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सीने और पेट में दर्द को समझ रहे हैं मामूली एसिडिटी? AIIMS के डॉक्टर ने बताया गॉलस्टोन दे रहा धोखा

क्या आपको भी सीने में दर्द रहता है, जो एंटासिड लेने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है? आइए AIIMS के डॉक्टर से जानें ये कैसे हो सकता है गॉलस्टोन का संकेत.

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पित्त की पथरी के लक्षण कैसे दिखते हैं? (Image: AI)

खबर की मुख्य बातें:

  • गॉलस्टोन पित्ताशय में बनते हैं, जो लिवर के नीचे स्थित एक अंग है और पित्त को जमा करता है.
  • ये कोलेस्ट्रॉल या बिलीरुबिन जैसे पदार्थों के ठोस रूप लेने से बनते हैं, जो रेत के दाने से लेकर गोल्फ बॉल जितने बड़े हो सकते हैं.
  • AIIMS के डॉ. हेमांग कुमार भट्टाचार्जी के अनुसार, गॉलस्टोन के लक्षण तब दिखते हैं जब पथरी सिस्टिक डक्ट या बाइल डक्ट को ब्लॉक कर देती है, जिससे पित्ताशय का दौरा पड़ता है.
  • एसिडिटी में सीने में जलन होती है जो एंटासिड से ठीक हो जाती है, जबकि गॉलस्टोन का दर्द पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तेज होता है, कंधे या पीठ तक फैल सकता है, और एंटासिड से ठीक नहीं होता.

अक्सर लोगों को शरीर में होने वाली समस्या को दूसरी किसी बीमारी या पेरशानी से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं. यही नजरअंदाज करने की आदत, शरीर में पनप रही बीमारी को गंभीर बना देती है और एक वक्त ऐसा आता है कि शरीर बहुत कमजोर हो जाता है. इसलिए डॉक्टर सलाह देते रहते हैं कि शरीर में दिख रहे लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए, बल्कि दिख रहे लक्षणों को समझकर सही इलाज की तरफ जाया जाए. इसी में से एक समस्या है गॉलस्टोन की, जिसके लक्षण लोगों को ऐसा अनुभव कराते हैं कि मानों उन्हें एसिडिटी की समस्या है. आइए जानते हैं दोनों के बीच क्या फर्क है और गॉलस्टोन क्या है?

यह भी पढ़ें: लिवर सिरोसिस के इन 7 लक्षणों को कभी ना करें नजरअंदाज, AIIMS ने कहा Liver की बीमारी नहीं बढ़ेगी

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एंटासिड खाने के बाद भी नहीं मिल रहा आराम

जब सीने में दर्द होता है, तो आमतौर पर लोग इसे गैस से जोड़कर एंटासिड खाने लगते हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या कम नहीं होती है. ऐसी स्थिति के पीछे गॉलस्टोन कारण हो सकता है, जिसके बारे में AIIMS के डॉक्टर हेमांग कुमार भट्टाचार्जी (एम्स, नई दिल्ली) कई अहम बाते बताते हैं. डॉ. हेमांग कुमार भट्टाचार्जी के अनुसार, अगर आप कई महीनों से अगर आप कई महीनों से एंटासिड ले रहे हैं और दर्द बार-बार वापस आ रहा है, तो हो सकता है यह एसिडिटी बिल्कुल न हो. इसके पीछे गॉलस्टोन हो सकता है, ये एक ऐसी समस्या है, जिसे अक्सर गलत समझ लिया जाता है.

क्या है गॉलस्टोन?

डॉ. हेमांग कुमार भट्टाचार्जी वीडियो में गॉलस्टोन के बारे में बताते हैं कि हमारे शरीर लिवर के ठीक नीचे एक अंग होता है, गॉल ब्लैडर या पित्तशय, इसका काम होता है बाइल यानी पित्त को जमा करना, जो खाने में मौजूद फैट को पचाने में मदद करता है. जब इस बाइल में मौजूद प्रदार्थ, जैसे कि कोलेस्ट्रॉल या बिलीरुबिन जमकर ठोस रूप लेते हैं , तो ये गॉलस्टोन बन जाते हैं. डॉक्टर बताते हैं कि ये पथरी बहुत छोटे भी हो सकते हैं, जैसे रेत के दानें और कभी-कभी गोल्फ बॉल जितनी बड़ी भी हो सकती है. डॉक्टर इस गॉलस्टोन को लेकर साफ बताते हैं कि जिन लोगों को ये समस्या होती है उन्हें पता ही नहीं चलता है कि उनके गॉल ब्लैडर में स्टोन बन रहा है.

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कब गॉलस्टोन दिखाती लक्षण?

AIIMS डॉ. हेमांग कुमार भट्टाचार्जी के अनुसार, जब पथरी हिलकर सिस्टिक डक्ट या बाइल डक्ट को ब्लॉक कर देती है, तो इसका रिजल्ट गॉल ब्लैडर अटैक होता है, जो मरीज के लिए सबसे दर्दनाक अनुभावों में से एक हो सकता है.

एसिडिटी से कैसे अलग है गॉलस्टोन का दर्द

डॉ. हेमांग कुमार भट्टाचार्जी बताते हैं कि एसिडिटी की समस्या में आमतौर पर सीने में जलन होता है, जो एंटासिड लेने पर ठीक हो जाता है. लेकिन गॉलस्टोन का दर्द काफी अलग होता है. डॉक्टर बताते हैं कि, गॉलस्टोन के दर्द में पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तेज दर्द, दाहिने कंधे या पीठ तक दर्द फैलना, फैटी या ऑयली खाना खाने के बाद मतली और 30 मिनट से ज्यादा रहने वाला दर्द शामिल हो सकता है, जो एंटासिड से ठीक नहीं होता.

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यहां देखें वीडियों:

किन-किन कारणों हो सकीत है गॉलस्टोन की समस्या?

  • सवाल उठता है कि आखिर गॉलस्टोन की समस्या पैदा कैसे हो सकती है? इसको लेकर डॉ. बताते हैं ये समस्या प्रेग्नेंसी से पहले या बाद में,
  • 40 साल से ऊपर की उम्र
  • या मोटापा या बहुत तेजी से वजन घटना
  • ऐसा खाना खाना, जिसमें ज्यादा फैट हो और फाइबर कम हो.

कैसे ठीक हो सकती है गॉलस्टोन की समस्या?

डॉ. हेमांग कुमार भट्टाचार्जी के अनुसार, आम अल्ट्रासाउंड की मदद से इस समस्या का पता लगाया जा सकता है. ये आसान और बिना दर्द वाला भरोसेमंद जांच है. लेकिन ध्यान रखें कि इसका इलाज लक्षणों पर निर्भर करता है.

  • अगर कोई लक्षण नहीं है, तो डॉक्टर सिर्फ निगरानी रख सकते हैं.
  • अगर लक्षण हैं, तो गॉल ब्लैडर को हटाने की सर्जरी की जाती है, जिसे कोलेसिस्टेक्टॉमी कहते हैं.
  • सर्जरी के बाद रिकवरी आमतौर पर जल्दी हो जाती है और ज्यादातर मरीजों को 24 घंटे के अदंर डिस्चार्ज कर दिया जाता है.

यह भी पढ़ें: Kidney Stone: कमर के एक तरफ अचानक उठा दर्द? किडनी स्टोन का हो सकता है ये शुरुआती संकेत

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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