बवासीर में सबसे ज्यादा क्या खाना चाहिए? यहां जानिए कैसी होनी चाहिए Piles के मरीज की डाइट

Foods To Eat In Piles: बवासीर होने पर दिक्कत और ज्यादा ना बढ़ जाए इसीलिए खानापन का खास ख्याल रखना जरूरी होता है. ऐसे में यहां जानिए वो कौन सी चीजें हैं जो बवासीर के मरीज को अपनी डाइट में जरूर शामिल करनी चाहिए.

Piles Diet

Bawasir Me Kya Khana Chahiye: बवासीर के मरीज को क्या खाना चाहिए जानिए यहां.

Piles Diet: बवासीर एक ऐसी कंडीशन है जिसमें व्यक्ति के रेक्टम या मलद्वार और मलाशय में हेमोरॉइड्स (Hemorrhoids) पनपने लगते हैं. ये फूली हुई नसें मलत्याग के समय कटने-फटने लगती हैं जिससे दर्द होता है और खून बहने लगता है. इस कंडीशन को ही बवासीर (Bawasir) कहा जाता है. बवासीर में डॉक्टर इलाज के साथ ही खानपान को सही करने पर जोर देते हैं. बवासीर में सही खानपान की बड़ी भूमिका होती है और इसीलिए बवासीर के मरीज को यह पता होना जरूरी है कि उसकी डाइट कैसी होनी चाहिए. ऐसे में यहां जानिए बवासीर के मरीज को क्या खाना चाहिए जिससे उसकी तबीयत और ज्यादा ना बिगड़े और आराम महसूस होने लगे.

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बवासीर के मरीज को क्या खाना चाहिए

बवासीर के मरीज को अपने खानपान में फाइबर बढ़ाने के लिए कहा जाता है जिससे कि मल मुलायम हो सके और शरीर से आसानी से बाहर निकल जाए. मल अगर बहुत ज्यादा कड़ा होता है तो इससे मलत्याग करना और ज्यादा मुश्किल हो जाता है. फाइबर से भरपूर चीजों में सेब, ब्रान, नाशपाती, हरी मटर, शकरकंद, आलू और बींस खाए जा सकते हैं.

इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि पानी पर्याप्त मात्रा में पिया जाए. पानी की कमी बवासीर को बढ़ा सकती है. पानी के अलावा अन्य लिक्विड्स जैसे जूस और क्लियर सूप वगैरह लिए जा सकते हैं.

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बवासीर के मरीज को क्या नहीं खाना चाहिए

खानपान की ऐसी कुछ चीजें हैं जो बवासीर में हेमोरॉइड्स को कम होने से रोकती हैं और बवासीर की दिक्कत को बढ़ा सकती है. ऐसे में कुछ चीजों को खाने से परहेज करना चाहिए. चीज, चिप्स, बाहर का खाना, आइसक्रीम, मीट और फ्रोजन फूड्स नहीं खाने चाहिए.

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कभी ना करें ये गलतियां

  • अगर आपको बवासीर हो गया है या बवासीर की पहली स्टेज ही है तो मलत्याग करते हुए फोन ना चलाएं. फोन चलाते हुए मलत्याग करना बवासीर होने का कारण बनता है.
  • बहुत देर तक टॉयलेट में बैठे रहने से परहेज करें. मलत्याग करते हुए जोर लगाया जाए तो इससे भी बवासीर बढ़ती है.
  • गर्म पानी में बैठने से भी फायदा मिलता है. इससे मलद्वार को आराम मिलता है.
  • बहुत देर तक बैठकर काम करने से परहेज करें और मलद्वार पर प्रेशर ना पड़े इस बात का ध्यान रखें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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