फ्रिज का पानी पीते ही पाचन क्यों रुक जाता है? आयुर्वेदिक डॉक्टर से जानिए ठंडा पानी पीने के नुकसान

Thanda Pani Peene Ke Nuksan: फ्रिज का ठंडा पानी तुरंत राहत जरूर देता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में पीना पाचन तंत्र के लिए सही नहीं माना जाता. शरीर के लिए नॉर्मल तापमान या हल्का गुनगुना पानी ज्यादा लाभदायक होता है. 

Thanda Pani Peene Ke Nuksan

ठंडा पानी कब और कैसे पीना चाहिए? Image Credit- News24

विज्ञापन

Thanda Pani Se Kya Hota Hai: गर्मियां दस्तक दे चुकी हैं और लोगों के घरों में एसी या ठंडे पानी के इस्तेमाल किया जाने लगा है. गर्म हवाओं के बीच ठंडा पानी पीना हर किसी को पसंद होता है. कई लोगों की फ्रिज में रखे पानी से ही प्यास बुझती है. आयुर्वेद के अनुसार, फ्रिज का ठंडा पानी अच्छा तो लगता है, लेकिन हेल्थ को कई तरह से नुकसान पहुंचाने का करता है. कई आयुर्वेदिक डॉक्टर मानते हैं कि फ्रिज का ठंडा पानी पीने से पाचन प्रक्रिया पर बुरा असर पड़ सकता है. आयुर्वेद में पाचन शक्ति को डाइजेस्टिव फायर कहा जाता है. यह अग्नि जितनी मजबूत होती है, खाना उतना ही अच्छे से पचता है, लेकिन जब हम बहुत ठंडा पानी पीते हैं तो यह अग्नि कमजोर पड़ जाती है और पाचन धीमा हो सकता है. आइए जानते हैं फ्रिज का पानी क्यों नहीं पीना चाहिए. 

इसे भी पढ़ें- छाले किसकी कमी से होते हैं? डॉक्टर ने बताया सिर्फ जैल लगाने से नहीं जाएगी यह दिक्कत

विज्ञापन

क्या फ्रिज का पानी पीते ही पाचन क्यों रुक जाता है? 

आयुर्वेद के अनुसार, ठंडा पानी पेट की पाचन अग्नि को कमजोर कर देता है. जब आप खाने के तुरंत बाद फ्रिज का पानी पीते हैं तो पेट में मौजूद एंजाइम की क्रिया धीमी पड़ जाती है. इससे खाना ठीक से नहीं पचता और अपच या गैस की समस्या हो सकती है. 

ठंडा पानी पीने के नुकसान

साइनस की समस्या- फ्रिज का बहुत गले के लिए अच्छा नहीं है. इसका लगातार सेवन करने से गले में खराश, खांसी या सर्दी की समस्या हो सकती है. कई लोगों को साइनस की समस्या हो जाती है. 

फैट जमा होने का खतरा- कुछ आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का मानना है कि बहुत ठंडा पानी शरीर में मौजूद फैट को कठोर बना सकता है. इससे शरीर में फैट जमा होने लगता है. 

विज्ञापन

मेटाबॉलिज्म पर असर- बहुत ठंडा पानी पीने से शरीर को सामान्य तापमान पर लाने के लिए ज्यादा ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है. इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म असंतुलित हो सकता है और पाचन तंत्र पर दबाव बढ़ सकता है. 

कब्ज की समस्या- आप रोजाना बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीते हैं तो यह आंतों की गति को धीमा कर सकता है. इससे कब्ज की समस्या भी हो सकती है और पेट साफ होने में दिक्कत महसूस हो सकती है. 

विज्ञापन

ठंडा पानी कब और कैसे पीना चाहिए?

आयुर्वेद में नॉर्मल या हल्का गुनगुना पानी पीने की सलाह दी जाती है. अगर आपको ठंडा पानी पीना ही है तो कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. 

  • ठंडा पानी पीने के लिए आप मटके का इस्तेमाल करें. 
  • खाना खाने के तुरंत बाद फ्रिज का पानी ना पिएं. 
  • बहुत ज्यादा ठंडा पानी एकदम से ना पिएं. 
  • सुबह खाली ठंडे पानी के बजाय पेट गुनगुना पानी पीएं. इससे पाचन बेहतर होता है.

इसे भी पढ़ें- क्या मोबाइल के इस्तेमाल से बढ़ता है ब्रेन ट्यूमर का खतरा? जानिए क्या है पूरा सच और इस बीमारी के शुरुआती लक्षण

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ