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तनाव होते ही क्यों फ्रिज की तरफ दौड़ते हैं आप? समझिए क्या है 'इमोशनल ईटिंग' और इसे रोकने के आसान तरीके

तनाव में क्यों लगती है ज्यादा भूख? (Image: AI)
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अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि जब भी वह तनाव में रहते हैं, तो उन्हें सामान्य से ज्यादा भूख लगने लगती है. दरअसल, तनाव के दौरान बार-बार कुछ खाने का मन होना सिर्फ आदत नहीं, बल्कि शरीर की तनाव प्रतिक्रिया से जुड़ा हो सकता है. शुरुआत में तनाव भूख को दबा सकता है, क्योंकि शरीर एड्रेनालिन रिलीज करता है और ‘फाइट-ऑर-फ्लाइट’ स्थिति में चला जाता है. लेकिन तनाव लंबे समय तक बना रहे तो कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ सकता है, जो भूख और खाने की इच्छा को बढ़ाता है. खासकर ज्यादा फैट और शुगर वाले ‘कम्फर्ट फूड’ तनाव से जुड़ी भावनाओं को कुछ समय के लिए कम महसूस करा सकते हैं.

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‘इमोशनल ईटिंग’ में हार्मोन्स का क्या रोल है?

Harvard के अनुसार, लगातार तनाव रहने पर बढ़ा हुआ कॉर्टिसोल खाने की तलब को प्रभावित कर सकता है. रिसर्च में तनाव, खाने की पसंद और वजन बढ़ने के बीच संबंध भी देखा गया है. तनाव के दौरान कई अध्ययनों में ज्यादा फैट और शुगर वाले भोजन का सेवन बढ़ने की बात सामने आई है. कॉर्टिसोल के साथ इंसुलिन का स्तर भी इस प्रक्रिया में भूमिका निभा सकता है. इसके अलावा घ्रेलिन, जिसे ‘हंगर हार्मोन’ कहा जाता है, भी तनाव और भूख के संबंध में भूमिका निभा सकता है.

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इमोशनल ईटिंग रोकने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

तनाव में ओवरईटिंग से बचने के लिए आप कुछ आदतों को नियमित रूप से अपनाएंगे, तो इस समस्या से काफी हद तक बाहर आ सकते हैं. Harvards के अनुसार,

मेडिटेशन: कई स्टडीज से पता चलता है कि ध्यान करने से तनाव कम होता है. अगर आप नियमित रूप से ध्यान लगाएंगे, तो आपका मन शांत होगा और बार-बार खाने की क्रेविंग भी कम होगी.

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एक्सरसाइज: एक्सरसाइज जितना ज्यादा और लंबे समय तक किया जाए तो कोर्टिसोल का स्तर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन कुल मिलाकर एक्सरसाइज तनाव के कुछ नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकती है.

सोशल सपोर्ट: सोशल सपोर्ट यानी दोस्तों, परिवार और करीबी लोगों का साथ तनाव कम करने में मदद करता है. रिसर्च के मुताबिक, अस्पताल की इमरजेंसी जैसी तनावपूर्ण जगहों पर काम करने वाले लोगों का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है, जब उन्हें पर्याप्त भावनात्मक और सामाजिक सहयोग मिलता रहता है. हालांकि, कम तनाव वाली जिंदगी जीने वाले लोगों को भी मुश्किल समय में दोस्तों और परिवार के सहारे की जरूरत होती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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SOURCE: Harvard Health Publishing

First published on:

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