PCOD And PCOS Symptoms: पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) सिस्टमेटिक मेटाबॉलिक एंडोक्रिन डिसोर्डर है और पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज (PCOD) थोड़ी कम गंभीर कंडीशन है जो लड़कियों को प्रभावित करती है. इन कंडीशनंस में हार्मोनल इंबैलेस होता है, पीरियड्स (Periods) प्रभावित होते हैं, पीसीओएस में ओवेरियन सिस्ट होने लगते हैं, शरीर में पुरुष वाले हार्मोन बढ़ने लगते हैं और पीसीओडी में एक्ने, वजन बढ़ने और बालों के पतले होने से जैसे लक्षण दिखते हैं. लेकिन, पीसीओएस और पीसीओडी के लक्षण शरीर पर ही नहीं दिखते बल्कि इमोशनली भी अफेक्ट करते हैं और आप क्या फील कर रही हैं इससे भी इन कंडीशंस को पहचाना जा सकता है.

पीसीओएस और पीसीओडी के इमोशनल लक्षण | PCOS And PCOD Emotional Symptoms

चिंता होना - डॉक्टर ने बताया कि अगर आपको पीसीओडी या पीसीओएस हो गया है तो हर समय चिंता रहती है और रेस्टलेस फील होता है. ओवरथिंकिंग भी इन कंडीशंस का लक्षण है.

---खबर नीचे जारी है---

इंटरेस्ट कम होना - पीसीओडी या पीसीओएस के कारण आपको उन चीजों में रुचि आना बंद हो जाता है जो कभी आपको बहुत अच्छी लगा करती थीं.

---खबर नीचे जारी है---

नींद आने में दिक्कत - नींद से जुड़ी दिक्कतें होने लगती हैं. हर समय नींद आती है या थका हुआ महसूस होता है. यह शरीर और दिमाग दोनों के एग्जॉस्ट होने का साइन है.

---खबर नीचे जारी है---

नेगेटिव फील होना - खुद को लेकर दिमाग में नेगेटिव बातें आती हैं अपनी इमेज खुद को नेगेटिव लगने लगती है और सेल्फ डाउट होता है.

---खबर नीचे जारी है---

ये भी हो सकते हैं लक्षण

---खबर नीचे जारी है---

  • पीरियड्स समय पर नहीं आते हैं. कई बार पीरियड्स मिस भी हो जाते हैं.
  • बहुत ज्यादा मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग हो सकती है.
  • एक्ने होने लगता है. चेहरे के अलावा पीठ के पीछे और छाती के ऊपर भी दाने निकलने लगते हैं
  • चेहरे पर, पेट पर, छाती पर और पीठ पर सामान्य से ज्यादा बाल निकलने लगते हैं.
  • वजन बढ़ने लगता है.
  • बालों का झड़ना शुरू हो जाता है.
  • गर्दन, स्तन और जननांगों की त्वचा का रंग गहरा होने लगता है.

कौन से टेस्ट करवाने पर PCOS और PCOD का पता चलता है

पेल्विक एग्जामिनेशन होता है जिसमें रिप्रोडक्टिव ओर्गन टेस्ट किए जाते हैं. ब्लड टेस्ट में हार्मोन लेवल्स चेक होते हैं, लिपिड प्रोफाइल की जांच होती है और कॉलेस्ट्रोल, ट्राइग्लाइसेराइड्स लेवल्स और ग्लूकोज टोलरेंस टेस्ट होता है. इसके अलावा अलट्रासाउंड से ओवरीज का साइज और सिस्ट की जांच की जाती है.

अस्वीकरण - इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.