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आखिर क्यों घर के अंदर नहीं पहनने चाहिए जूते? डॉक्टर ने बताया कैसे सेहत के लिए हो सकता है हानिकारक

We Do Not Wear Footwear Inside Homes: अक्सर हम सभी घर के अंदर जूते पहनते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि इस आदत का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ सकता है? डॉक्टर का कहना है कि बाहर पहने गए जूतों के जरिए घर के अंदर गंदगी, बैक्टीरिया और हानिकारक चीजें आ जाती हैं.

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घर के अंदर क्यों नहीं पहनने चाहिए जूते?

Health Reasons For Taking Off Shoes At Home: घर में जूते पहनने की आदत आजकल बहुत ही आम हो गई है. हम बिना सोचे-समझे कमरे में या घर के अंदर जूते या चप्पल पहनकर आसानी से चले आते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि यह आदत हमारी सेहत के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है? जूते गंदगी को पैरों से बचाने के लिए पहने जाते हैं और वो सारी गंदगी, बैक्टीरिया और हानिकारक रसायन अपने अंदर सोख लेते हैं. ऐसे में अगर हम गंदे जूते घर के अंदर लेकर जाते हैं तो अनचाहे मेहमान हमारे घर के अंदर प्रवेश कर लेते हैं और हमारे घर में आतंक पहुंचाने का काम करते हैं. इसलिए शिकागो के डॉक्टर ने इस आम आदत को लेकर चेतावनी दी है और घर में नो शूज पॉलिसी को लागू करने की अपील की है.

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घर के अंदर क्यों नहीं लाने चाहिए जूते-चप्पल? | Ghar Ke Andar Jute Kyu Nahi Pahne Chahie

घर के अंदर क्यों नहीं पहनने चाहिए जूते?

एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसा करने से जूतों के तलवों पर जमी गंदगी घर के अंदर चली जाती है और पैरों के जरिए पूरे घर में फैल जाती है. इससे बीमारियां होने का खतरा दोगुना बढ़ जाता है. इसलिए लोगों को घर के अंदर जूते नहीं लेकर जाना चाहिए और इस आदत से परहेज करना चाहिए.

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बच्चों के लिए क्यों है खतरनाक?

यह आदत बच्चों के लिए जोखिम भरी हो सकती है. अगर आपका बच्चा फर्श पर खेलता है और चीजों को उठाकर मुंह में ले लेता है तो यह उसकी हेल्थ के लिए खतरनाक है. जूतों के जरिए आए बैक्टीरिया और वायरस बच्चों के संपर्क में आसानी से आ सकते हैं और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं.

घर में जूते पहनने से कौन-सी बीमारियां हो सकती हैं?

  • बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन होना
  • स्किन इंफेक्शन होना
  • टॉक्सिक केमिकल्स का असर होना
  • कमजोर इम्यूनिटी पर असर पड़ना
  • पेट से जुड़ी समस्याएं होना
  • एलर्जी होना
  • अस्थमा की बीमारी होना

क्या हो सकता है इस आदत का हल?

  • घर के बाहर जूते या चप्पल पहनने का नियम बनाएं.
  • दरवाजे पर जूतों का स्टैंड रखें और यही तक जूते रखना सीमित करें.
  • बच्चों को फर्श पर खेलने से पहले सफाई जरूर करें.
  • मेहमानों के लिए भी नियम तय करें और उन्हें घर के अंदर जूते लाने से मना करें.

जूते पहनने कहां सही है?

आप घर में जूते पहनने के लिए एक कोना तय करें. बेहतर होगा कि आप जूते पहनने का नियम बाथरूम के बाहर एक स्टूल रख दें और सभी को बता दें कि यह जगह जूते पहनने के लिए बनाई गई है. इसके अलावा, किचन, कमरे या लिविंग रूम से जूते बिल्कुल दूर रखें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है. 

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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