✕
  • होम
  • लेटेस्ट न्यूज
  • देश
  • दुनिया
  • खेल
    • क्रिकेट
    • WWE
    • अन्य खेल
  • एंटरटेनमेंट
  • Photos
    • ऑटो
    • बिजनेस
    • एंटरटेनमेंट
    • देश
    • लाइफस्टाइल
    • खेल
    • गैजेट्स
    • दुनिया
    • Religion
    • Knowledge
    • Science
  • बिजनेस
    • Utility
  • हेल्थ
  • लाइफस्टाइल
    • ट्रैवल एंड टूरिज्म
  • प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • झारखंड
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • हिमाचल
    • मुंबई
  • ऑटो
  • ज्योतिष
  • More
    • वीडियो
    • ट्रेंडिंग
    • भारत एक सोच
    • Explainer
    • शिक्षा
    • Upcoming Elections
  • लेटेस्ट न्यूज
  • Live TV
  • देश
  • प्रदेश
  • दुनिया
  • खेल
  • एंटरटेनमेंट
  • Photos
  • बिजनेस
  • लाइफस्टाइल
  • ऑटो
  • गैजेट्स
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • वीडियो
  • Upcoming Elections
  • Assembly Election 2026
Trendingkhan sirtmcWeatherIran Israel War

---विज्ञापन---

हिंदी न्यूज़ / हेल्थ / सिर और गर्दन के कैंसर पर रोक लगाने में मददगार नर्व ब्लोकिंग दवा, Study में खुलासा

सिर और गर्दन के कैंसर पर रोक लगाने में मददगार नर्व ब्लोकिंग दवा, Study में खुलासा

Head And Neck Cancer: सिर और गर्दन में मिलने वाले इस प्रकार के कैंसर को स्क्वैमस सेल कैंसर भी (Squamous cell cancer) बोलते हैं। ये कैंसर सलाइवरी ग्लैंड्स में भी शुरू हो सकता है। एक नई स्टडी के अनुसार, नर्व ब्लॉकिंग दवाइयां ऐसे कैंसर को रोकने में कैसे मददगार हैं, जानिए।

Edited By: Deepti Sharma | Updated: Feb 29, 2024 17:04
सिर और गर्दन का कैंसर Image Credit: Freepik

---विज्ञापन---

Head And Neck Cancer:  एक नई रिसर्च से पता चला है कि नर्व की गतिविधि को मैनेज करने वाली दवाएं सिर और गर्दन के कुछ कैंसरों को बढ़ने से रोक सकती हैं। रिसर्चर ने बताया कि सेंसर नर्व ने इम्यूनिटी को स्पेसिफिक टी-सेल्स को उत्पन्न करने से रोककर ट्यूमर के विकास में तेजी लाने में मदद की, जो ट्यूमर टिश्यू के भीतर बीमारी से लड़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

क्या कहते हैं रिसर्चर

रिसर्चर ने कहा कि इस प्रकार नर्व ब्लोकिंग एजेंटों का इस्तेमाल रेडिएशन और अन्य वर्तमान में उपलब्ध उपचार के साथ किया जा सकता है। ह्यूमन ट्यूमर टिश्यू पर आरएनए सीक्वेंसिंग करके, रिसर्चर ने पाया कि सेंसर नर्व ने कैल्सीटोनिन (Calcitonin) नामक एक प्रोटीन जारी किया, एक जीन से जुड़ा पेप्टाइड जो सीधे ट्यूमर वातावरण में इम्यूनिटी सेल्स को रोकता है। आरएनए सीक्वेंसिंग (RNA sequencing) जीन को समझने में मदद करता है। यह देखा गया कि सर्जरी, जेनेटिक रूप से या दवाओं के इस्तेमाल के जरिए नसों को ब्लॉक करने से टी-सेल एक्टिविटी में वृद्धि होती है और लगभग छह सप्ताह तक कैंसर की स्पीड रुक जाती है। रिसर्चर ने कहा कि गबापेंटिन और बोटोक्स जैसी न्यूरल एक्टिविटी को ब्लॉक करने वाली दवाएं रेडिएशन उपचार के साथ उपयोग किए जाने पर विशेष रूप से प्रभावी पाई गईं।

इलाज पर क्या कहते हैं लेखक 

स्टडी के सीनियर राइटर और सीयू स्कूल ऑफ मेडिसिन में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के प्रोफेसर सना करम के अनुसार, उपचार में रेडिएशन के साथ सिनर्जिस्ट इफेक्ट हो सकता है और वर्तमान उपलब्ध उपचार के मुकाबले संभावित रूप से कम जहरीला हो सकता है। इसके पीछे के मैकेनिज्म की तह तक जाना चाहते हैं ताकि उन रोगियों के लिए बेहतर इलाज विकसित कर सकें, जो कीमोथेरेपी या रेडिएशन बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। नर्व एक्टिविटी को देख रहे हैं और उन्हें कैसे रोक सकते हैं और जांच कर रहे हैं कि यह कैंसर के विकास को कैसे प्रभावित करता है। ये भी पढ़ें- तुलसी से मिलते हैं गजब के फायदे! Disclaimer: उपरोक्त जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।


Topics:

HeadHead And Neck Cancerhealth news

---विज्ञापन---

© B.A.G Convergence Pvt. Ltd. 2024 : All Rights Reserved.