर समय पर इलाज न मिले तो हालत और गंभीर हो सकती है. 

विज्ञापन

हार्ट अटैक के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

एम्स के कार्डियोलॉजी एक्सपर्ट डॉक्टर अंबुज रॉय का कहना है कि हार्ट अटैक के लक्षण हर इंसान में एक जैसे नहीं होते. किसी को सीने में तेज दर्द हो सकता है तो किसी को सिर्फ भारीपन या जलन महसूस हो सकती है. कई बार लोग इसे एसिडिटी समझने की गलती कर बैठते हैं. 

हार्ट अटैक के लक्षण

  • सीने में तेज दर्द होना
  • सीने में भारीपन महसूस होना
  • सीने में जलन होना
  • दर्द का हाथ, कंधे, पीठ, गर्दन या जबड़े तक पहुंचना 
  • सांस लेने में परेशानी होना 
  • अचानक ठंडा पसीना आना
  • चक्कर आना या बेहोशी महसूस होना
  • जी मिचलाना और अचानक कमजोरी होना 

हार्ट अटैक आने पर तुरंत क्या करें?

हार्ट अटैक के दौरान समय बहुत कीमती होता है. इसको लेकर एम्स से जुड़े मेडिकल रिसर्च और इमरजेंसी केयर का कहना है कि इमरजेंसी की पहचान और समय पर मेडिकल हेल्प देना बहुत जरूरी है. 

विज्ञापन
  • अगर किसी इंसान को हार्ट अटैक के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत 112 या 108 पर एंबुलेंस के लिए कॉल करें.
  • डॉक्टर अंबुज रॉय का कहना है कि हार्ट अटैक का खतरा होने पर जल्द से जल्द ECG कराना जरूरी है. इससे हार्ट अटैक की के बारे में जानने में मदद मिलती है और इसके बाद डॉक्टर को इलाज करने में आसानी हो जाती है. 
  • मरीज को ऐसे बैठाएं या आराम करने दें, जिसमें उसे सांस लेने में परेशानी न हो. उसे चलने-फिरने या मेहनत करने से रोका जा सके.
  • मेडिकल सहायता पहुंचने तक मरीज के पास रहें और उसकी सांस और होश पर नजर रखें. अगर उसकी हालत बिगड़ती है तो इमरजेंसी ऑपरेटर को तुरंत जानकारी दें. 
  • हार्ट अटैक में कुछ दवाओं की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन मरीज की मेडिकल हिस्ट्री के हिसाब से इलाज कराएं. 

हार्ट अटैक में CPR कब और कैसे दें?

  • हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट अलग-अलग होती हैं. हार्ट अटैक की वजह से कार्डियक अरेस्ट हो सकता है और कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक खून पंप करना बंद कर देता है. 
  • AIIMS के डॉक्टरों अक्षय कुमार और प्रवीण अग्रवाल का कहना है कि कार्डियक अरेस्ट में तुरंत CPR देना बहुत जरूरी होता है. इससे इंसान की जिंदगी को काफी हद तक बचाया जा सकता है. 
  • अगर कोई इंसान अचानक बेहोश हो जाए और नॉर्मल सांस न ले रहा हो या सिर्फ हांफ रहा हो, तो डॉक्टर की मदद जरूर लें. 

कैसे दें सीपीआर? 

  • छाती के बीचोंबीच दोनों हाथ रखकर जोर देना शुरू करें.
  • फिर मरीज की हर मिनट 100 से 120 बार छाती दबाएं. 
  • छाती को लगभग 5 से 6 सेंटीमीटर तक दबाएं और हर बार उसे नॉर्मल कंडीशन में आने दें. 
  • फिर डॉक्टर को बुलाकर मरीज की देखभाल करने के लिए कहें. 

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में क्या अंतर है?

  • अक्सर लोग हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन दोनों में अंतर है और इन दोनों में क्या अंतर है, आइए नीचे समझने की कोशिश करते हैं. 
  • हार्ट अटैक में दिल तक खून पहुंचाने वाली नस में रुकावट आ जाती है. वहीं, कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक धड़कना और खून पंप करना बंद कर देता है. 
  • हार्ट अटैक के दौरान मरीज अक्सर होश में रह सकता है, लेकिन कार्डियक अरेस्ट में इंसान अचानक बेहोश हो सकता है और सांस लेना बंद कर सकता है. 

हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या करें?

AIIMS के कार्डियोलॉजी एक्सपर्ट डॉक्टर अंबुज रॉय ने दिल की सेहत बेहतर रखने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव पर जोर दिया है. उनका कहना है कि लगातार बैठे रहना, स्ट्रेस , अनहेल्दी खानपान, तंबाकू खाना और हाई बीपी, डायबिटीज व बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा सकते हैं.

हार्ट अटैक का खतरा कम करने के लिए क्या करें? 

  • रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें, क्योंकि इससे दिल हेल्दी रहता है. 
    बुरी आदतों से बचें और सिगरेट पीने या शराब से दूरी बनाने की कोशिश करें. 
  • अपना वजन कंट्रोल करें और हेल्दी चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं. 
  • ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारी का टेस्ट कराते रहें और अगर कोई बीमारी है तो कंट्रोल करने की कोशिश करें.

इसे भी पढ़ें-  फेफड़ों के मरीजों के लिए जानलेवा हो सकती है प्रदूषित हवा, गिरते AQI में इन 5 बातों का जरूर रखें ख्याल

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola