Eating Disorder: खाना खाना जरूरी होता है। कुछ लोगों को खाना खाने को लेकर डर लगता है, ऐसा अक्सर बचपन में होता है। आपने देखा होगा कि छोटे बच्चों को ज्यादातर खाना खाने की बात सुनते ही डर लग जाता है, कुछ लोगों के साथ यह समस्या बड़े होकर भी बनी रहती है। इसे एक टर्म ARFID के नाम से जाना जाता है। ARFID की फुलफॉर्म है Avoidant/Restrictive Food Intake Disorder यानी खाना खाने से जुड़े विकार। इसमें खाने को लेकर लोगों में एक खौफ होता है कि कहीं खाना उनके गले में चोक न हो जाए।
क्या है ARFID
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर फेथ कोलेमन जो कि न्यू मेक्सिको स्कूल ऑफ मेडिसिन के छात्र रह चुके हैं, उन्होंने इस टर्म को लेकर जानकारी दी है कि ARFID एक ऐसा ईटिंग डिसऑर्डर है जिसमें लोगों को खाना चुन-चुनकर खाने की आदत लग जाती है। इस बीमारी में इंसान खाने के रंग, खुशबू और सूरत को देखकर खाना खाने का मन बनाता है या नहीं बनाता है।

फोटो क्रेडिट- फ्रीपिक
पिकी ईटिंग से कैसे अलग है ARFID?
पिकी ईटिंग ऐसा रोग है जो अक्सर बच्चों को होता है और कई हद तक बचपने में खत्म भी हो जाता है। मगर ARFID की बीमारी में इंसान के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जो आगे चलकर गंभीर हो सकती है। कुछ लोगों को इस बीमारी से जान जाने का भी जोखिम रहता है।
ARFID के कारण
हालांकि, यह बीमारी खाने से जुड़ी एक नई समस्या है, इसके कारणों में चिंता, डर और घबराहट को शामिल किया गया है। ARFID को आसपास के वातावरण और जेनेटिक्स से भी जोड़ा गया है।
कौन होते हैं शिकार?
ARFID से अधिकांश बच्चे प्रभावित होते हैं लेकिन किसी भी उम्र के लोगों के साथ ऐसा हो सकता है। ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि कुछ बच्चों को बचपन में जबरदस्ती खाना खिलाया जाता था, आपने देखा होगा कई मां-बाप ऐसा करते हैं। यह डर उन्हें भविष्य में भी परेशान करता है। इसके अलावा, अगर किसी पीड़ित की जिंदगी में कोई भयावह दुर्घटना घटी है तो उनमें भी खाने से जुड़ी ऐसी समस्या हो सकती है।
ARFID के संकेत
इस बीमारी के कुछ खास संकेत नहीं है जो समझने में मुश्किल हो। कब्ज, एसिडिटी, पेट दर्द और ऐंठन होना इसके कुछ शुरुआती संकेत है।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें।News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।